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नर्सों की चेतावनी, कार्रवाई की तो करेंगी हड़ताल
ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:23 AM IST
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पीजीअाई
- फोटो : demo
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अपनी मर्जी से ड्यूटी बदलने वाली नर्सों पर जहां पीजीआई प्रशासन सख्त हो गया है, वहीं नर्सें भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। पीजीआई प्रशासन ने नर्सों की सैलरी रोक ने के साथ ही उन्हें शोकॉज नोटिस थमा दिया है। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि यदि जल्द नर्सों ने जवाब नहीं दिया तो उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
वहीं पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट लखविंदर सिंह ने पीजीआई प्रशासन की इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया है। उन्होंने चेताया कि यदि किसी भी नर्स को नौकरी से हटाया गया तो वे आंदोलन पर उतर आएंगे। सभी नर्सें हड़ताल पर चली जाएंगी। हालांकि एसोसिएशन ने पीजीआई प्रशासन के प्रति नरमी दिखाते हुए कहा है कि प्रशासन को इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। बातचीत से समस्या को हल किया जा सकता है।
यह है विवाद का कारण
पीजीआई में पिछले साल से लेकर इस साल मार्च तक साढ़े छह सौ से ज्यादा नर्सों ने ज्वाइन किया है। इनकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक, दूसरी शिफ्ट दोपहर दो बजे से लेकर रात आठ बजे तक व तीसरी शिफ्ट रात आठ बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक है। नर्सों का कहना है कि इस हिसाब से उनके कुल ड्यूटी आवर्स 168 बनते हैं, जबकि नियम के मुताबिक नर्सों को 160 घंटे ड्यूटी करनी चाहिए। ऐसे में नर्सों ने अपनी मर्जी से ड्यूटी आवर्स कम कर लिए।
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पीजीआई प्रशासन कर सकता है कड़ी कार्रवाई
पीजीआई के मुताबिक अप्वाइंटमेंट लेटर में साफ तौर पर लिखा है कि नर्सों को आठ घंटे ड्यूटी करनी होगी। अप्वाइंटमेंट लेटर पर हस्ताक्षर करने के बाद नर्सों ने पीजीआई में नियुक्ति हासिल की थी। अभी कई नर्र्सों का प्रोबेशन पीरियड चल रहा है। यदि नोटिस का जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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वहीं पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट लखविंदर सिंह ने पीजीआई प्रशासन की इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया है। उन्होंने चेताया कि यदि किसी भी नर्स को नौकरी से हटाया गया तो वे आंदोलन पर उतर आएंगे। सभी नर्सें हड़ताल पर चली जाएंगी। हालांकि एसोसिएशन ने पीजीआई प्रशासन के प्रति नरमी दिखाते हुए कहा है कि प्रशासन को इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। बातचीत से समस्या को हल किया जा सकता है।
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यह है विवाद का कारण
पीजीआई में पिछले साल से लेकर इस साल मार्च तक साढ़े छह सौ से ज्यादा नर्सों ने ज्वाइन किया है। इनकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक, दूसरी शिफ्ट दोपहर दो बजे से लेकर रात आठ बजे तक व तीसरी शिफ्ट रात आठ बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक है। नर्सों का कहना है कि इस हिसाब से उनके कुल ड्यूटी आवर्स 168 बनते हैं, जबकि नियम के मुताबिक नर्सों को 160 घंटे ड्यूटी करनी चाहिए। ऐसे में नर्सों ने अपनी मर्जी से ड्यूटी आवर्स कम कर लिए।
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पीजीआई प्रशासन कर सकता है कड़ी कार्रवाई
पीजीआई के मुताबिक अप्वाइंटमेंट लेटर में साफ तौर पर लिखा है कि नर्सों को आठ घंटे ड्यूटी करनी होगी। अप्वाइंटमेंट लेटर पर हस्ताक्षर करने के बाद नर्सों ने पीजीआई में नियुक्ति हासिल की थी। अभी कई नर्र्सों का प्रोबेशन पीरियड चल रहा है। यदि नोटिस का जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।