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कोई कुछ भी कहे, मुझे बात नहीं करनी : बादल
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Sat, 22 Nov 2014 10:48 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू के अकालियों पर हमले के मामले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चुप्पी साध ली है। शनिवार को लुधियाना पहुंचे बादल ने कहा कि कोई कुछ भी कहे, वह किसी की निजी बात नहीं करते। वह सब का आदर करते हैं।
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) की तरफ से लवकुश विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को छावनी मोहल्ले में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस दौरान भावाधस की तरफ से मुख्यमंत्री बादल को धर्म रत्न की उपाधि देकर सम्मानित किया गया। उनके साथ भावाधस के विजय दानव, नरेश धींगान, लक्ष्मण द्रविड़ और चौधरी यशपाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले दिनों एक समारोह में नाम लिए बगैर सरकार को कपटी और दुष्ट कहा था। इस मुद्दे पर शनिवार को पूछे गए सवाल पर सीएम ने चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कुछ भी बोले, लेकिन वह किसी की बात पर कुछ नहीं कहेंगे। उन्हें और भी कई काम हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा आलाकमान सिद्धू के मामले में फैसला लेगी। हिसार से गिरफ्तार किए गए सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल के आश्रम से मिले हथियारों के जखीरे पर बादल ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि एक आश्रम में ऐसा हुआ तो सब आश्रम ऐसे होंगे। कई ऐसे आश्रम हैं जिनकी छवि काफी साफ सुथरी है।
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इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में बादल ने सभी को भगवान वाल्मीकि जी महाराज के दिखाए रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो कौम अपना इतिहास और सभ्याचार भूल जाती है वह सदा के लिए खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की अकाली भाजपा सरकार ने इतिहास को संभालने की जरूरत महसूस करते हुए सबसे पहले यह यादगार बनाने का फैसला किया था। इस फैसले को अंजाम तक ले जाने के लिए लगातार यत्न किए जा रहे हैं।
सरकार की तरफ से पहले ही श्री आनंदपुर साहिब में शानदार विरासत-ए-खालसा यादगार, कुप रोहिड़ा में बड्डा घल्लूघारा, काहनूवाल में छोटा घल्लूघारा, चप्पड़चिड़ी में बाबा बंदा सिंह बहादुर जंगी यादगार स्थापित की जा चुकी है। इसी तरह अमृतसर में अटारी अमृतसर रोड पर जंगी यादगार और स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। पवित्र स्थान रामतीर्थ में वाल्मीकि जी के मंदिर का निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दो सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस भवन का चालीस फीसदी काम पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे कौम के हवाले कर दिया जाएगा। इस मौके पर विधानसभा स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार महेश इंद्र सिंह गरेवाल, विधायक रंजीत सिंह ढिल्लो, पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया, पंजाब योजना बोर्ड के वाइस चेयरमैन राजिंदर भंडारी और मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावाधस) की तरफ से लवकुश विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को छावनी मोहल्ले में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस दौरान भावाधस की तरफ से मुख्यमंत्री बादल को धर्म रत्न की उपाधि देकर सम्मानित किया गया। उनके साथ भावाधस के विजय दानव, नरेश धींगान, लक्ष्मण द्रविड़ और चौधरी यशपाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले दिनों एक समारोह में नाम लिए बगैर सरकार को कपटी और दुष्ट कहा था। इस मुद्दे पर शनिवार को पूछे गए सवाल पर सीएम ने चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कुछ भी बोले, लेकिन वह किसी की बात पर कुछ नहीं कहेंगे। उन्हें और भी कई काम हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा आलाकमान सिद्धू के मामले में फैसला लेगी। हिसार से गिरफ्तार किए गए सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल के आश्रम से मिले हथियारों के जखीरे पर बादल ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि एक आश्रम में ऐसा हुआ तो सब आश्रम ऐसे होंगे। कई ऐसे आश्रम हैं जिनकी छवि काफी साफ सुथरी है।
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इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में बादल ने सभी को भगवान वाल्मीकि जी महाराज के दिखाए रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो कौम अपना इतिहास और सभ्याचार भूल जाती है वह सदा के लिए खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की अकाली भाजपा सरकार ने इतिहास को संभालने की जरूरत महसूस करते हुए सबसे पहले यह यादगार बनाने का फैसला किया था। इस फैसले को अंजाम तक ले जाने के लिए लगातार यत्न किए जा रहे हैं।
सरकार की तरफ से पहले ही श्री आनंदपुर साहिब में शानदार विरासत-ए-खालसा यादगार, कुप रोहिड़ा में बड्डा घल्लूघारा, काहनूवाल में छोटा घल्लूघारा, चप्पड़चिड़ी में बाबा बंदा सिंह बहादुर जंगी यादगार स्थापित की जा चुकी है। इसी तरह अमृतसर में अटारी अमृतसर रोड पर जंगी यादगार और स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। पवित्र स्थान रामतीर्थ में वाल्मीकि जी के मंदिर का निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दो सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस भवन का चालीस फीसदी काम पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे कौम के हवाले कर दिया जाएगा। इस मौके पर विधानसभा स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार महेश इंद्र सिंह गरेवाल, विधायक रंजीत सिंह ढिल्लो, पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबड़िया, पंजाब योजना बोर्ड के वाइस चेयरमैन राजिंदर भंडारी और मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया सहित अन्य लोग मौजूद थे।