{"_id":"6ac6a95c97b11bbf6c05cd36","slug":"crest-scam-ifs-officer-navneet-srivastava-denied-bail-court-deems-allegations-serious-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1143917-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रेस्ट घोटाला: आईएफएस नवनीत श्रीवास्तव को जमानत नहीं, कोर्ट ने माना गंभीर आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रेस्ट घोटाला: आईएफएस नवनीत श्रीवास्तव को जमानत नहीं, कोर्ट ने माना गंभीर आरोप
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के सरकारी फंड में करीब 75 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में सीबीआई अदालत ने तत्कालीन सीईओ और आईएफएस अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव की जमानत अर्जी खारिज कर दी। 39 पेज के आदेश में अदालत ने कहा कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर उनके खिलाफ प्रथमदृष्टया गंभीर आरोप सामने आते हैं।
सीबीआई के अनुसार श्रीवास्तव सीईओ के साथ अधिकृत हस्ताक्षरी भी थे और सोसाइटी के सरकारी फंड व बैंक खातों पर उनका महत्वपूर्ण नियंत्रण था। जांच एजेंसी का आरोप है कि निर्धारित व्यवस्था से अलग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने की मंजूरी दी गई और इसी समेत चार खातों के जरिये सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की गतिविधियां हुईं। अदालत ने खाते से पांच लाख रुपये के डीडी और बाद में 95 लाख रुपये के कथित हस्तांतरण को भी महत्वपूर्ण माना। जांच के अनुसार रकम ऐसी कंपनी के खाते में पहुंची जिसका संबंध श्रीवास्तव की पत्नी से बताया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत चरण में यह अंतिम दोषसिद्धि का निष्कर्ष नहीं है।
विज्ञापन
सीबीआई के अनुसार श्रीवास्तव सीईओ के साथ अधिकृत हस्ताक्षरी भी थे और सोसाइटी के सरकारी फंड व बैंक खातों पर उनका महत्वपूर्ण नियंत्रण था। जांच एजेंसी का आरोप है कि निर्धारित व्यवस्था से अलग आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने की मंजूरी दी गई और इसी समेत चार खातों के जरिये सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की गतिविधियां हुईं। अदालत ने खाते से पांच लाख रुपये के डीडी और बाद में 95 लाख रुपये के कथित हस्तांतरण को भी महत्वपूर्ण माना। जांच के अनुसार रकम ऐसी कंपनी के खाते में पहुंची जिसका संबंध श्रीवास्तव की पत्नी से बताया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत चरण में यह अंतिम दोषसिद्धि का निष्कर्ष नहीं है।
विज्ञापन