{"_id":"601c53818ebc3e4c64275a7a","slug":"dr-ic-pathak-becomes-the-oldest-person-to-get-corona-vaccine-in-chandigarh-chandigarh-news-pkl4029197183","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ : 96 साल के पूर्व सर्जन बने कोरोना का टीका लगवाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति, लोगों से की ये अपील ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ : 96 साल के पूर्व सर्जन बने कोरोना का टीका लगवाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति, लोगों से की ये अपील
Fri, 05 Feb 2021 01:35 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2021 01:35 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले प्रो.पाठक।
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ पीजीआई के पूर्व निदेशक प्रो. आईसी पाठक (96) गवर्नमेंट मेडिकल स्पेशिलिटी हॉस्पिटल-16 में कोरोना का टीका लगवाकर शहर में अब तक के लाभार्थियों में सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए हैं। प्रो.पाठक ने गुरुवार सुबह 10.30 बजे अस्पताल के पांचवें तल पर बनाए गए कोविड टीकाकरण केंद्र में टीका लगवाया। उन्होंने टीकाकरण के सभी मानकों का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी की।
विज्ञापन
टीका लगवाने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों के साथ आम लोगों से टीकाकरण करवाने की अपील की। प्रो. पाठक ने कोरोना टीकाकरण को लेकर की जा रही भ्रामक बातों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में हर कोई योगदान दे। टीकाकरण को लेकर मन में किसी तरह का डर या भ्रम न पालें, यह पूरी तरह सुरक्षित है। इसे लगाने से नुकसान नहीं संक्रमण से बचाव होगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - चंडीगढ़ : अब मोबिलाइजर सेल लाभार्थियों को कॉल कर पूछेगी, टीका लगवाने आ रहे हैं
विज्ञापन
हर साल इन्फ्लूएंजा का लगवाते हैं टीका
प्रो. पाठक ने बताया कि वह 96 साल की उम्र में भी हर साल खुद को फ्लू से बचाने के लिए इन्फ्लुएंजा का टीका लगवाते हैं। इससे उन्हें कभी कोई नुकसान नहीं हुआ, बल्कि बीमारी से रक्षा हुई।
1962 से शुरू सफर अब भी जारी..
प्रो. आईसी पाठक ने अमृतसर मेडिकल कॉलेज से स्नातकोत्तर करने के बाद 1962 में लंदन के सिख चिल्ड्रेन ग्रेट ऑरमंड स्ट्रीट में पीडियाट्रिक सर्जरी में उच्च प्रशिक्षण प्राप्त किया। 1962 से 1985 तक वे पीजीआई में कार्यरत रहे। इस दौरान पीजीआई में बाल चिकित्सा सर्जरी में तैनात रहते हुए 1983-85 तक वे भारत के राष्ट्रपति के सर्जन भी रहे। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए। 1985 में वह पीजीआई निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए। प्रो. पाठक मौजूदा समय में चिल्ड्रेन जनरल सर्जरी के कंसल्टेंट हैं।