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Chandigarh News: सभी केंद्र... लिखित सहमति पर अड़े डाॅक्टर, आज से ओपीडी पूरी तरह बंद
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-कैबिनेट सब कमेटी के साथ बैठक में डाॅक्टरों की मांगों पर सहमति बनी, लिखित आश्वासन की मांग
-हड़ताल के दौरान पूर्व निर्धारित ऑपरेशन नहीं होंगे, 16 से इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे डाॅक्टरों ने बुधवार को वित्त मंत्री से लिखित सहमति पत्र न मिलने पर वीरवार से ओपीडी पूरी तरह से बंद रखने का फैसला लिया है। बता दें कि तीन से डाॅक्टर पहली पारी में हड़ताल करते हुए मरीज नहीं देख रहे थे। वहीं, उन्होंने घोषणा कर रखी थी कि अगर 11 सितंबर को मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो वे वीरवार से ओपीडी का कामकाज पूरी तरह ठप रखेंगे। ऐसे में पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी नहीं होंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही जारी रहेंगी।
बुधवार को भी सुबह 8 से 11 बजे तक डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी, जिस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इलाज करवाने के लिए मरीजों की अस्पतालों में लंबी कतारें लगी रहीं। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने कहा कि बैठक में सभी मांगों को पूरा करने का सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया, लेकिन इस संबंध में कोई लिखित पत्र जारी नहीं किया गया। यही कारण है कि उन्होंने वीरवार 12 सिंतबर से पूरा दिन ओपीडी बंद रखकर हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। इस दौरान सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर सिर्फ सिजेरियन सेक्शन, इमरजेंसी सर्जरी की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैठकों व विभागीय कामकाज का भी वह बहिष्कार करेंगे। साथ ही एसोसिएशन ने 16 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की भी चेतावनी दी है।
वेतन बढ़ोतरी व पदोन्नति पर बनी थी बात
बैठक के बारे में सरीन ने कहा कि डॉक्टरों की वेतन बढ़ोतरी व पदोन्नति पर वर्ष 2021 में रोक लगा दी गई थी। कमेटी की बैठक में सरकार ने आश्वासन दिया कि वह उनकी इस मांग से सहमत है और जल्द ही इसे पूरा करेंगे। हालांकि, वह इसके साथ ही बाकी दोनों मांगों को लेकर लिखित आश्वासन जारी करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर सरकार ने व्यवस्था तैयार करने का भरोसा दिया। सभी अस्पतालों में कितने सुरक्षा कर्मियों की जरूरत है, उसकी एक सूची तैयारी की जाएगी। साथ ही तैनाती के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी, जबकि खाली पड़े मेडिकल अफसरों के पदों के मामले पर सरकार ने कहा है कि 1940 मेडिकल अफसरों की भर्ती की मंजूरी दे दी गई है। 400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और चरणबद्ध तरीके से ये पद भरे जाएंगे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह भी मौजदू थे।
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-हड़ताल के दौरान पूर्व निर्धारित ऑपरेशन नहीं होंगे, 16 से इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे डाॅक्टरों ने बुधवार को वित्त मंत्री से लिखित सहमति पत्र न मिलने पर वीरवार से ओपीडी पूरी तरह से बंद रखने का फैसला लिया है। बता दें कि तीन से डाॅक्टर पहली पारी में हड़ताल करते हुए मरीज नहीं देख रहे थे। वहीं, उन्होंने घोषणा कर रखी थी कि अगर 11 सितंबर को मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो वे वीरवार से ओपीडी का कामकाज पूरी तरह ठप रखेंगे। ऐसे में पूर्व निर्धारित ऑपरेशन भी नहीं होंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही जारी रहेंगी।
बुधवार को भी सुबह 8 से 11 बजे तक डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी, जिस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इलाज करवाने के लिए मरीजों की अस्पतालों में लंबी कतारें लगी रहीं। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने कहा कि बैठक में सभी मांगों को पूरा करने का सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया, लेकिन इस संबंध में कोई लिखित पत्र जारी नहीं किया गया। यही कारण है कि उन्होंने वीरवार 12 सिंतबर से पूरा दिन ओपीडी बंद रखकर हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है। इस दौरान सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर सिर्फ सिजेरियन सेक्शन, इमरजेंसी सर्जरी की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैठकों व विभागीय कामकाज का भी वह बहिष्कार करेंगे। साथ ही एसोसिएशन ने 16 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की भी चेतावनी दी है।
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वेतन बढ़ोतरी व पदोन्नति पर बनी थी बात
बैठक के बारे में सरीन ने कहा कि डॉक्टरों की वेतन बढ़ोतरी व पदोन्नति पर वर्ष 2021 में रोक लगा दी गई थी। कमेटी की बैठक में सरकार ने आश्वासन दिया कि वह उनकी इस मांग से सहमत है और जल्द ही इसे पूरा करेंगे। हालांकि, वह इसके साथ ही बाकी दोनों मांगों को लेकर लिखित आश्वासन जारी करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर सरकार ने व्यवस्था तैयार करने का भरोसा दिया। सभी अस्पतालों में कितने सुरक्षा कर्मियों की जरूरत है, उसकी एक सूची तैयारी की जाएगी। साथ ही तैनाती के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी, जबकि खाली पड़े मेडिकल अफसरों के पदों के मामले पर सरकार ने कहा है कि 1940 मेडिकल अफसरों की भर्ती की मंजूरी दे दी गई है। 400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और चरणबद्ध तरीके से ये पद भरे जाएंगे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह भी मौजदू थे।
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