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भीषण गर्मी से रोज गार्डन में गुलाब झुलसे
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चंडीगढ़। शहर में आने वाले पर्यटक रोज गार्डन जरूर आते हैं, क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा गुलाबों को गार्डन है। रोज गार्डन में गुलाबों की बेहतरीन किस्में हैं। इन गुलाबों की खुशबू और सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाती हैं, लेकिन इन दिनों नजारा कुछ उलटा ही देखने को मिल रहा है। रोज गार्डन के गुलाबों की रंगत कुछ फीकी पड़ गई है। यहां की कई क्यारियों में गुलाबों की पंखुड़ियां सूख चुकी हैं और गुलाब मुरझा चुके हैं।
कोविड से पहले हजारों की संख्या में पहुंचते थे पर्यटक
देश-विदेश से कोई सैलानी अगर चंडीगढ़ आता है तो ऐसा हो नहीं सकता कि वह रोज गार्डन के फूलों को देखने न पहुंचे। कोविड से पहले रोजाना हजारों की संख्या में सैलानी रोज गार्डन पहुंचते थे। यहां पर लगने वाले रोज फेस्टिवल में रखे फूलों को देखने दूर-दूर से लोग पहुंचते थे।
42.25 एकड़ में फैला है गार्डन
रोज गार्डन साल 1967 में बना था। चंडीगढ़ के पहले कमिश्नर डॉ. एमएस रंधावा ने इसका नामकरण किया था। लगभाग 42.25 एकड़ में फैले रोज गार्डन में 800 के करीब गुलाब की किस्में हैं। रोज कई माली इसकी देखभाल करते हैं। एशिया का सबसे बड़ा रोज गार्डन होने का रुतबा इसे मिला है।
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कोविड से पहले हजारों की संख्या में पहुंचते थे पर्यटक
देश-विदेश से कोई सैलानी अगर चंडीगढ़ आता है तो ऐसा हो नहीं सकता कि वह रोज गार्डन के फूलों को देखने न पहुंचे। कोविड से पहले रोजाना हजारों की संख्या में सैलानी रोज गार्डन पहुंचते थे। यहां पर लगने वाले रोज फेस्टिवल में रखे फूलों को देखने दूर-दूर से लोग पहुंचते थे।
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42.25 एकड़ में फैला है गार्डन
रोज गार्डन साल 1967 में बना था। चंडीगढ़ के पहले कमिश्नर डॉ. एमएस रंधावा ने इसका नामकरण किया था। लगभाग 42.25 एकड़ में फैले रोज गार्डन में 800 के करीब गुलाब की किस्में हैं। रोज कई माली इसकी देखभाल करते हैं। एशिया का सबसे बड़ा रोज गार्डन होने का रुतबा इसे मिला है।
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