चंडीगढ़। शहर के निजी स्कूलों की मनमानी और चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की अनदेखी के खिलाफ बुधवार को परिजनों ने प्रदर्शन किया। पैरेंट्स यूनिटी फॉर जस्टिस के बैनर तले सेक्टर-19 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर कई परिजन अपने बच्चों के साथ एकत्रित हुए और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
अभिभावकों ने कहा कि लॉकडाउन के समय से ही निजी स्कूलों की ओर से की जा रही मनमानी, नाजायज फीस वसूली, बच्चों को फीस के लिए तंग करने, उन्हें ऑनलाइन ग्रुप में से निकालने आदि की कई शिकायतें परिजन शिक्षा विभाग को भेज चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने अब तक किसी भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की है। कहा कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से ऐसा मालूम होता है जैसे निजी स्कूलों के सामने घुटने टेक दिए हैं। अभिभावकों ने कहा कि शिकायत करने पर कार्रवाई करने की बजाय अभिभावकों को ही एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के दफ्तर के चक्कर कटवाए जाते हैं, इसलिए मजबूर होकर उन्हें प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा है। प्रदर्शन में पहुंचे समाजसेवी सतनाम सिंह दाऊं ने बताया कि वह पिछले कई साल से निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लड़ाई लड़ते आ रहे हैं, लेकिन कोरोना काल में स्कूलों ने जितनी लूट मचाई है, उतनी उन्होंने कभी नहीं देखी। अभिभावकों की कमाई पर लॉकडाउन के नुकसान के बावजूद स्कूलों द्वारा फीस में कोई रियायत नहीं दी गई और अब तो अगले सेशन के लिए स्कूलों की फीस बढ़ाने की मंजूरी भी स्कूलों ने चंडीगढ़ प्रशासन से ले ली है। हालांकि, स्कूलों का खर्चा नाममात्र का हो रहा है, बहुत सारे अध्यापकों व अन्य स्टाफ को भी निजी स्कूलों ने निकाल दिया है, लेकिन तब भी परिजनों से पूरी, बल्कि अब बढ़ी हुई फीस वसूलने के हर हथकंडे अपना रहे हैं। किसी भी निजी स्कूल ने आज तक अपनी बैलेंस शीट नहीं दिखाई है, जिससे साबित होता है कि इन स्कूल माफिया को लॉकडाउन में भी कोई नुकसान नहीं हुआ। इस प्रदर्शन में पैरेंट्स यूनिटी फॉर जस्टिस के मनीष सोनी व सहयोग देने के लिए मोहाली पैरेंट्स एसोसिएशन के हृदयपाल सिंह भी पहुंचे।