नोटबंदी के बीच कुत्तों के इलाज के लिए लगानी पड़ी स्वाइप मशीन
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पंजाब के प्रसिद्ध ड्रग विशेषज्ञ डाक्टर सुखराजपाल सिंह भट्टी कुत्तों का इलाज करते हैं और अब उनको मजबूरी में स्वाइप मशीन लगानी पड़ी हैं।
कारण यह है कि उनकी डाग चेक करने की फीस 300 रुपये है और कुत्ते चेक करवाने वाले दो हजार का नोट थमा रहे थे और समस्या पैदा हो रही थी कि बकाया 1700 रुपये की राशि कहां से अदा करें।
मार्केट में पांच सौ का नोट न के बराबर है और 100-100 रुपये के इतने नोट आ नहीं रहे हैं। उनहोंने कुत्तों को चेक करने से पहले अपनी रिसेप्शनिस्ट को आदेश दे दिया है कि डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से ही अपनी फीस को काटकर काम चलाया जाए।
10 तारीख तक मार्केट से करनी है क्लेकशन
उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की दो स्वाइप मशीन को शुरू कर अपना काम चलाना शुरू कर दिया है। डाक्टर भट्टी का तर्क है कि वह उधार में कितने दिन काम चला सकते हैं, लोग उधार करने लड़ पड़े थे और आगे भविष्य में उनको दिक्कत आनी ही थी।
शाहकोट ब्लाक के तजिंदर सिंह की दूध की डेयरी है, अपने दूध सप्लायरों को स्वाइप मशीनों को बैंक से लेकर दिया है। तजिंदर सिंह का कहना हैकि दूध रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली आईटम है और उनके पुराने ग्राहक काफी लगे हुए हैं।
अब 10 तारीख तक उनको मार्केट से क्लेकशन करनी है लेकिन दिक्कत है कि लोगों के पास कैश पैसा ही नहीं है। इसलिए उन्होंने अपने स्पलायरों को मशीनें दे दी हैं ताकि जिस घर में जाएं वहां से ही वह डेबिट व क्रेडिट कार्ड से जितनी अधिक से अधिक क्लेकशन होती है, उसको कर लिया जाए। तजिंदर का तर्क है कि भाई साहेब हमें हर माह सैलेरी देनी होती है, पैसा आएगा तो ही आगे सैलरी दे पाएंगे।