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Chandigarh News: जियो फेंसिंग हाजिरी के विरोध भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टर और कर्मचारी, इलाज के मरीजों ने किया घंटों इंतजार

Thu, 28 Aug 2025 11:59 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:59 PM IST
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Doctors and employees sat on hunger strike in protest against geo fencing attendance, patients waited for hours for treatment
पंचकूला। जियो फेंसिंग हाजिरी के विरोध में वीरवार को डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन सहित बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसके चलते सिविल अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने, जांच करवाने और दवाई लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी मोरनी, रायपुररानी, पिंजौर के पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले मरीजों को हुई। वह सुबह छह बजे घर से निकले थे, अस्पताल में आते-आते उन्हें नौ बज गए। यहां आकर पता चला कि स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल हैं। इसके बाद डॉक्टर से जांच कराते-कराते उन्हें शाम हो गई। कुछ हड़ताल और भीड़ को देखकर बिना उपचार लौट गए।
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सिविल सर्जन और प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर ने कर्मचारियों से की काम पर जाने की अपील
इस बीच सिविल सर्जन और प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर ने अस्पताल का दौरा किया। मरीजों को लंबी लाइनों लगे देख हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारियों से काम पर वापस जाने की अपील की। दोपहर बाद कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी काम पर लौटे और स्थिति सामान्य हुई। वहीं, भूख हड़ताल पर एसोसिएशन के पदाधिकारी बैठे रहे। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान राजेश ख्यालिया ने कहा कि जियो फेंसिंग बेस हाजिरी स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी पर जबरदस्ती थोपी जा रही है। उनकी मांग है कि इस तरह की हाजिरी मान्य नहीं होनी चाहिए। यह स्वास्थ्य कर्मचारियों की निजता का हनन है।
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क्या कहते हैं मरीज

दो घंटे लाइन में लगने के बाद बना पर्चा
मेरी बेटी को बुखार है। सुबह दो घंटे लाइन में लगने के बाद पर्चा बना। सुबह अस्पताल आए तो पता चला कि डॉक्टर अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। इस कारण डॉक्टरों का पर्चा बनने में लंबी लाइन लगी रही। इस कारण परेशानी हुई है। -सुनील कुमार, निवासी रामगढ़
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टेस्ट के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी
मुझे बुखार है। पर्ची बनाने के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ा। पर्चा बनवाकर डॉक्टर के पास पहुंचने में दो घंटे का समय लगा। इलाज के लिए होने वाले टेस्ट मेंं कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। -दीक्षा निवासी सेक्टर-26, पंचकूला



चार घंटे लाइन में लगने के बाद भी दवा नहीं मिली

इलाज के लिए न्यू मदर एंड चाइल्ड केयर की बिल्डिंग में आए। यहां पर हड़ताल और सर्वर नहीं चलने के कारण लंबी लाइनों में लगना पड़ा। इस कारण बच्चे का टेस्ट कराने में बहुत दिक्कत हुई। चार घंटे तक लाइन में लगने के बाद भी दवा नहीं मिल पाई। -ममता, सेक्टर-25 पंचकूला
दवा लेने केे लिए अस्पताल में टोकेन सिस्टम के माध्यम से कार्ड दिया। भीड़ अधिक होने के कारण दो घंटे में डॉक्टर को दिखाया। दो घंटे बाद इलाज हो पाया। इसके बाद दवा लेने में दो घंटे तक समय लगा। इलाज के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। -पूजा, निवासी सेक्टर -24, पंचकूला


मैंने खुद सिविल अस्पताल की सभी ओपीडी का निरीक्षण किया। सभी ओपीडी चली हैं। सर्वर खराब होने के कारण लंबी लाइनें लगीं। बिना इलाज किसी को वापस नहीं भेजा है। मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या अस्पताल में पांच हजार से अधिक ओपीडी हो गई है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल
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