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दुर्गा पूजा संपन्न, भक्तों ने दी मां को विदाई
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दुर्गा पूजा के अंतिम दिन कालीबाड़ी मंदिर में माथा टेकती महिला।
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। दुर्गा पूजा का विजयदशमी के दिन समापन हो गया। इस मौके पर कालीबाड़ी, बंग भवन और परशुराम भवन में बंगाली समुदाय की महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद एक दूसरे को सिंदूर लगाकर उत्सव मनाया। महिलाओं ने पान के पत्तों से मां दुर्गा के गालों को स्पर्श कर उनकी मांग और माथे पर सिंदूर लगाकर अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की।
परशुराम भवन स्थित द बंगाली ज्वैलर्स एसोसिएशन के मैनेजिंग कमेटी के सदस्य तपन गिरी ने बताया कि यह खास उत्सव है। यह उत्सव मां की विदाई पर मनाया जाता है। दशहरा पर मां दुर्गा की विदाई होती है। इस मौके पर सुहागिन महिलाएं उन्हें सिंदूर अर्पित कर आशीर्वाद लेती हैं। इस अवसर पर मां को पान और मिठाई का भोग लगाया गया।
तीनों जगहों पर बुधवार की सुबह सबसे पहले पूजा (दधि कर्म) का आयोजन हुआ। इसके बाद दर्पण विसर्जन कार्यक्रम हुआ। इसके उपरांत सिंदूर खेला हुआ। सिंदूर खेला के बाद विसर्जन हुआ। बंगिया सांस्कृतिक सम्मिलनी के अध्यक्ष अनिंदु दास ने बताया कि माता को घग्गर नदी में विसर्जित किया गया। इस दौरान काफी भक्त मौजूद रहे।
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परशुराम भवन स्थित द बंगाली ज्वैलर्स एसोसिएशन के मैनेजिंग कमेटी के सदस्य तपन गिरी ने बताया कि यह खास उत्सव है। यह उत्सव मां की विदाई पर मनाया जाता है। दशहरा पर मां दुर्गा की विदाई होती है। इस मौके पर सुहागिन महिलाएं उन्हें सिंदूर अर्पित कर आशीर्वाद लेती हैं। इस अवसर पर मां को पान और मिठाई का भोग लगाया गया।
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तीनों जगहों पर बुधवार की सुबह सबसे पहले पूजा (दधि कर्म) का आयोजन हुआ। इसके बाद दर्पण विसर्जन कार्यक्रम हुआ। इसके उपरांत सिंदूर खेला हुआ। सिंदूर खेला के बाद विसर्जन हुआ। बंगिया सांस्कृतिक सम्मिलनी के अध्यक्ष अनिंदु दास ने बताया कि माता को घग्गर नदी में विसर्जित किया गया। इस दौरान काफी भक्त मौजूद रहे।
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