{"_id":"65e33adf3c006353bd043344","slug":"education-officers-will-be-held-responsible-if-there-are-deficiencies-in-the-basic-facilities-of-schools-chandigarh-news-c-16-pkl1010-366255-2024-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में खामी मिली तो शिक्षा अधिकारी होंगे जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में खामी मिली तो शिक्षा अधिकारी होंगे जिम्मेदार
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने जारी किए निर्देश
कहा- स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए जारी किया जा चुका है बजट
चंडीगढ़। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए अब जिले के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। शिक्षा मंत्री की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों के मुताबिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त बजट दिया जा चुका है। इसके बाद पेयजल, शौचालय व शिक्षण सुविधाओं के संबंध में कोई मामला संज्ञान में आता है तो इसके लिए जिले के संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को जल्द ही पत्र लिखा जाएगा। हाल ही में शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर व अधिकारियों के बीच बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जिसमें स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि पिछले साल स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई थी। उसके बाद हरियाणा सरकार ने हलफनामा दायर कर स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। इसके मुताबिक पेयजल, शौचालय और बिजली के कनेक्शन की सुविधा सभी स्कूलों में उपलब्ध करवा दी गई है। साथ ही 1372 क्लासरूम का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्राचार्य के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे
बैठक में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर भी चर्चा हुई। इसमें बताया कि हाईकोर्ट की ओर से प्राचार्यों की पदोन्नति पर रोक लगाई गई है। इस संबंध में विभाग लीगल सेल से चर्चा करेगा और कोई रास्ता निकालकर प्राचार्य के रिक्त पद भरे जाएंगे। वहीं, स्कूलों में ग्रुप डी के रिक्त पदों पर भी चर्चा हुई। इस बारे में शिक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि एचआरकेएन की ओर से जब तक ग्रुप डी की भर्ती नहीं होती, तब तक एसएमसी अपने स्तर पर पार्ट टाइम कर्मचारियों को लगवा सकती है, ताकि विद्यालयों का कार्य सुचारू रूप से जारी रहे।
विज्ञापन
कहा- स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए जारी किया जा चुका है बजट
चंडीगढ़। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए अब जिले के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। शिक्षा मंत्री की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों के मुताबिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त बजट दिया जा चुका है। इसके बाद पेयजल, शौचालय व शिक्षण सुविधाओं के संबंध में कोई मामला संज्ञान में आता है तो इसके लिए जिले के संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को जल्द ही पत्र लिखा जाएगा। हाल ही में शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर व अधिकारियों के बीच बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जिसमें स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि पिछले साल स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई थी। उसके बाद हरियाणा सरकार ने हलफनामा दायर कर स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। इसके मुताबिक पेयजल, शौचालय और बिजली के कनेक्शन की सुविधा सभी स्कूलों में उपलब्ध करवा दी गई है। साथ ही 1372 क्लासरूम का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्राचार्य के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे
बैठक में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर भी चर्चा हुई। इसमें बताया कि हाईकोर्ट की ओर से प्राचार्यों की पदोन्नति पर रोक लगाई गई है। इस संबंध में विभाग लीगल सेल से चर्चा करेगा और कोई रास्ता निकालकर प्राचार्य के रिक्त पद भरे जाएंगे। वहीं, स्कूलों में ग्रुप डी के रिक्त पदों पर भी चर्चा हुई। इस बारे में शिक्षा मंत्री ने सुझाव दिया कि एचआरकेएन की ओर से जब तक ग्रुप डी की भर्ती नहीं होती, तब तक एसएमसी अपने स्तर पर पार्ट टाइम कर्मचारियों को लगवा सकती है, ताकि विद्यालयों का कार्य सुचारू रूप से जारी रहे।
विज्ञापन