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Diwali 2025: दीपों के महापर्व के लिए चंडीगढ़ वासी तैयार, रोशनी से नहाया शहर; इस लग्न में करें लक्ष्मी पूजन
Mon, 20 Oct 2025 12:31 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Oct 2025 12:31 AM IST
सार
इस वर्ष कार्तिक अमावस्या दो दिन रहेगी। पंचांग के अनुसार, अमावस्या 20 अक्तूबर को दोपहर 3:45 बजे शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:55 बजे तक रहेगी। दीपावली 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी जबकि 21 अक्तूबर को स्नान-दान का विशेष महत्व होगा।
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रोशनी से नहाया चंडीगढ़ ओपन एंड स्मारक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीपों का महापर्व दीपावली आज हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास की अमावस्या पर शाम को मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा होगी। घर-घर दीपक, मोमबत्तियां और रंग-बिरंगी लाइटें सजावट को और आकर्षक बना रही हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी और श्री देवालय पूजक परिषद के संरक्षक आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने घी के दीपों से नगर को रोशन किया था, जिससे दीपावली की परंपरा शुरू हुई।
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चंडीगढ़ सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी और श्री देवालय पूजक परिषद के संरक्षक आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने घी के दीपों से नगर को रोशन किया था, जिससे दीपावली की परंपरा शुरू हुई।
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दो दिन रहेगी कार्तिक अमावस्या
आचार्य शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष कार्तिक अमावस्या दो दिन रहेगी। पंचांग के अनुसार, अमावस्या 20 अक्तूबर को दोपहर 3:45 बजे शुरू होकर 21 अक्तूबर को शाम 5:55 बजे तक रहेगी। दीपावली 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी जबकि 21 अक्तूबर को स्नान-दान का विशेष महत्व होगा। शास्त्रों में प्रदोष और निशीथ काल में लक्ष्मी पूजा को सर्वोत्तम माना गया है।
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