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फिरोजपुरः पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था पड़ोसी का मारने वाला तस्कर राणा, जानिए कौन है
Sun, 23 Dec 2018 09:04 AM IST
खुशबू गोयल
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 23 Dec 2018 09:04 AM IST
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तस्कर हरभजन सिंह राणा
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पड़ोसी की गोली मारकर हत्या करने वाला कुख्यात तस्कर हरभजन सिंह राणा अपने साथियों के साथ इस साल की 18 अगस्त को नाभा पुलिस पर फायरिंग कर फरार हो गया था। हरभजन सिंह राणा पुलिस कस्टडी से भागने के बाद बग्गा सिंह की हत्या करने के अलावा जमीन में दबाकर रखी करोड़ों की हेराइन व नकदी हासिल करना चाहता था। राणा ही जानता था कि उसने हेराइन व नकदी कहां छुपाकर रखी थी। पुलिस ने कई बार राणा का घर जेबीसी मशीन से खोदकर हेरोइन व नकदी की तलाश की थी, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा था।
हरभजन सिंह व उसके भाइयों के पाकिस्तानी तस्करों से गहरे संबंध थे, इसी तहत वह पाकिस्तान से हेरोइन व हथियार की बड़ी खेप मंगाते थे। कुछ साल पहले फाजिल्का की तरफ से हरभजन को सरहद पार से मंगाई गई 25 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा था। उस समय फिरोजपुर सेंट्रल जेल में वह बंद था। इसके बाद भी वह जेल में तस्करी का नेटवर्क चलाता था। राणा के जेल चले जाने के बाद हेरोइन तस्करी की कमान उसके छोटे भाई जोगिंदर सिंह उर्फ जीता ने संभाली, जीता के इस काम में उसका एक और भाई सोनू भी मददगार बन गया।
फिरोजपुर के एसएसपी गौरव गर्ग ने सोनू को हेरोइन व 46 लाख रुपये की नकदी के साथ पकड़ा था। उस समय जीता पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसके बाद जीता अकेला पड़ गया। जीता ने भी पाकिस्तानी तस्करों में अपनी गहरी पैठ बना ली थी। पाक तस्करों से जीता के इतने गहरे संबंध बन गए थे कि वह राणा से भी बड़ी खेप मंगाने लगा था। जिसे 2017 में एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान तरनतारण के पट्टी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने पूरे परिवार को गिरफ्तार किया, जिनमें मां कौशल्या, पिता लाल सिंह, बहन जागो व भाई सोनू है, जो कि इस समय प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जोन वाली नाभा जेल में है।
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18 अगस्त 2018 को नाभा पुलिस फिरोजपुर की अदालत में तस्करी के एक मामले में हरभजन सिंह राणा को पेशी के लिए लेकर आई थी, पेशी से वापस जाते समय शाम पांच बजे वह नाभा पुलिस के साथ थाना घल्लखुर्द के नजदीक दो नहरों के पास एक ढाबे पर रोटी खाने के लिए रुके, तभी राणा के दो साथी पुलिस पर फायरिंग कर हथकड़ी समेत राणा को छुड़ा ले गए। इस वारदात के बाद से पुलिस राणा को खोज रही थी और पुलिस को उसका सुराग नहीं लगा। 21 दिसंबर को रात राणा ने अपने पड़ोसी बग्गा सिंह की गोलीमार कर हत्या कर दी। इस घटना में राणा की भी मौत हो गई।
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हरभजन सिंह व उसके भाइयों के पाकिस्तानी तस्करों से गहरे संबंध थे, इसी तहत वह पाकिस्तान से हेरोइन व हथियार की बड़ी खेप मंगाते थे। कुछ साल पहले फाजिल्का की तरफ से हरभजन को सरहद पार से मंगाई गई 25 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा था। उस समय फिरोजपुर सेंट्रल जेल में वह बंद था। इसके बाद भी वह जेल में तस्करी का नेटवर्क चलाता था। राणा के जेल चले जाने के बाद हेरोइन तस्करी की कमान उसके छोटे भाई जोगिंदर सिंह उर्फ जीता ने संभाली, जीता के इस काम में उसका एक और भाई सोनू भी मददगार बन गया।
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फिरोजपुर के एसएसपी गौरव गर्ग ने सोनू को हेरोइन व 46 लाख रुपये की नकदी के साथ पकड़ा था। उस समय जीता पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसके बाद जीता अकेला पड़ गया। जीता ने भी पाकिस्तानी तस्करों में अपनी गहरी पैठ बना ली थी। पाक तस्करों से जीता के इतने गहरे संबंध बन गए थे कि वह राणा से भी बड़ी खेप मंगाने लगा था। जिसे 2017 में एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान तरनतारण के पट्टी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने पूरे परिवार को गिरफ्तार किया, जिनमें मां कौशल्या, पिता लाल सिंह, बहन जागो व भाई सोनू है, जो कि इस समय प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जोन वाली नाभा जेल में है।
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18 अगस्त 2018 को नाभा पुलिस फिरोजपुर की अदालत में तस्करी के एक मामले में हरभजन सिंह राणा को पेशी के लिए लेकर आई थी, पेशी से वापस जाते समय शाम पांच बजे वह नाभा पुलिस के साथ थाना घल्लखुर्द के नजदीक दो नहरों के पास एक ढाबे पर रोटी खाने के लिए रुके, तभी राणा के दो साथी पुलिस पर फायरिंग कर हथकड़ी समेत राणा को छुड़ा ले गए। इस वारदात के बाद से पुलिस राणा को खोज रही थी और पुलिस को उसका सुराग नहीं लगा। 21 दिसंबर को रात राणा ने अपने पड़ोसी बग्गा सिंह की गोलीमार कर हत्या कर दी। इस घटना में राणा की भी मौत हो गई।