फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Education Department's decision .. 25 percent teachers will come in government schools from today

शिक्षा विभाग का फैसला.. सरकारी स्कूलों में आज से आएंगे 25 प्रतिशत शिक्षक

Mon, 15 Jun 2020 02:30 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 02:30 AM IST
विज्ञापन
Education Department's decision .. 25 percent teachers will come in government schools from today
चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते स्कूलों को बंद हुए तकरीबन तीन महीने हो गए हैं। शिक्षण से संबंधी कामकाज पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने सोमवार से 25 प्रतिशत शिक्षकों को स्कूल बुलाने का फैसला लिया है। 9 मई को जिला शिक्षा अधिकारी ने इसको लेकर गवर्नमेंट और गवर्नमेंट एडेड स्कूलों के हेड और प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे। इसके लिए एमएचए की गाइड लाइन को लागू कर विभाग ने स्वयं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी ली है।
विज्ञापन

शिक्षा विभाग ने पहले ही शिक्षकों को बुलाने का फैसला कर उनके लिए स्कूल में कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य के इंतजाम भी कर लिए हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की ओर से रविवार को सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को संदेश भेज कर उनकी शिफ्ट की जानकारी भी दी गई। डीईओ ने स्कूल हेड को भेजे पत्र में जिक्र किया कि शिक्षक स्कूलों में ऑनलाइन टीचिंग, नए दाखिले, पीसा की तैयारी और सीबीएसई बोर्ड परीक्षा आयोजित करवाने व अन्य शैक्षणिक कामों को पूरा करेंगे।
विज्ञापन

बता दें कि अभी तक गवर्नमेंट स्कूलों में सिर्फ स्कूल हेड को आने की अनुमति दी गई थी, वहीं हेड को अगर किसी शैक्षणिक कार्य के लिए जरूरत थी तो ही वे दो से तीन शिक्षकों को स्कूल बुलाते थे। शिक्षक 6वीं से लेकर 12वीं तक के स्टूडेंट्स को घर से ही ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। शिक्षकों को स्कूल बुलाने के दौरान मास्क और साफ सफाई का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी स्कूल हेड को दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रोटेशन पॉलिसी के आधार बुलाए जाएंगे शिक्षक
सरकारी स्कूलों में टीचर्स को रोटेशन पॉलिसी के तहत बुलाया जा रहा है। स्कूलों मेें टीचर्स को 25 फीसदी के चार ग्रुप में बांटा गया है। 25 प्रतिशत शिक्षकों के एक ग्रुप को एक हफ्ते तक और अन्य ग्रुप को दूसरे हफ्ते बुलाएगा। वहीं जिन शिक्षकों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा, वे घर से काम करेंगे।
स्कूलों में परिजनों के आने पर सख्ती
स्कूलों के खुलने के बाद किसी बात की जानकारी के लिए परिजनों के स्कूल के आने पर भी रोक लगाई गई हैं। इसके अलावा स्कूलों में किसी भी प्रकार की इंक्वायरी भी मना है। स्कूलों के गेट पर सुरक्षाकर्मियों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि टीचर्स और कर्मचारियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति स्कूल में एंट्री नहीं करेगा।
इन शिक्षकों को मिली छूट
ज्यादा उम्र, किसी बीमारी से ग्रस्त, प्रेग्नेंट महिलाएं और कंटेमेंट जोन में रह रहे शिक्षकों को स्कूल में नहीं बुलाया जाएगा। ये सभी शिक्षक घर से ही काम करेंगे। वहीं अगर विभाग की तरफ से अगर किसी जरूरी काम के लिए इन्हें बुलाया जाता है तो इन्हें उस समय के लिए ही आना होगा।
ऑनलाइन क्लास पर प्लानिंग बनाएंगे शिक्षक
सोमवार को पहले दिन स्कूल की साफ सफाई और सैनेटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल, सीनियर सदस्य, लेक्चरर ऑनलाइन पढ़ाई का प्लान बनाएंगे। शिक्षकों को बताया जाएगा कि किस शिक्षक को कौन से समय किस सब्जेक्ट की क्लास लेनी है और ऑनलाइन कैसे पढ़ाया जाए।

कोट
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को रोटेशनल पॉलिसी के तहत बुलाया जा रहा है। इसके अलावा सभी सावधानियों और स्वच्छता व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ही स्कूलों को खोला जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को सभी गाइड लाइंस मैसेज द्वारा भेज दी गई हैं। -रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed