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फर्जी डोमिसाइल बनाकर ईनाम लिया, अब केस दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:37 AM IST
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फर्जी डोमिसाइल बनाकर ईनाम पाने वाले खिलाड़ियों पर कार्रवाई करने के लिए खेल मंत्री ने केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अर्जुन अवार्डी दिल्ली निवासी कबड्डी खिलाड़ी मंजीत सिंह और राकेश कुमार ने फर्जी डोमिसाइल सर्टिफिकेट के बल पर हरियाणा सरकार से दो-दो करोड़ रुपये के खेल पुरस्कार हड़पे।
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मामले में अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विजिलेंस जांच को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वीरवार को खेल मंत्री अनिल विज ने दोनों खिलाड़ियों के विरुद्ध केस दर्ज कराते हुए विजिलेंस ब्यूरो को जांच के लिए फाइल भेज दी।
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हरियाणा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भारी भरकम राशि के नगद इनामों की व्यवस्था कर रखी है। बीते वर्ष कोरिया में हुए 17वें एशियाई खेलों के पदक विजेता प्रदेश के खिलाड़ियों को हरियाणा सरकार ने पिछले साल नगद पुरस्कार बांटे थे।
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इसमें दिल्ली निवासी मंजीत और राकेश कुमार ने खुद को हरियाणा का निवासी (डोमिसाइल) दिखाकर इनाम राशि हासिल कर ली। मंजीत पुत्र जयप्रकाश और राकेश कुमार पुत्र होशियार ने एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीते थे।
हरियाणा सरकार की ओर से घोषित इनाम राशि के लालच में दोनों ने प्रदेश के झज्जर जिले से फर्जी डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाए थे। यह मामला उस समय खुला जब मंजीत सिंह ने केन्द्र सरकार से अर्जुन अवार्ड हासिल करते हुए खुद को दिल्ली का निवासी लिखाया, जबकि हरियाणा में इनाम लेते समय उसने अपना पता झज्जर का दिया था।
यह मामला जब खेल मंत्री अनिल विज के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने फौरन खेल विभाग को जांच के आदेश जारी किए। जांच के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने यही बताया कि वे दिल्ली निवासी हैं, लेकिन हरियाणा में अपने रिश्तेदारों के घर रहते हैं।
खेल विभाग उनसे जवाब से संतुष्ट नहीं था और पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका जताते हुए विभाग ने अपनी रिपोर्ट खेल मंत्री को सौंप दी। तब खेल मंत्री ने मामले की विजिलेंस जांच के लिए मुख्यमंत्री को फाइल भेजी, जहां से अनुमति मिलते ही खेल मंत्री ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए विजिलेंस जांच के लिए सारे कागजात ब्यूरो को दे दिए।