{"_id":"5f88ae7d8ebc3e9bfa0cd1e5","slug":"dushyant-appeals-not-to-bail-bitcoin-scam-master-mind-chandigarh-news-pkl391124045","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिटक्वाइन घोटाले के मास्टरमाइंड दुष्यंत को जमानत न देने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिटक्वाइन घोटाले के मास्टरमाइंड दुष्यंत को जमानत न देने की अपील
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। शहर के व्यापारियों से करोड़ों रुपये के बिटक्वाइन घोटाले में दिल्ली निवासी मास्टर माइंड दुष्यंत सभ्रवाल की जमानत याचिका पर चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार को अदालत में अपना जवाब दायर किया है।
याचिका का विरोध करते हुए यूटी पुलिस ने दुष्यंत सभ्रवाल को जमानत न देने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि आरोपी पिछले दो साल से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ चालान भी पेश नहीं हुआ है। ऐसे में आरोपी सबूतों और गवाहों से छेड़खानी कर सकता है। दुष्यंत को सितंबर में क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
वहीं, दुष्यंत की तरफ से पेश हुए वकील सिद्धार्थ ने याचिका दायर कर दलील दी थी कि दुष्यंत को फंसाया गया है। दुष्यंत का नाम एफआइआर में दर्ज नहीं है। साथ ही अब तक की जांच सीआरपीसी की धाराओं के तहत नहीं की गई है। गौरतलब है कि सेक्टर-49 निवासी गौरव की शिकायत पर वर्ष 2018 में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसके जरिए शहर के कई बड़े उद्योगपति ने अपना पैसा दुष्यंत के पास इन्वेस्ट किया था। उन्हें बोला गया था कि वह डेढ़ साल उन्हें तीन गुना ज्यादा रुपये मिलेंगे लेकिन जब पैसे देने का समय आया तो बिटक्वाइन की कीमत बढ़ चुकी थी। आरोपी ने तय वादे के मुताबिक पैसा नहीं दिया तो शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर के व्यापारियों से करोड़ों रुपये के बिटक्वाइन घोटाले में दिल्ली निवासी मास्टर माइंड दुष्यंत सभ्रवाल की जमानत याचिका पर चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार को अदालत में अपना जवाब दायर किया है।
याचिका का विरोध करते हुए यूटी पुलिस ने दुष्यंत सभ्रवाल को जमानत न देने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि आरोपी पिछले दो साल से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ चालान भी पेश नहीं हुआ है। ऐसे में आरोपी सबूतों और गवाहों से छेड़खानी कर सकता है। दुष्यंत को सितंबर में क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
वहीं, दुष्यंत की तरफ से पेश हुए वकील सिद्धार्थ ने याचिका दायर कर दलील दी थी कि दुष्यंत को फंसाया गया है। दुष्यंत का नाम एफआइआर में दर्ज नहीं है। साथ ही अब तक की जांच सीआरपीसी की धाराओं के तहत नहीं की गई है। गौरतलब है कि सेक्टर-49 निवासी गौरव की शिकायत पर वर्ष 2018 में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसके जरिए शहर के कई बड़े उद्योगपति ने अपना पैसा दुष्यंत के पास इन्वेस्ट किया था। उन्हें बोला गया था कि वह डेढ़ साल उन्हें तीन गुना ज्यादा रुपये मिलेंगे लेकिन जब पैसे देने का समय आया तो बिटक्वाइन की कीमत बढ़ चुकी थी। आरोपी ने तय वादे के मुताबिक पैसा नहीं दिया तो शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी।
विज्ञापन