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जेल में कैद राम रहीम को डुप्लीकेट बता रहे लोग, असली सच कैसे आएगा सामने?

Thu, 28 Sep 2017 01:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Thu, 28 Sep 2017 01:13 PM IST
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duplicate ram rahim in rohtak sunariya jail, dna test may revealed truth
Ram Rahim - फोटो : File Photo
साध्वी रेप केस में जेल में कैद राम रहीम को लोग डुप्लीकेट बता रहे हैं। ऐसे में एक तरीका अपनाकर पता लगाया जा सकता है कि राम रहीम असली है या नकली।

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साध्वी रेप केस में जेल में कैद राम रहीम को लोग डुप्लीकेट बता रहे हैं। ऐसे में एक तरीका अपनाकर पता लगाया जा सकता है कि राम रहीम असली है या नकली।

कई आशंकाओं को जन्म देता है डेरे का स्किन बैंक
सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल में सर्च के दौरान मिला स्किन बैंक सवालों के घेरे में है। जो सुविधा रोहतक के पीजीआई जैसे संस्थान में नहीं है उसका एक डेरे के अस्पताल में होना चौंकाने वाला है। जानकार बताते हैं कि स्किन का प्रयोग कास्मेटिक रिपेयर के साथ ही प्लास्टिक सर्जरी में किया जाता है। हालांकि, इसके लिए एक्सपर्ट की जरूरत होती है। ऐसे में डेरे के अस्पताल में स्किन बैंक होना कई आशंकाओं को जन्म देता है।

यह भी हो सकता है कि डोनेटेड स्किन की तस्करी की जा रही हो। यह भी संभव है अस्पताल में ही कास्मेटिक सर्जरी का कारोबार किया जा रहा हो। एक आशंका यह भी है कि गुरमीत राम रहीम ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए खुद का डुप्लीकेट तैयार करने के लिए इसका इस्तेमाल किया हो। इससे गुरमीत के डुप्लीकेट होने की आशंकाओं को भी बल मिलता है।

डीएनए जांच ही बता सकती है चेहरे का सच
कास्मेटिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी विज्ञान के माध्यम से कुछ भी संभव है, लेकिन अकेले इसके बल पर कहना कि किसी व्यक्ति विशेष का डुप्लीकेट तैयार हो सकता है यह संभव नहीं है। यदि गुरमीत राम रहीम के बारे कोई संदेह है तो सभी जांचों के साथ डीएनए जांच करना अनिवार्य होगा। एक्सपर्ट का दावा है कि कोई भी सर्जरी किसी को पूरी तरह नहीं बदल सकती।

इस तरह से चलाया जाता है स्किन बैंक

राम रहीम
राम रहीम
स्किन स्पेशलिस्टों की मानें तो मुंबई में साल 2009 में एक स्किन बैंक स्थापित हुआ था। इस बैंक के पास 1000 से ज्यादा स्किन का स्टाक है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार बैंक के स्किन का प्रयोग कास्मेटिक रिपेयरिंग में किया जाता है, लेकिन प्लास्टिक सर्जरी जैसी चिकित्सा में प्रयोग के लिए कुछ डॉक्यूमेंटेड नहीं है।

वहीं, कुछ प्लास्टिक सर्जन इस बात से भी इनकार नहीं करते कि डोनेट की गई स्किन से प्लास्टिक सर्जरी संभव नहीं है। पीजीआईएमएस के पूर्व बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरबी सिंह का कहना है कि एवरीथिंग इज पॉसिबिल इन मेडिकल साइंस। बस स्किन लेने वाले व्यक्ति की जांच जरूरी होती है कि वह किसी संक्रमित रोग से तो ग्रस्त नहीं है।

एक्सपर्ट ही स्किन को बैंक में प्रिजर्व कर सकते हैं। इसे चार डिग्री तापमान पर तीन सप्ताह तक जीवित रखा जा सकता है। यदि लाइव फ्रिज करना है तो ड्राइ फ्रोजन सिस्टम में रखना होता है, इससे महीनों तक स्किन को जीवत रख सकते हैं। विज्ञान का यूज और मिस यूज संभव है, यह तो करने वाले पर निर्भर है।

स्किन मृत और जीवत व्यक्ति दोनों की ले सकते हैं। इसे वापस आने में तीन सप्ताह का समय लगता है। इसके बाद दोबारा स्किन ली जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मलिक का कहना है कि स्किन बैंक लेटेस्ट कांसेप्ट है। इसका प्रयोग कास्मेटिक सर्जरी में होता है। मुख्य रूप से स्किन छह तरह की होती है। इसका प्रयोग सामान्य रूप से स्किन डैमेज होने की स्थिति में रिपेयरिंग के लिए किया जाता है।
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