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जेल से नशा तस्करी: हाईकोर्ट ने फाजिल्का के पांच पूर्व जेल अधीक्षकों की संपत्ति की जांच के आदेश

Tue, 26 Nov 2024 07:55 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 26 Nov 2024 07:55 AM IST
सार

जेल में नशा तस्करी की आरोपी महिला की जमानत याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी और इस पर हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए जेलों में नशे को लेकर एडीजीपी जेल को तलब कर लिया था। मामले की जांच एसएसओसी कर रही थी और एक भी जेल अधिकारी का नाम जांच में सामने नहीं आया था।

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Drug smuggling from jail High Court orders probe into assets of five former Fazilka jail superintendents
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेल से नशे की तस्करी मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब इस मामले में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) फाजिल्का को पिछले 5 जेल अधीक्षकों की संपत्ति की जांच का आदेश दिया है। अगली सुनवाई पर जेल अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का भी आदेश दिया है।
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जेल में नशा तस्करी की आरोपी महिला की जमानत याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी और इस पर हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए जेलों में नशे को लेकर एडीजीपी जेल को तलब कर लिया था। मामले की जांच एसएसओसी कर रही थी और एक भी जेल अधिकारी का नाम जांच में सामने नहीं आया था। ऐसे में हाईकोर्ट ने एसएसओसी के प्रमुख को तलब कर लिया था। उनकी मौजूदगी में इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट ने फिर से सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इससे पहले सुनवाई पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि जेल से 43000 कॉल की गई हैं। 9 माह बीत जाने के बाद भी मोबाइल किसने जेल मे पहुंचाया, जांच दल के पास इसका जवाब नहीं है। एसएसओसी के सभी अधिकारियों की संपत्ति की जांच करवाएंगे, तो शायद ही कोई बचेगा।
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बर्खास्तगी से कम सजा पर नहीं रुकेगा अपराध

हाईकोर्ट ने कहा था कि बर्खास्तगी से कम की सजा पर यह अपराध नहीं रुकने वाले। इंक्रीमेंट रोकने की सजा का कोई मतलब नहीं है। इन्हें वेतन देना बंद कर दोगे, तो भी ये काम करते रहेंगे, क्योंकि हर माह 20 करोड़ से ऊपर की कमाई है। जेल से नशे का कारोबार चल रहा है, इससे बड़ा और क्या अपराध होगा। कोर्ट ने कहा कि जेल से नशा मिले तो जेलर को बर्खास्त करो और नशा तस्करी का आरोपी बरी हो तो जांच अधिकारी को, तभी यह नेटवर्क टूटेगा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जेल सुपरिटेंडेंट बलजीत सिंह वैध, करणजीत सिंह संधू, अरविंदर पाल सिंह भट्टी, परविंदर सिंह व गुरनाम लाल की संपत्ति की जांच करने का आदेश दिया है।
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