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पंजाब: ‘तेरा यहां क्या काम’ कहने पर मरीज संग आए युवक ने की मारपीट, हड़ताल पर गए डॉक्टर
Mon, 31 Dec 2018 10:14 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 31 Dec 2018 10:14 AM IST
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डॉक्टर को मारा थप्पड़
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मरीज के साथ आए युवक को डॉक्टर ने ऐसी बात कह दी कि वह भड़क गया और फिर उसने चिकित्सक को लात-घूंसों से पीटा और थप्पड़ मारे। मामला पंजाब के अमृतसर का है। गुरु नानक देव हॉस्पिटल में रात तीन बजे सर्जिकल डिर्पाटमेंट में मरीजों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर सचिन वर्धन व मरीजों के परिजनों में बीच हुई झड़प हो गई। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी।
डॉ. वर्धन ने आरोप लगाया की मरीज के अटेंडेंट ने उन पर उस समय हमला किया, जब वह अपने वार्ड में मरीजों को देख रहे थे। अटेंडेंट ने उन्हें थप्पड़ मारे। इस घटना के बाद गुस्साए रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल में धरना लगा दिया और सभी मेडिकल सेवाएं ठप कर दीं। डॉक्टरों ने कहा कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे हड़ताल जारी रखेंगे। इसी बीच पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है।
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डॉ. वर्धन ने आरोप लगाया की मरीज के अटेंडेंट ने उन पर उस समय हमला किया, जब वह अपने वार्ड में मरीजों को देख रहे थे। अटेंडेंट ने उन्हें थप्पड़ मारे। इस घटना के बाद गुस्साए रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल में धरना लगा दिया और सभी मेडिकल सेवाएं ठप कर दीं। डॉक्टरों ने कहा कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे हड़ताल जारी रखेंगे। इसी बीच पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है।
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ये था मामला
रेजिडेंट डॉक्टर सचिन वर्धन ने बताया कि रविवार को उनकी सर्जिकल यूनिट छह की इमरजेंसी में ड्यूटी थी। वह मरीजों की जांच कर रहे थे कि चार युवक और दो महिलाएं आए। उन्होंने एक युवक से पूछा कि तेरा क्या काम है। वह मरीजों की जांच कर रहे थे, इसलिए उन्होंने उसे तेरा कहकर संबोधन कर दिया। इस बात से युवक भड़क उठा। उसने कहा कि मुझे ‘तेरा’ क्यों कहा। युवक ने शराब पी रखी थी। वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रहा था।
लेकिन वह बहसबाजी पर उतर आया। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने उससे कहा मरीज की जांच करने दो, पर युवक ने काम करने से रोक दिया। वह बार—बार दोहराता रहा कि मुझे ‘तेरा’ क्यों कहा। उसकी इस हरकत के बाद वे इमरजेंसी वार्ड से निकलकर मेडिकल ऑफिसर के कमरे में चले गए। लेकिन युवक वहां भी आ धमका और कॉलर से पकड़कर थप्पड़ मारे। उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन युवक के सिर पर भूत सवार था। वह मुझे पीटता रहा।
लेकिन वह बहसबाजी पर उतर आया। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने उससे कहा मरीज की जांच करने दो, पर युवक ने काम करने से रोक दिया। वह बार—बार दोहराता रहा कि मुझे ‘तेरा’ क्यों कहा। उसकी इस हरकत के बाद वे इमरजेंसी वार्ड से निकलकर मेडिकल ऑफिसर के कमरे में चले गए। लेकिन युवक वहां भी आ धमका और कॉलर से पकड़कर थप्पड़ मारे। उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन युवक के सिर पर भूत सवार था। वह मुझे पीटता रहा।
सुरक्षाकर्मियों से भी बदसलूकी की
डॉक्टर ने बताया कि शोर सुनकर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मचारी आए, लेकिन युवक उनसे भी बदसलूकी करने लगा। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ अस्पताल से बाहर निकल गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की। डॉ. सचिन वर्धन के साथ हुई इस घटना के बाद अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर तैश में आ गए। उन्होंने अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड के बाहर धरना लगा दिया।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अमृतपाल ने कहा कि डॉक्टरों पर लगातार हमले हो रहे हैं, पर पंजाब सरकार उनकी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं कर रही। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की, अन्यथा गुरुनानक देव अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार ठप रहेंगी। इसी बीच रेजिडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड से उठकर अस्पताल परिसर की परिक्रमा करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल्स में रहने वाले सभी डॉक्टरों को बुलाकर हड़ताल में शामिल किया गया।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. अमृतपाल ने कहा कि डॉक्टरों पर लगातार हमले हो रहे हैं, पर पंजाब सरकार उनकी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं कर रही। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की, अन्यथा गुरुनानक देव अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार ठप रहेंगी। इसी बीच रेजिडेंट डॉक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड से उठकर अस्पताल परिसर की परिक्रमा करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल्स में रहने वाले सभी डॉक्टरों को बुलाकर हड़ताल में शामिल किया गया।