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चंडीगढ़ में कुत्तों का आतंक: अब बच्ची के सिर में गड़ाए दांत, तीन टांके लगे... नगर निगम की कोशिशें नाकाफी
Sat, 23 Dec 2023 10:47 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 23 Dec 2023 10:47 AM IST
सार
मनीमाजरा में 10 वर्षीय जसमीत कौर की कुत्तों के झुंड की वजह से मौत से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। कई सेक्टरों में कुत्तों के काटने की घटनाएं हो रही हैं। पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाएं चिंता की बात है। सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है।
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चंडीगढ़ में कुत्ते ने बच्ची पर किया हमला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में कुत्तों का आतंक कम नहीं हो रहा। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सेक्टर-46सी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक लावारिस कुत्ते ने एक नौ साल की बच्ची पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के सिर में दांत गड़ा दिए, जिसके बाद उसे तीन टांगे लगे हैं। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है लेकिन उसका काफी खून बह गया है। नगर निगम ने कुत्तों की समस्या पर काबू पाने के कई दावे किए, लेकिन वह नाकाफी ही साबित हो रहे हैं।
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मनीमाजरा में 10 वर्षीय जसमीत कौर की कुत्तों के झुंड की वजह से मौत से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। कई सेक्टरों में कुत्तों के काटने की घटनाएं हो रही हैं। शुक्रवार को वायरल हुआ वीडियो 14 दिसंबर दोपहर दो बजे का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लावारिस कुत्ता एक बच्ची के पास आता है और बच्ची के पीछे घूमते ही वह उस पर हमला कर देता है। कुत्ते ने नौ वर्षीय बच्ची के सिर में काटा।
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अस्पताल कर्मचारियों ने खून साफ करने से किया इनकार
गनीमत रही कि बच्ची के साथ में एक युवती मौजूद थी, जिससे डर कर कुत्ता भाग गया। जख्मी बच्ची को युवती सबसे पहले सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल ले गई, जहां कर्मचारियों ने खून साफ करने से इन्कार कर दिया। इस पर युवती ने खून साफ किया। उन्होंने बताया कि काफी खून निकला। इसके बाद वह जीएमएसएच-16 गई, जहां बच्ची के सिर में तीन टांके लगे हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत अब ठीक है।
उन्होंने बताया कि इस कुत्ते ने पहले भी एक बार किसी अन्य पर हमला कर दिया था। लोग इधर-उधर कुत्तों को खाना देते हैं, जिसकी वजह से कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना बंद करना चाहिए। स्थानीय पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाएं चिंता की बात है। सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है।
सदन में कई बार उठे सवाल
पिछली सदन की कई बैठकों में कुत्तों के काटने का मुद्दा गूंजा है। दो महीने पहले की बैठक में पार्षद हरप्रीत कौर बबला ने कहा था कि सेक्टर-28 में जहां शहर के मेयर, पूर्व केंद्रीय मंत्री रहते हैं, वहीं सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने के केस आ रहे हैं। कोई गंभीर नहीं है। पूरे शहर में लोग कुत्तों से परेशान हैं। ये स्मार्ट सिटी पर काला धब्बा है।
गनीमत रही कि बच्ची के साथ में एक युवती मौजूद थी, जिससे डर कर कुत्ता भाग गया। जख्मी बच्ची को युवती सबसे पहले सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल ले गई, जहां कर्मचारियों ने खून साफ करने से इन्कार कर दिया। इस पर युवती ने खून साफ किया। उन्होंने बताया कि काफी खून निकला। इसके बाद वह जीएमएसएच-16 गई, जहां बच्ची के सिर में तीन टांके लगे हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत अब ठीक है।
उन्होंने बताया कि इस कुत्ते ने पहले भी एक बार किसी अन्य पर हमला कर दिया था। लोग इधर-उधर कुत्तों को खाना देते हैं, जिसकी वजह से कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना बंद करना चाहिए। स्थानीय पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाएं चिंता की बात है। सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है।
सदन में कई बार उठे सवाल
पिछली सदन की कई बैठकों में कुत्तों के काटने का मुद्दा गूंजा है। दो महीने पहले की बैठक में पार्षद हरप्रीत कौर बबला ने कहा था कि सेक्टर-28 में जहां शहर के मेयर, पूर्व केंद्रीय मंत्री रहते हैं, वहीं सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने के केस आ रहे हैं। कोई गंभीर नहीं है। पूरे शहर में लोग कुत्तों से परेशान हैं। ये स्मार्ट सिटी पर काला धब्बा है।
सेक्टर-35डी में एक ही गली के कई लोगों को काट चुके हैं कुत्ते
कुछ दिन पहले सेक्टर-35डी में एक ही गली के कई लोगों को कुत्तों ने बुरी तरह से काटा। एक 52 वर्षीय महिला को कुत्ते ने काटा और करीब पांच मिनट तक दांत गड़ाए रहा। दो दिन बाद महिला का भाई लुधियाना से उनका हालचाल पूछने आया तो कुत्तों ने उन्हें भी काट लिया। गली में रहने वाले वरिष्ठ वकील गुरदीप सिंह महल पर सात कुत्तों ने एक साथ हमला किया।
रायपुर कलां में खुला एबीसी केंद्र
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि कुत्तों की समस्या पर काबू पाना काफी मुश्किल है। नगर निगम लगातार कोशिश कर रहा है। अक्तूबर माह में रायपुर कलां में स्ट्रे डॉग्स के लिए एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) केंद्र, अस्पताल और लैब का उद्घाटन किया गया। केंद्र में चार कुत्ता बाड़े हैं, जिनमें 310 कुत्तों को रखने की क्षमता है। यह डेढ़ एकड़ में फैला हुआ है। दावा किया गया था कि इस केंद्र के चालू होने से लावारिस कुत्तों की आबादी को रोकने और उनकी नसबंदी करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। इसके अलावा निगम नए म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चंडीगढ़ पेट डॉग्स एंड कम्युनिटी डॉग्स बायलॉज 2023 को भी लागू करने जा रहा है। इसमें छह नस्लों के कुत्तों को प्रतिबंधित करने समेत कई अन्य नियम भी बनाए जा रहे हैं।
एक साल में 3377 कुत्तों की नसबंदी
आरटीआई के आंकड़ों के अनुसार, एक जुलाई 2022 से 30 जून 2023 के बीच पूरे शहर में सिर्फ 3377 कुत्तों की नसबंदी हुई है। अधिकतर सेक्टरों में इस दौरान 50 से कम कुत्तों की नसबंदी हुई है। लोगों का कहना है कि इससे ज्यादा तो कुत्तों के काटने के केस आ चुके हैं। मनीमाजरा में सबसे ज्यादा 375 कुत्तों की नसबंदी हुई है। मलोया, धनास, मौलीजागरां, डड्डूमाजरा, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, दड़वा और बुड़ैल में 100 से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी हुई है। सेक्टर-3, 10, 53 ऐसे हैं जहां पूरे साल में सिर्फ दो कुत्तों की नसबंदी हुई है। वहीं कुल 16 सेक्टर ऐसे हैं, जिनमें पूरे साल में 10 से कम कुत्तों की नसबंदी हुई है।
कुछ दिन पहले सेक्टर-35डी में एक ही गली के कई लोगों को कुत्तों ने बुरी तरह से काटा। एक 52 वर्षीय महिला को कुत्ते ने काटा और करीब पांच मिनट तक दांत गड़ाए रहा। दो दिन बाद महिला का भाई लुधियाना से उनका हालचाल पूछने आया तो कुत्तों ने उन्हें भी काट लिया। गली में रहने वाले वरिष्ठ वकील गुरदीप सिंह महल पर सात कुत्तों ने एक साथ हमला किया।
रायपुर कलां में खुला एबीसी केंद्र
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि कुत्तों की समस्या पर काबू पाना काफी मुश्किल है। नगर निगम लगातार कोशिश कर रहा है। अक्तूबर माह में रायपुर कलां में स्ट्रे डॉग्स के लिए एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) केंद्र, अस्पताल और लैब का उद्घाटन किया गया। केंद्र में चार कुत्ता बाड़े हैं, जिनमें 310 कुत्तों को रखने की क्षमता है। यह डेढ़ एकड़ में फैला हुआ है। दावा किया गया था कि इस केंद्र के चालू होने से लावारिस कुत्तों की आबादी को रोकने और उनकी नसबंदी करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। इसके अलावा निगम नए म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चंडीगढ़ पेट डॉग्स एंड कम्युनिटी डॉग्स बायलॉज 2023 को भी लागू करने जा रहा है। इसमें छह नस्लों के कुत्तों को प्रतिबंधित करने समेत कई अन्य नियम भी बनाए जा रहे हैं।
एक साल में 3377 कुत्तों की नसबंदी
आरटीआई के आंकड़ों के अनुसार, एक जुलाई 2022 से 30 जून 2023 के बीच पूरे शहर में सिर्फ 3377 कुत्तों की नसबंदी हुई है। अधिकतर सेक्टरों में इस दौरान 50 से कम कुत्तों की नसबंदी हुई है। लोगों का कहना है कि इससे ज्यादा तो कुत्तों के काटने के केस आ चुके हैं। मनीमाजरा में सबसे ज्यादा 375 कुत्तों की नसबंदी हुई है। मलोया, धनास, मौलीजागरां, डड्डूमाजरा, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, दड़वा और बुड़ैल में 100 से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी हुई है। सेक्टर-3, 10, 53 ऐसे हैं जहां पूरे साल में सिर्फ दो कुत्तों की नसबंदी हुई है। वहीं कुल 16 सेक्टर ऐसे हैं, जिनमें पूरे साल में 10 से कम कुत्तों की नसबंदी हुई है।