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Chandigarh News: डॉक्टरों की हड़ताल... लिखित आश्वासन पर भी नहीं माने डॉक्टर, ओपीडी व ऑपरेशन थिएटर बंद, मरीज परेशान

Thu, 12 Sep 2024 08:23 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2024 08:23 PM IST
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Doctors did not agree even after written assurance, OPD and operation theatre closed, patients troubled
-बोले- पदोन्नति व वेतन बढ़ोतरी के लिए तीन महीने की देरी मंजूर नहीं, सरकार ने 19 को बुलाई बैठक
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-इमरजेंसी सेवाएं बंद करने पर 15 को लेंगे फैसला, इमरजेंसी वार्ड में आज से डबल होगी डॉक्टरों की संख्या
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन में प्रवेश कर गई। वीरवार को प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं और पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी नहीं हुए, जिस कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकार के लिखित आश्वासन के बाद भी डॉक्टर नहीं माने, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने पदोन्नति व वेतन बढ़ोतरी की मांग को पूरा करने के लिए तीन महीने का समय निर्धारित किया है, जिसे डॉक्टरों ने नामंजूर कर दिया। अब इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार ने 19 सिंतबर को बैठक बुलाई है, जबकि डॉक्टरों ने इसी सप्ताह दोबारा बैठक बुलाने की मांग की है।

बुधवार को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई थी, जिमसें पदन्नति व वेतन बढ़ोतरी, अस्पतालों में सुरक्षा प्रबंध व खाली पड़े पद भरना शामिल हैं। सरकार की तरफ से बुधवार देर रात जारी किए गए पत्र पर डॉक्टरों ने असंतुष्टि जताई है। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने कहा कि पत्र में इसका उल्लेख नहीं किया गया है कि कैबिनेट सब कमेटी ने पदोन्नति व वेतन बढ़ोतरी को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे को भी लटकाया गया है। यही कारण है कि वीरवार को भी उनकी हड़ताल जारी रही। इसी तरह 15 सितंबर को उन्होंने एसोसिएशन की जनरल बॉडी की बैठक बुलाई है, जिसमें 16 सितंबर से इमरजेंसी बंद करने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वीरवार को हड़ताल के चलते मरीज अस्पतालों में भटकते रहे। इस दौरान लुधियाना सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने रोष मार्च निकाला और अबोहर में विधायक संदीप जाखड़ भी हड़ताल में शामिल हुए। कई जगहों पर डॉक्टरों व मरीजों के बीच बहस भी हुई। मरीजों ने कहा कि वह चार दिन से अस्पताल में धक्के खा रहे हैं। डॉक्टरों की लड़ाई सरकार के साथ है। इस तरह मरीजों को परेशान करना गलत है।
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वेतन बढ़ोतरी की बैठक को लेकर सरकार ने जारी किया पत्र
विशेष सचिव सेहत ने निदेशक सेहत एवं परिवार कल्याण को पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया कि कैबिनेट सब कमेटी की बैठक के अनुसार डॉक्टरों की पदोन्नति व वेतन बढ़ोतरी को लेकर तीन महीने के अंदर रूपरेखा तैयार करनी है, जिसके लिए 19 सिंतबर को वित्त सचिव की अध्यक्षता में सेहत एवं परिवार कल्याण के दफ्तर में सुबह 11 बजे बैठक होनी है। इस बैठक से पहले जरूरी तैयारी पूरी की जानी चाहिए। साथ ही पदोन्नति को लेकर गठित कमेटी में भी समयबद्ध तरीके से फैसला लेने के भी निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि पदोन्नति न होना भी विभाग में डॉक्टरों की कमी का प्रमुख कारण है। इसी तरह अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है और खाली पड़े पदों पर भी फेज वाइज भर्ती का आश्वासन दिया गया है।
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इमरजेंसी में सेवाएं प्रभावित न हों, डॉक्टर की संख्या डबल
ओपीडी बंद होने के कारण सभी अस्पतालों में इरमजेंसी वाॅर्डों पर भी भार बढ़ रहा है। सरीन ने कहा कि हड़ताल के चलते इमरजेंसी सेवाओं पर किसी भी तरह का असर न हो, इसलिए यहां पर शुक्रवार से डॉक्टरों की संख्या डबल करने का फैसला लिया गया है, ताकि इस दौरान मरीजों के इलाज, सर्जरी, सिजेरियन सेक्शन, पोस्टमाटर्म आदि सेवाएं प्रभावित न हों।
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