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पंजाबः पूर्व सीएम बादल के करीबी कोलियांवाली पर केस दर्ज, आय से अधिक संपत्ति का मामला

Mon, 02 Jul 2018 05:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 02 Jul 2018 05:06 PM IST
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disproportionate assets case ragistered against dyal singh kolianwali
दयाल सिंह कोलियांवाली
आखिर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के सबसे करीबी सिपहसालार दयाल सिंह कोलियांवाली पर शिकंजा कस ही दिया। विजिलेंस ने मोहाली थाने में कोलियांवाली के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में परचा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोलियांवाली अधीनस्थ सेवा बोर्ड के मेंबर और पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के चेयरमैन रहे हैं। विजिलेंस ने 2009 से 2014 के दौरान पद पर रहते हुए आय से ज्यादा संपत्ति बनाने की जांच शुरू की तो हैरतंगेज खुलासे हुए हैं।
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इस दौरान कोलियांवाली ने ज्ञात साधनों से प्राप्त कुल आय से 1.71 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए जोकि कुल आय से 71 प्रतिशत ज्यादा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कोलियांवाली ने पद पर रहते हुए सरकारी गाड़ियों का जमकर दुरुपयोग किया। सरकारी अधिकारियों व मुलाजिमों की मिलीभगत से तबादलों और नियुक्तियों के जरिए भारी रकम हासिल की। गैरकानूनी तत्वों की मदद से पैसे इकट्ठे किए। विजिलेंस को पंजाब से बाहर भी कोलियांवाली की संपत्तियों का पता लगा है।
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राजस्थान, उत्तराखंड समेत कुछ जगह कोलियांवाली की प्रॉपर्टी, होटल, खेत, फार्म हाउस आदि की पड़ताल की जा रही है।  विजिलेंस प्रवक्ता ने कहा कि कोलियांवाली अपने परिवार के साथ करीब पांच एकड़ में बने महलनुमा फार्म हाउस में रहता है। वह शाही सहूलियतों वाली जिंदगी बिता रहा था। उसने अपने बेटे के विवाह पर काफी रकम खर्च की। कोलियांवाली ने पद का दुरुपयोग करके आय के ज्ञात स्रोतो से बहुत ज्यादा संपत्ति बनाई।
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पहले सहकारिता विभाग ने दिया था नोटिस
कोलियांवाली पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के चुनाव की कमान भी संभालते हैं। सहकारिता मंत्री बनते ही सुखजिंदर रंधावा ने बड़े कर्ज डिफॉल्टरों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए तो सबसे पहले नाम कोलियांवाली का आया था। उनके, पत्नी और बेटे पर करोड़ों का लोन था, जिसकी किस्तें काफी समय से नहीं दी जा रही थीं। कोलियांवाली का दबदबा इतना था कि संबंधित अधिकारी ने रंधावा के आदेश के बाद भी उन्हें नोटिस तक नहीं भेजा। इसके बाद अधिकारी को सस्पेंड करके नोटिस भिजवाया गया। कोलियांवाली के चौकीदार ने नोटिस लेने से इंकार कर दिया था तो गेट पर चिपकाया गया। इसके बाद कोलियांवाली परिवार ने रकम लौटाई।


बदले की सियासत कर रही कांग्रेस : शिअद
शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि कांग्रेस बदले की सियासत कर रही है। केस दर्ज करने की इतनी जल्दबाजी थी कि कोलियांवाली को अपनी आय के सोर्स बताने का भी मौका नहीं दिया गया। कोलियांवाली के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया है कि उनके राजस्थान, उत्तराखंड में होटल व जायदाद है। कोलियांवाली द्वारा आयकर विभाग के पास जमा कराए आय के ब्यौरे को भी सरकार ने मानने से इंकार कर दिया है। डॉ. चीमा ने आरोप लगाया कि इससे पहले कोलियांवाली के बेटे परमिंदर पर कातिलाना हमले के बाद पुलिस ने कोलियांवाली, उनके बेटे व भतीजे पर ही केस दर्ज कर लिया था। अब लोगों का ध्यान सरकार की नाकामियों से हटाने के लिए नया केस दर्ज कर लिया।
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