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Hindi News ›   Chandigarh ›   Dispute between ADGP and DGP on office of Narcotics Control Bureau in Haryana 

एनसीबी कार्यालय पर विवाद : एडीजीपी के पत्र का डीजीपी ने दिया जवाब, कहा-वित्तीय संकट में हरियाणा सरकार, फिर भी हमने स्टाफ दिया 

Fri, 02 Apr 2021 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 02 Apr 2021 12:32 PM IST
सार

  • एडीजीपी जाधव की चिट्ठी पर डीजीपी का जवाब, जान बूझकर स्टाफ न देने की बात को बताया गलत
  • विजिलेंस और सीआईडी में भी पुलिस से ही जाते हैं अधिकारी, दो घटनाओं का उदाहरण पत्र के साथ गृह सचिव को सौंपा

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Dispute between ADGP and DGP on office of Narcotics Control Bureau in Haryana 
गृहमंत्री अनिल विज और डीजीपी मनोज यादव। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के कार्यालय को लेकर ब्यूरो के एडीजीपी श्रीकांत जाधव और डीजीपी मनोज यादव के बीच विवाद गहरा गया है। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने गृह सचिव राजीव अरोड़ा के पत्र पर गृह मंत्री ने डीजीपी से पूरे मामले को लेकर सात दिन में जवाब मांगा था। जवाब में देरी पर विज खफा चल रहे थे।

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अब डीजीपी मनोज यादव की ओर से  जवाब दिया गया है। इसमें कहा गया है कि हरियाणा सरकार वित्तीय संकट से गुजर रही है। पुलिस महकमे से 75 अफसर परिवहन विभाग में भेजे गए हैं। विजिलेंस और सीआईडी में भी पुलिस महकमे से अधिकारी जाते हैं। जानबूझ कर स्टाफ नहीं दिया जा रहा, यह कहना गलत है। 
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एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने अपने पत्र में आरोप लगाए थे कि ब्यूरो के गठन के नौ माह बाद भी उनके पास कार्यालय नहीं है। कार्यालय की स्थापना को लेकर डीजीपी नकारात्मक रुख अपनाए हुए हैं। उनके साथ दर्जनों बार पत्राचार भी हुआ। व्हाट्सएप पर संदेश भी भेजे गए हैं, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में नशा तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कैसे की जा सकती है।

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पूरी रिसर्च के बाद दिया गया जवाब

26 मार्च को इस संदर्भ में गृह सचिव राजीव अरोड़ा को डीजीपी ने अवगत करवा दिया है। इस रिपोर्ट में विस्तार से जाधव की ओर से लिखे गए पत्र का जवाब दिया गया है। डीजीपी की ओर से यह जवाब इस मामले में पूरी रिसर्च करने के बाद दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि हमने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को गाड़ी भेजी है। पुलिस के कर्मचारी और कंप्यूटर दिए हैं। साथ ही जहां पर आवश्यक हुआ वहां बजट का भी प्रावधान किया है।

एसटीएफ का उदाहरण दिया 
उदाहरण के तौर पर यह भी लिखा गया है कि हरियाणा में ढाई साल पहले एसटीएफ का गठन किया गया था, लेकिन एसटीएफ के पास आज भी पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। बावजूद इसके किसी आईजी ने इस तरह से चिट्ठी नहीं लिखी है।
 

मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी वी कामराज को दो साल पहले यह ड्यूटी दी थी कि हरियाणा में हाईवे पेट्रोल नहीं है। कामराज खुद वित्त विभाग में जाते थे, अधिकारियों से बैठक करते थे। जमीन नहीं थी तो राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास गए। आज जगह-जगह हाईवे पेट्रोल चौकी है। 30 किलोमीटर के दायरे में यह पुलिस गश्त करती है। उन्होंने काम किया किसी पर आरोप नहीं लगाए।

श्रीकांत जाधव इस समय चुनाव ड्यूटी पर हैं। जाधव ड्यूटी से लौटेंगे तो उनसे विस्तार से बात की जाएगी। -अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा

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