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चंगेज की लुक तो अकबर के कद ने जीता दिल
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 20 Jan 2014 11:16 AM IST
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फेज-8 स्थित वाईपीएस स्कूल के ग्राउंड में रविवार को माहौल देखते ही बन रहा था। कोई डॉग को हाथों में लेकर सहला रहा था तो कोई विभिन्न ब्रीड्स के डॉग संग फोटो खिंचवाने में व्यस्त था। मौका था मोहाली कैनल क्लब द्वारा आयोजित सालाना डॉग शो का।
डॉग शो में 283 के करीब लोगों के डॉग में मुकाबला हुआ। मुकाबले में दिल्ली के शाम मेहता व ब्रूसलीनिया से आए जजों ने अपने फैसले सुनाए। डॉग शो देर शाम तक चला।
जानकारी के मुताबिक वैसे तो डॉग शो सुबह 11 बजे के करीब शुरू हुआ, लेकिन डॉग प्रेमी सुबह तड़के से ही पहुंचना शुरू हो गए थे।
इस दौरान कई राज्यों के डॉग प्रेमी अपने कुत्तों के संग पहुंचे। जजों ने कुत्तों की कैटवॉक करवाकर उनकी खूबियों का परखा। जिसके बाद टैलेंट के हिसाब से विजेता तय किए।
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वहीं, डॉग शो में चाओ चाओ ब्रीड के चंगेज नाम के डॉग ने लोगों का अपनी खूबसूरती व गुणों से दिल जीत लिया। डॉग के मालिक अनुदीप सिंह ने बताया कि वह पटियाला से आए है। डॉग की खासियत है कि देखने में काफी सुंदर है।
यह घर में भी प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, शिकार में इसी प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, फीड का शौकीन है। वहीं, ग्रेडियन ब्रीड के अकबर नाम के डॉग ने अपनी हाइट से लोगों को खूब प्रभावित किया।
डॉग के केयरटेकर ने बताया कि यह पुलिस अधिकारी का कुत्ता है। उसे अंडे और दूध पीना काफी अच्छा लगता है। जबकि सेंट बर्नार्ड ब्रीड के एरो-रोज ने भी लोगों को खूब प्रभावित किया। चडवाल कैनल क्लब खरड़ से आए थे। रोज चंडीगढ़ में हुए डॉग शो में पुरस्कार जीत चुका है।
उम्र ढाई साल जीत चुका है सौ अवार्ड
मात्र ढाई साल की उम्र में कोई नेशनल व इंटरनेशनल ढाई सौ अवार्ड जीत जाए। ऐसा कारनामा तो शायद ही कोई कर पाए।
लेकिन सेक्टर-50 निवासी नेहा अग्रवाल के अमेरिकन कॉकर ब्रीड के टफी नॉम के कुत्ते ने यह कारनाम कर दिखाया है। डॉग देखने में काफी सुंदर है। वहीं, काफी एक्टिव है।
यह विदेश से लाया गया है। अब तक यह 100 अवार्ड जीत चुका है। नेहा के पारिवारिक मेंबरों ने बताया कि कुत्ते का महीने का खर्च 20 हजार है।
वहीं, एक बार उसे नहलाने पर दो हजार के करीब खर्च आता है। क्योंकि उसे नहलाने के लिए जो शैंपू प्रयोग होते है। वह विदेश से आते हैं। उन्होंने बताया कि टफी बीमार था। इसके चलते वह शो में भाग नहीं ले पाया है।
नाम जग्गा, खाता है सिर्फ छह चम्मच
चंडीगढ़ से डॉग शो देखने आए युवी अपने मिनिचेर पिनचेर नल्स के कुत्ते को लेकर आए हुए थे। उन्होंने बताया कि गिलहरी के आकार ही रहेगा। इसक ी उम्र छह महीने हो चुकी है।
यह सिर्फ छह चम्मच ही रोजाना खाना खाता है। उन्होंने बताया कि इसका नाम उन्होंने जग्गा रखा हुआ है। वह हमेशा उनके साथ जाता है। काफी समझदार है। वहीं, कोई गंदगी भी नहीं फैलाता है।
बोलेरो से किंग और सफारी आया सुल्तान
वाईपीएस स्कूल के गेट पर रविवार को किंग और सुल्तान आमने सामने आए। पटियाला निवासी अमरिंदर अपने सुल्तान नाम के कुत्ते को सफारी में लाए थे।
जबकि चंडीगढ़ के अंकित किंग को बोलेरों में लेकर पहुंचे थे। जैसे ही दोनो एक दूसरे के सामने आए दहाड़ने लगे। इसके बाद कुछ दूर आगे पीछे चले और बाद में दोस्त बन गए।
डॉग शो के बाहर लाखों को हुआ कारोबार
डॉग शो के बाहर काफी संख्या में डॉग प्रेमी व विक्रेता पहुंचे हुए थे। इस दौरान चार हजार से लेकर दस लाख तक के कुत्ते पहुंचे हुए थे।
वहीं मार्केट के जानकारों की माने तो 20 लाख के करीब का कारोबार हुआ है। हालांकि कैनल क्लब के सदस्यों ने साफ किया था कि कुत्तों के व्यापार से उनका कोई लेना देना नहीं है। अगर किसी भी प्रकार की कोई चूक होती है। तो लोग खुद जिम्मेदार रहेंगे।
खन्ना के भूपिंदर सिंह बने विजेता
डॉग शो के विजेताओं के नाम देर शाम में घोषित किए गए। जिसके मुताबिक बेस्ट इन शो का खिताब खन्ना के भूपिंदर सिंह के सेंट बर्नार्ड ब्रीड के कुत्ते ने जीता।
जबकि दूसरे नंबर पर गुड़गांव के संजय कपूर का ग्रेडेन ब्रीड का कुत्ता रहा। जबकि तीसरे स्थान पर लुधियाना के डॉ. एस जिंदल का गोल्डन रिटरियेवर नस्ल का कुत्ता रहा।
वहीं, बेस्ट पपी इन शो का खिताब भी लुधियाना के डॉ. एस जिंदल के कुत्ते ने ही जीता। जबकि बेस्ट इन शो ब्रीड इन इंडिया का खिताब भी उक्त को ही मिला।
जबकि रिंग नंबर दो बेस्ट इन शो गुड़गांव के संजय कपूर के ग्रेडेन नस्ल के कुत्ते ने जीता। जबकि दूसरे नंबर गुरविंदर सिंह दिल्ली के जर्मन शेफर्ड रहा।
वहीं, तीसरे स्थान दिल्ली के गुरविंदर सिंह के फ्रेंच बुल डॉग ने जीता। वहीं, बेस्ट पपी इन शो बलजीत सिंह भुल्लर का पग रहा। वहीं, बेस्ट ब्रीड इन इंडिया फ्रेंच बुल डॉग रहा।
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डॉग शो में 283 के करीब लोगों के डॉग में मुकाबला हुआ। मुकाबले में दिल्ली के शाम मेहता व ब्रूसलीनिया से आए जजों ने अपने फैसले सुनाए। डॉग शो देर शाम तक चला।
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जानकारी के मुताबिक वैसे तो डॉग शो सुबह 11 बजे के करीब शुरू हुआ, लेकिन डॉग प्रेमी सुबह तड़के से ही पहुंचना शुरू हो गए थे।
इस दौरान कई राज्यों के डॉग प्रेमी अपने कुत्तों के संग पहुंचे। जजों ने कुत्तों की कैटवॉक करवाकर उनकी खूबियों का परखा। जिसके बाद टैलेंट के हिसाब से विजेता तय किए।
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वहीं, डॉग शो में चाओ चाओ ब्रीड के चंगेज नाम के डॉग ने लोगों का अपनी खूबसूरती व गुणों से दिल जीत लिया। डॉग के मालिक अनुदीप सिंह ने बताया कि वह पटियाला से आए है। डॉग की खासियत है कि देखने में काफी सुंदर है।
यह घर में भी प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, शिकार में इसी प्रयोग किया जा सकता है। वहीं, फीड का शौकीन है। वहीं, ग्रेडियन ब्रीड के अकबर नाम के डॉग ने अपनी हाइट से लोगों को खूब प्रभावित किया।
डॉग के केयरटेकर ने बताया कि यह पुलिस अधिकारी का कुत्ता है। उसे अंडे और दूध पीना काफी अच्छा लगता है। जबकि सेंट बर्नार्ड ब्रीड के एरो-रोज ने भी लोगों को खूब प्रभावित किया। चडवाल कैनल क्लब खरड़ से आए थे। रोज चंडीगढ़ में हुए डॉग शो में पुरस्कार जीत चुका है।
उम्र ढाई साल जीत चुका है सौ अवार्ड
मात्र ढाई साल की उम्र में कोई नेशनल व इंटरनेशनल ढाई सौ अवार्ड जीत जाए। ऐसा कारनामा तो शायद ही कोई कर पाए।
लेकिन सेक्टर-50 निवासी नेहा अग्रवाल के अमेरिकन कॉकर ब्रीड के टफी नॉम के कुत्ते ने यह कारनाम कर दिखाया है। डॉग देखने में काफी सुंदर है। वहीं, काफी एक्टिव है।
यह विदेश से लाया गया है। अब तक यह 100 अवार्ड जीत चुका है। नेहा के पारिवारिक मेंबरों ने बताया कि कुत्ते का महीने का खर्च 20 हजार है।
वहीं, एक बार उसे नहलाने पर दो हजार के करीब खर्च आता है। क्योंकि उसे नहलाने के लिए जो शैंपू प्रयोग होते है। वह विदेश से आते हैं। उन्होंने बताया कि टफी बीमार था। इसके चलते वह शो में भाग नहीं ले पाया है।
नाम जग्गा, खाता है सिर्फ छह चम्मच
चंडीगढ़ से डॉग शो देखने आए युवी अपने मिनिचेर पिनचेर नल्स के कुत्ते को लेकर आए हुए थे। उन्होंने बताया कि गिलहरी के आकार ही रहेगा। इसक ी उम्र छह महीने हो चुकी है।
यह सिर्फ छह चम्मच ही रोजाना खाना खाता है। उन्होंने बताया कि इसका नाम उन्होंने जग्गा रखा हुआ है। वह हमेशा उनके साथ जाता है। काफी समझदार है। वहीं, कोई गंदगी भी नहीं फैलाता है।
बोलेरो से किंग और सफारी आया सुल्तान
वाईपीएस स्कूल के गेट पर रविवार को किंग और सुल्तान आमने सामने आए। पटियाला निवासी अमरिंदर अपने सुल्तान नाम के कुत्ते को सफारी में लाए थे।
जबकि चंडीगढ़ के अंकित किंग को बोलेरों में लेकर पहुंचे थे। जैसे ही दोनो एक दूसरे के सामने आए दहाड़ने लगे। इसके बाद कुछ दूर आगे पीछे चले और बाद में दोस्त बन गए।
डॉग शो के बाहर लाखों को हुआ कारोबार
डॉग शो के बाहर काफी संख्या में डॉग प्रेमी व विक्रेता पहुंचे हुए थे। इस दौरान चार हजार से लेकर दस लाख तक के कुत्ते पहुंचे हुए थे।
वहीं मार्केट के जानकारों की माने तो 20 लाख के करीब का कारोबार हुआ है। हालांकि कैनल क्लब के सदस्यों ने साफ किया था कि कुत्तों के व्यापार से उनका कोई लेना देना नहीं है। अगर किसी भी प्रकार की कोई चूक होती है। तो लोग खुद जिम्मेदार रहेंगे।
खन्ना के भूपिंदर सिंह बने विजेता
डॉग शो के विजेताओं के नाम देर शाम में घोषित किए गए। जिसके मुताबिक बेस्ट इन शो का खिताब खन्ना के भूपिंदर सिंह के सेंट बर्नार्ड ब्रीड के कुत्ते ने जीता।
जबकि दूसरे नंबर पर गुड़गांव के संजय कपूर का ग्रेडेन ब्रीड का कुत्ता रहा। जबकि तीसरे स्थान पर लुधियाना के डॉ. एस जिंदल का गोल्डन रिटरियेवर नस्ल का कुत्ता रहा।
वहीं, बेस्ट पपी इन शो का खिताब भी लुधियाना के डॉ. एस जिंदल के कुत्ते ने ही जीता। जबकि बेस्ट इन शो ब्रीड इन इंडिया का खिताब भी उक्त को ही मिला।
जबकि रिंग नंबर दो बेस्ट इन शो गुड़गांव के संजय कपूर के ग्रेडेन नस्ल के कुत्ते ने जीता। जबकि दूसरे नंबर गुरविंदर सिंह दिल्ली के जर्मन शेफर्ड रहा।
वहीं, तीसरे स्थान दिल्ली के गुरविंदर सिंह के फ्रेंच बुल डॉग ने जीता। वहीं, बेस्ट पपी इन शो बलजीत सिंह भुल्लर का पग रहा। वहीं, बेस्ट ब्रीड इन इंडिया फ्रेंच बुल डॉग रहा।