हरियाणा-चंडीगढ़ में भूकंप के झटके, नुकसान नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संपूर्ण उत्तरी भारत में आए भूकंप का असर हरियाणा-चंडीगढ़ में भी रहा। प्रदेश के अधिकतर जिलों में सुबह करीब 11.50 पर और इसके बाद 12.19 पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन कहीं से कोई नुकसान का समाचार नहीं है।
सुबह करीब 11.50 बजे प्रदेश के कई जिलों में भूकंप का झटका महसूस किया गया। घरों में दरवाजे और खिड़कियों में कंपन देख लोग दहशत के मारे घर से बाहर निकल आए। भूकंप आने की सूचना मिलते ही रोहतक, भिवानी, सिरसा, हिसार, गुड़गांव, फरीदाबाद, जीटी रोड बेल्ट के जिला मुख्यालयों पर ऊंचे भवनों में काम करने वाले कार्मिक कामकाज छोड़कर बाहर निकल आए।
इसके बाद 12.19 पर भूकंप आया। इससे लोग और दहशतजदा हो गए। न्यूज चैनलों पर दोपहर तीन बजे तक और भूकंप के झटके लगने का समाचार देख कई स्कूल संचालकों और कार्यालयों में छुट्टी कर दी गई। भूकंप आने के बाद लोग फोन कर अपने परिजनों के हाल जानते रहे, परंतु कहीं से नुकसान का समाचार नहीं पाकर राहत की सांस ली।
चंडीगढ़ में महसूस किए झटके
भूकंप के झटके चंडीगढ़ में भी महसूस किए गए। पहला झटका सुबह 11 बजकर 41 मिनट व दूसरा झटका 12.15 बजे आया। मौसम विभाग के मुताबिक तीव्रता कम होने के कारण उसे मापा नहीं जा सका। किसी नुकसान की कोई खबर नहीं आई। हालांकि लोगों में दहशत जरूर देखी गई। टीवी पर खबर चलते ही कई लोग घरों से बाहर आ गए। फोन कर एक दूसरे का हाल जानने लगे। कई लोगों ने मौसम विभाग में फोन कर भूकंप की तीव्रता जानने की कोशिश की।
लगा जैसे चक्कर आ रहा है
सेक्टर 24 के नवनीत ने बताया कि जब वे अपने डाइनिंग रूम में थे। तभी हल्का सा झटका महसूस हुआ। पहले तो लगा कि कुछ चक्कर जैसा आया। लेकिन जब उन्होंने टीवी पर खबर देखी तो यकीन हो गया कि भूकंप के झटके थे। सेक्टर-44 स्थित नरेश गर्ग बॉबी ने बताया कि जब वे बेड पर लेटे थे। तभी उनका पंखा तेजी से हिलने लगा। ऐसे में शक हुआ और वह खड़े हो गए। कुछ देर बाद जब टीवी पर न्यूज देखी तो भूकंप का पता चला।
सेक्टर-17 में लोग बाहर निकले
सेक्टर-17 में भूकंप से लोग इतने डर गए कि वे बिल्डिंग से बाहर से निकल आए। खासकर जो बैंक स्कवायर में काम कर रहे थे। उनमें से कई लोगों ने परिजनों को फोन कर भूकंप संबंधी जानकारी हासिल की। करीब 15 से 20 मिनट बाहर रहने के बाद लोग वापस बिल्डिंग में चले गए।
तीव्रता से 3 से कम थी
मौसम विभाग से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि चंडीगढ़ में जो झटके महसूस किए हैं, उसके मुताबिक तीव्रता तीन से कम रही है। ऐसी तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कहा जाता है। जब भूकंप की तीव्रता 3 से ऊपर होने पर ही उसे दर्ज किया जा सकता है। इतनी तीव्रता से क्षति होने की संभावना नहीं रहती।