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डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने जाना, क्या है हीमोविजिलेंस
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Dec 2013 07:07 PM IST
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पीजीआई के ब्लड ट्रांसफ्यूजन और फार्माकोविजिलेंस सेंटर की ओर से शनिवार को हीमोविजिलेंस प्रोग्राम पर सीएमई का आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम के दौरान हरियाणा व यूटी चंडीगढ़ के 110 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में हीमोविजिलेंस की महत्व और उसकी उपयोगिता पर हिस्सा लेने आए डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बायोलाजिकल्स के डायरेक्टर व पूर्व ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया डा. सुरेंद्र सिंह ने शिरकत की।
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उन्होंने हीमोविजिलेंस के कंसेप्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हीमोविजिलेंस की आने वाले समय में बहुत अहम रोल होगा।
कार्यक्रम में सिर्फ हरियाणा व यूटी के ब्लड बैंक व फार्माकोविजिलेंस से जुड़े डाक्टरों व कर्मचारियों ने शिरकत की थी।
हाल ही में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान होने वाले रिएक्शन की निगरानी के लिए एक सेल तैयार किया है।
इसी सेल का नाम हीमोविजिलेंस रखा गया है। इस मौके पर हीमोविजिलेंस प्रोग्राम की सेक्रेटरी मेंबर अकांक्षा बिस्ट, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. एचके धवन, हरियाणा के स्टेट ड्रग कंट्रोलर डा. जीएल सिंगल, डा. एस मानीवनन, डा. आरआर शर्मा, सेलवाराज, डा. बिकास मेधी व डा. अजय मौजूद रहे।
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