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‘वायु’ का असर: हरियाणा में 23 जून तक बूंदाबांदी और हल्की बारिश के आसार, ऐसा रहेगा मौसम
Tue, 18 Jun 2019 11:45 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Jun 2019 11:45 AM IST
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मानसून का असर
- फोटो : फाइल फोटो
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‘वायु’ चक्रवात और पश्चिमी हलचलों ने मिलकर हरियाणा की फिजा में ठंडक घोल दी है। अगले छह दिन भी मौसम गड़बड़ रहने वाला है। प्री मानसून की गतिविधियों के चलते सोमवार को भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश हुई, जिससे बीते दो दिनों में तापमान 12 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने 23 जून तक प्रदेश में बादलों के बने रहने का अनुमान लगाया है।
मौसम विभाग के रिकार्ड के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में बीते 24 घंटे में 0.5 एमएम बारिश हुई, हालांकि मानसून की सुस्त रफ्तार की वजह से जून के 17 दिनों में इस क्षेत्र में 63 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हरियाणा में मौसम इसलिए मेहरबान हुआ कि इस क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र पहले से बना हुआ था। उसके बाद ‘वायु’ चक्रवात ने अरब सागर से नमी लगा मौसम की रंगत बदल दी।
सोमवार को करनाल समेत कई जगहों पर नमी 80 प्रतिशत तक बढ़ गई। वहीं, नारनौल में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री पर आ गया। यहां प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया और पारा सामान्य से 10 डिग्री तक नीचे चला गया। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पिछले दो दिनों में पारा 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। हिसार में दो दिनों में 44.1 एमएम बारिश हुई।
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दो दिनों की बारिश से किसानों के भी चेहरे खिल गए हैं और उनकी नरमा की फसल में भी नई जान आ गई है। किसानों को धान और कपास की बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 21 जून तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान तेज हवाओं और गरज व चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है।
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मौसम विभाग के रिकार्ड के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में बीते 24 घंटे में 0.5 एमएम बारिश हुई, हालांकि मानसून की सुस्त रफ्तार की वजह से जून के 17 दिनों में इस क्षेत्र में 63 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हरियाणा में मौसम इसलिए मेहरबान हुआ कि इस क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र पहले से बना हुआ था। उसके बाद ‘वायु’ चक्रवात ने अरब सागर से नमी लगा मौसम की रंगत बदल दी।
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सोमवार को करनाल समेत कई जगहों पर नमी 80 प्रतिशत तक बढ़ गई। वहीं, नारनौल में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री पर आ गया। यहां प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया और पारा सामान्य से 10 डिग्री तक नीचे चला गया। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पिछले दो दिनों में पारा 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। हिसार में दो दिनों में 44.1 एमएम बारिश हुई।
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दो दिनों की बारिश से किसानों के भी चेहरे खिल गए हैं और उनकी नरमा की फसल में भी नई जान आ गई है। किसानों को धान और कपास की बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 21 जून तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान तेज हवाओं और गरज व चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है।
यूं रहेगा मौसम का रुख
18 जून- बादलवाई एवं गरज-चमक के साथ धूलभरी हवाएं और बारिश
19 जून - आंशिक बादल एवं गरज-चमक के साथ धूलभरी हवाएं और बूंदाबांदी
20-21 जून- आंशिक बादल, कहीं-कहीं बूंदाबांदी
22-23 जून - आंशिक बादल
हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पश्चिमी विक्षोभ का असर पहले से ही था। गुजरात में आए ‘वायु’ चक्रवात ने भी हरियाणा में नमी बढ़ा दी है। इसके चलते कई दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
- मदन लाल खीचड़, मौसम वैज्ञानिक, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार
19 जून - आंशिक बादल एवं गरज-चमक के साथ धूलभरी हवाएं और बूंदाबांदी
20-21 जून- आंशिक बादल, कहीं-कहीं बूंदाबांदी
22-23 जून - आंशिक बादल
हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पश्चिमी विक्षोभ का असर पहले से ही था। गुजरात में आए ‘वायु’ चक्रवात ने भी हरियाणा में नमी बढ़ा दी है। इसके चलते कई दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
- मदन लाल खीचड़, मौसम वैज्ञानिक, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार