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Chandigarh News: चांद से पहले खाकी की ड्यूटी, दिल में पति की सलामती की दुआ
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चंडीगढ़। करवाचौथ पर कोई पति के पसंदीदा रंग का जोड़ा पहनने की तैयारी कर रही है, तो कोई हाथों में मेहंदी सजाकर चांद के दीदार का इंतजार कर रही है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस की महिला कर्मियों के लिए त्योहार का रंग कुछ अलग है। इनके हाथों में मेहंदी से ज्यादा ड्यूटी की जिम्मेदारी और सोलह शृंगार से पहले खाकी वर्दी है। ये भी पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखेंगी और पूजा करेंगी, लेकिन त्योहार के बीच शहर की सुरक्षा का फर्ज भी निभाएंगी। इनके मन में जीवनसाथी की सलामती के साथ शहर की खुशहाली की दुआ भी होगी।
घर पर पति का इंतजार, सड़कों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी
प्यार हमेशा महंगे तोहफों या साथ बिताए खास पलों में ही नहीं दिखता। कभी यह उस इंतजार में भी दिखता है, जब पति घर पर पत्नी के लौटने की राह देख रहा होता है और पत्नी शहर की सुरक्षा में तैनात होती है। चांद निकलने पर हम भी जीवनसाथी की लंबी उम्र की दुआ मांगेंगी। - अनु, कॉन्स्टेबल, चंडीगढ़ पुलिस
मेरे सुहाग की खुशी, शहर की सलामती से भी जुड़ी है
जब कोई महिला रात में सुरक्षित घर लौटती है, कोई बेटी बेखौफ अपने काम से आती है और परिवार शहर में सुरक्षित महसूस करते हैं, तो हमें अपने फर्ज पर गर्व होता है। यही सुकून त्योहार की खुशी को और खास बना देता है। - सरिता राय, एसएचओ, चंडीगढ़ पुलिस
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सोलह शृंगार नहीं, मेरी खाकी ही मेरा गहना है
हमारा भी मन करता है कि पति के साथ त्योहार मनाएं, सजें-संवरें और चांद निकलने पर साथ पूजा करें। लेकिन वर्दी पहनते ही ड्यूटी पहली प्राथमिकता बन जाती है। खाकी हमारे लिए जिम्मेदारी, सम्मान और सेवा का प्रतीक है। - तमन्ना, कॉन्स्टेबल, चंडीगढ़ पुलिस
चांद देखकर मांगेंगे लंबी उम्र, ड्यूटी से नहीं हटेंगे कदम
मैं 18 साल से ड्यूटी पर ही करवा चौथ मना रही हूं। मौका मिला तो पूजा करूंगी, चांद देखकर पति की सलामती की दुआ मांगूंगी और फोन पर उनसे बात कर त्योहार की खुशी बांटूंगी। जीवनसाथी का साथ अनमोल है, लेकिन शहर की सुरक्षा का भरोसा निभाना भी जरूरी है। - कुलदीप कौर, कॉन्स्टेबल, चंडीगढ़ पुलिस
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घर पर पति का इंतजार, सड़कों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी
प्यार हमेशा महंगे तोहफों या साथ बिताए खास पलों में ही नहीं दिखता। कभी यह उस इंतजार में भी दिखता है, जब पति घर पर पत्नी के लौटने की राह देख रहा होता है और पत्नी शहर की सुरक्षा में तैनात होती है। चांद निकलने पर हम भी जीवनसाथी की लंबी उम्र की दुआ मांगेंगी। - अनु, कॉन्स्टेबल, चंडीगढ़ पुलिस
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मेरे सुहाग की खुशी, शहर की सलामती से भी जुड़ी है
जब कोई महिला रात में सुरक्षित घर लौटती है, कोई बेटी बेखौफ अपने काम से आती है और परिवार शहर में सुरक्षित महसूस करते हैं, तो हमें अपने फर्ज पर गर्व होता है। यही सुकून त्योहार की खुशी को और खास बना देता है। - सरिता राय, एसएचओ, चंडीगढ़ पुलिस
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सोलह शृंगार नहीं, मेरी खाकी ही मेरा गहना है
हमारा भी मन करता है कि पति के साथ त्योहार मनाएं, सजें-संवरें और चांद निकलने पर साथ पूजा करें। लेकिन वर्दी पहनते ही ड्यूटी पहली प्राथमिकता बन जाती है। खाकी हमारे लिए जिम्मेदारी, सम्मान और सेवा का प्रतीक है। - तमन्ना, कॉन्स्टेबल, चंडीगढ़ पुलिस
चांद देखकर मांगेंगे लंबी उम्र, ड्यूटी से नहीं हटेंगे कदम
मैं 18 साल से ड्यूटी पर ही करवा चौथ मना रही हूं। मौका मिला तो पूजा करूंगी, चांद देखकर पति की सलामती की दुआ मांगूंगी और फोन पर उनसे बात कर त्योहार की खुशी बांटूंगी। जीवनसाथी का साथ अनमोल है, लेकिन शहर की सुरक्षा का भरोसा निभाना भी जरूरी है। - कुलदीप कौर, कॉन्स्टेबल, चंडीगढ़ पुलिस