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भारत के लिए हॉकी में स्वर्ण पदक लाना सपना: वर्षा
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चंडीगढ़। खेेलो इंडिया-17 में और नेशनल गेम्स अंडर-17 के लिए चंडीगढ़ की हॉकी टीम में 16 वर्षीय हॉकी गोलकीपर वर्षा का चयन हो गया है। अब वर्षा ने अपनी मेहनत और लगन से अपना मुकाम हासिल करने की ठानी है।
चंडीगढ़ की खिलाड़ी वर्षा ने बताया कि वह रोजाना हॉकी स्टेडियम सेक्टर-42 में हॉकी की गर्ल्स के साथ अभ्यास करती हैं। चाहे बारिश हो या गर्मी का मौसम, उनका अभ्यास नहीं रुकता है। उन्होंने कहा कि उनके अभ्यास में उनके कोच अर्पिंदर का योगदान है। वर्षा ने बताया कि भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना उनका एक सपना है, जिसे हासिल करने के लिए वह जी जान से मेहनत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2018-19 में भी वह नेशनल गेम्स में हिस्सा ले चुकी हैं। उनकी टीम कांस्य पदक जीतकर तीसरी पोजीशन ला चुकी है। उनका प्रयास है कि इस वर्ष चंडीगढ़ को प्रथम स्थान पर लेकर आएं।
वर्षा ने बताया कि उनका बड़ा भाई आकाश भी हॉकी खिलाड़ी है और कई नेशनल, स्टेट और स्कूल गेम्स में खेल चुका है। उसी से प्रभावित होकर वे हॉकी में दिलचस्पी लेने लगीं। वर्षा की दिनचर्या पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह सुबह स्कूल चली जाती हैं और दो बजे छुट्टी होने के बाद हॉकी ग्राउंड सेक्टर-18 में आ जाती हैं और यहीं एक घंटा होमवर्क करती हैं। इसके बाद साढ़े 3 बजे अभ्यास शुरू करती हैं और साढ़े 6 बजे छुट्टी करके घर जाती हैं। इस प्रकार वह पढ़ाई और खेल दोनों को ही महत्वता देती हैं।
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चंडीगढ़ की खिलाड़ी वर्षा ने बताया कि वह रोजाना हॉकी स्टेडियम सेक्टर-42 में हॉकी की गर्ल्स के साथ अभ्यास करती हैं। चाहे बारिश हो या गर्मी का मौसम, उनका अभ्यास नहीं रुकता है। उन्होंने कहा कि उनके अभ्यास में उनके कोच अर्पिंदर का योगदान है। वर्षा ने बताया कि भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना उनका एक सपना है, जिसे हासिल करने के लिए वह जी जान से मेहनत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2018-19 में भी वह नेशनल गेम्स में हिस्सा ले चुकी हैं। उनकी टीम कांस्य पदक जीतकर तीसरी पोजीशन ला चुकी है। उनका प्रयास है कि इस वर्ष चंडीगढ़ को प्रथम स्थान पर लेकर आएं।
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वर्षा ने बताया कि उनका बड़ा भाई आकाश भी हॉकी खिलाड़ी है और कई नेशनल, स्टेट और स्कूल गेम्स में खेल चुका है। उसी से प्रभावित होकर वे हॉकी में दिलचस्पी लेने लगीं। वर्षा की दिनचर्या पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह सुबह स्कूल चली जाती हैं और दो बजे छुट्टी होने के बाद हॉकी ग्राउंड सेक्टर-18 में आ जाती हैं और यहीं एक घंटा होमवर्क करती हैं। इसके बाद साढ़े 3 बजे अभ्यास शुरू करती हैं और साढ़े 6 बजे छुट्टी करके घर जाती हैं। इस प्रकार वह पढ़ाई और खेल दोनों को ही महत्वता देती हैं।
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