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खुलासा : मास्टरमाइंड सतीश और सोमवीर के रिश्तेदार भी भर्ती हुए थे फायरमैन
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चंडीगढ़। फायरमैन भर्ती में घोटाला हुआ था इसकी जानकारी पुलिस भी है। इसके बावजूद न जाने पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है, क्योंकि चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में जांच पड़ताल करने के बाद खुद अदालत में फर्जी तरीके से भर्ती हुए फायरमैन के नाम का जिक्र किया था। पुलिस ने चार्जशीट में भी बताया था कि सोमवीर और सतीश से पूछताछ में उनके रिश्तेदारों की भी इस भर्ती के बारे में पता चला है, जो फायरमैन भर्ती हुए हैं। आरोपियों के रिश्तेदार वर्तमान में दमकल विभाग में नौकरी कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जो भर्ती हुए हैं उन तीन-चार फायरमैन के नाम चार्जशीट में लिखे गए थे। सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि करीब 60 से अधिक फर्जी फायरमैन की नियुक्ति की गई थी, और इनमें प्रत्येक से भर्ती के लिए 10-10 लाख रुपये वसूले गए थे।
डीजीपी ने दिए जांच जल्द पूरी करने के आदेश दिए
फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच नए डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में की जा रही है। उन्होंने जांच कर रही टीम को निर्देश दिए कि मामले की तह तक पहुंचकर जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए। गौरतलब है कि यह मामला पिछले तीन साल से लंबित है। अमर उजाला ने इस विषय पर कई बार खास खबरें प्रकाशित की थीं, इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और जांच आगे बढ़ाई। लेकिन इसकी जांच बहुत धीमी गति से हो रही थी। इसको लेकर डीजीपी ने जल्द से जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं।
दूसरे की जगह परीक्षा देता पकड़ा था सतीश को
साल-2023 में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को दूसरे की जगह परीक्षा देते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उसने बताया था कि वह सोमवीर के साथ मिलकर फायरमैन फर्जी भर्ती में शामिल था, इसके लिए उन्होंने हर उम्मीदवार से 10-10 लाख रुपये लिए थे। सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपियों में दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया था, जो डेढ़ साल से नौकरी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया था कि इनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी।
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फर्जी भर्ती में यूटी पुलिस का एक सिपाही भी शामिल
सूत्रों के अनुसार यह भी सामने आया है कि इस भर्ती में आरोपियों के साथ चंडीगढ़ पुलिस का एक सिपाही भी शामिल था, जिस पर पहले से परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी का केस दर्ज है। लेकिन पुलिस ने इसकी जांच रोक दी। अभी तक पुलिस दूसरों की जगह परीक्षा देने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाया था सिपाही भर्ती
यह भी सामने आया है कि सतीश ने खुलासा किया था कि उसने अपने किसी रिश्तेदार की लिखित परीक्षा देकर उसे हरियाणा पुलिस में भी सिपाही लगवाया था। सतीश ने खुद उम्मीदवार की लिखित परीक्षा दी थी। पुलिस ने पंचकूला हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को दो बार नोटिस भेजकर सतीश से पूछताछ में बताए गए हरियाणा पुलिस में तैनात सिपाही का रिकॉर्ड मंगवाया था। इसमें बैच नंबर और बेल्ट नंबर भी लिखा था, लेकिन हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने चंडीगढ़ को कोई जवाब नहीं दिया।
सोनीपत में भी पकड़ा गया था सतीश
सतीश ने पूछताछ में खुलासा किया था कि उसने साल-2015 में सोनीपत में यूजीसी नेट परीक्षा में भी दूसरे की जगह परीक्षा दी थी, लेकिन वह पकड़ा गया था। इस मामले में सोनीपत में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। वहां पर सतीश ने राजेश कुमार नामक उम्मीदवार की जगह परीक्षा दी थी और सतीश इस मामले में जेल में रहा था।
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डीजीपी ने दिए जांच जल्द पूरी करने के आदेश दिए
फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच नए डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में की जा रही है। उन्होंने जांच कर रही टीम को निर्देश दिए कि मामले की तह तक पहुंचकर जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए। गौरतलब है कि यह मामला पिछले तीन साल से लंबित है। अमर उजाला ने इस विषय पर कई बार खास खबरें प्रकाशित की थीं, इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और जांच आगे बढ़ाई। लेकिन इसकी जांच बहुत धीमी गति से हो रही थी। इसको लेकर डीजीपी ने जल्द से जल्द जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं।
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दूसरे की जगह परीक्षा देता पकड़ा था सतीश को
साल-2023 में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को दूसरे की जगह परीक्षा देते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उसने बताया था कि वह सोमवीर के साथ मिलकर फायरमैन फर्जी भर्ती में शामिल था, इसके लिए उन्होंने हर उम्मीदवार से 10-10 लाख रुपये लिए थे। सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपियों में दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया था, जो डेढ़ साल से नौकरी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया था कि इनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी।
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फर्जी भर्ती में यूटी पुलिस का एक सिपाही भी शामिल
सूत्रों के अनुसार यह भी सामने आया है कि इस भर्ती में आरोपियों के साथ चंडीगढ़ पुलिस का एक सिपाही भी शामिल था, जिस पर पहले से परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी का केस दर्ज है। लेकिन पुलिस ने इसकी जांच रोक दी। अभी तक पुलिस दूसरों की जगह परीक्षा देने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाया था सिपाही भर्ती
यह भी सामने आया है कि सतीश ने खुलासा किया था कि उसने अपने किसी रिश्तेदार की लिखित परीक्षा देकर उसे हरियाणा पुलिस में भी सिपाही लगवाया था। सतीश ने खुद उम्मीदवार की लिखित परीक्षा दी थी। पुलिस ने पंचकूला हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को दो बार नोटिस भेजकर सतीश से पूछताछ में बताए गए हरियाणा पुलिस में तैनात सिपाही का रिकॉर्ड मंगवाया था। इसमें बैच नंबर और बेल्ट नंबर भी लिखा था, लेकिन हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने चंडीगढ़ को कोई जवाब नहीं दिया।
सोनीपत में भी पकड़ा गया था सतीश
सतीश ने पूछताछ में खुलासा किया था कि उसने साल-2015 में सोनीपत में यूजीसी नेट परीक्षा में भी दूसरे की जगह परीक्षा दी थी, लेकिन वह पकड़ा गया था। इस मामले में सोनीपत में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। वहां पर सतीश ने राजेश कुमार नामक उम्मीदवार की जगह परीक्षा दी थी और सतीश इस मामले में जेल में रहा था।