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Punjab: अब आंगनबाड़ी में ड्रेस कोड लागू, वर्करों के लिए गुलाबी और हेल्परों के लिए होगा आसमानी रंग
Sat, 15 Jul 2023 03:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 15 Jul 2023 03:43 PM IST
सार
पंजाब में स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों की कुल संख्या 27,314 है। अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र व सरकारी स्कूलों की इमारतों से चल रहे है। यहां पर आने वाले विद्यार्थियों को अति आधुनिक सुविधाएं और खाने पीने की चीजे मुहैया करवाई जाती है।
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पंजाब में आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के लिए होगी ड्रेस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में तैनात नर्सों और आशा वर्करों की तरह आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के लिए भी ड्रेस होगी। यह ड्रेस इन मुलाजिमों की पहचान बनेगी। आंगनबाड़ी वर्करों के लिए गुलाबी (बेबी पिंक) एप्रन के साथ लाल रंग का आईसीडीएस लोगो और हेल्परों के लिए आसमानी (स्काई ब्लू) एप्रन के साथ लाल रंग का आईसीडीएस लोगो होगा।
सामाजिक सुरक्षा महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इससे आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की पहचान आसानी से हो सकेगी, साथ ही उनके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में भी सुधार होगा। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र जारी कर राज्य सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।
यह भी पढ़ें: फिरोजपुर में दर्दनाक हादसा: बिजली ठीक करने पोल पर चढ़ा कर्मी करंट लगने से जिंदा जला, बेबसी से देखते रहे लोग
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पंजाब में स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों की कुल संख्या 27,314 है। अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र व सरकारी स्कूलों की इमारतों से चल रहे है। यहां पर आने वाले विद्यार्थियों को अति आधुनिक सुविधाएं और खाने पीने की चीजे मुहैया करवाई जाती है ताकि नन्हें बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जा सके।
आंगनबाड़ी वर्करों को मोबाइल डेटा भी देगी सरकार
राज्य सरकार ने इस साल से प्रति सेंटर 2000 रुपये के हिसाब से मोबाइल डेटा पैकेज देने की भी शुरुआत की है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पोषण अभियान के रिकॉर्ड और जमीनी स्तर पर अभियान की निगरानी के लिए भारत सरकार ने हाल ही में 'पोषण ट्रैकर' मोबाइल ऐप जारी किया था। जिसे चलाने के लिए आंगनबाड़ी वर्करों को डेटा पैकेज की आवश्यकता थी ताकि उन्हें अपनी तरफ से डेटा खर्च न करना पड़े।
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सामाजिक सुरक्षा महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इससे आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की पहचान आसानी से हो सकेगी, साथ ही उनके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में भी सुधार होगा। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र जारी कर राज्य सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।
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पंजाब में स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों की कुल संख्या 27,314 है। अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र व सरकारी स्कूलों की इमारतों से चल रहे है। यहां पर आने वाले विद्यार्थियों को अति आधुनिक सुविधाएं और खाने पीने की चीजे मुहैया करवाई जाती है ताकि नन्हें बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जा सके।
आंगनबाड़ी वर्करों को मोबाइल डेटा भी देगी सरकार
राज्य सरकार ने इस साल से प्रति सेंटर 2000 रुपये के हिसाब से मोबाइल डेटा पैकेज देने की भी शुरुआत की है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पोषण अभियान के रिकॉर्ड और जमीनी स्तर पर अभियान की निगरानी के लिए भारत सरकार ने हाल ही में 'पोषण ट्रैकर' मोबाइल ऐप जारी किया था। जिसे चलाने के लिए आंगनबाड़ी वर्करों को डेटा पैकेज की आवश्यकता थी ताकि उन्हें अपनी तरफ से डेटा खर्च न करना पड़े।