हाईकोर्ट ने पूछा: डीजीपी साहब! आपने किस आधार पर कहा था कि लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब में नहीं हुआ
गैंगस्टर लाॅरेंस बिश्नोई जेल में बंद है। उसके जेल से ही दो इंटरव्यू वायरल हुए थे। इसका मामला पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू पंजाब में नहीं होने के दावे पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को फटकार लगाते हुए पूछा कि आपने किसके कहने पर यह बयान दिया था। इसके साथ ही खरड़ में हुए इंटरव्यू के लिए सुपरवाइजर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। गृह सचिव ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
वीरवार सुबह 10 बजे हाईकोर्ट के आदेश पर राजस्थान के एडवोकेट जनरल (एजी) राजेंद्र प्रसाद वीसी के जरिये सुनवाई में शामिल हुए। एजी को बताया गया कि लॉरेंस बिश्नोई का दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जेल में हुआ। हाईकोर्ट ने दूसरी एफआईआर का रिकॉर्ड एसआईटी को राजस्थान के डीजीपी को भेजने का आदेश दिया है। राजस्थान के एजी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि एफआईआर की कॉपी मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद सुनवाई 2 बजे तक के लिए स्थगित करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब के गृह सचिव व डीजीपी को पेश होने का आदेश दिया।
दोपहर दो बजे दोबारा सुनवाई आरंभ हुई तो हाईकोर्ट ने कहा कि मीडिया में खबरें हैं कि लॉरेंस अब भी जेल से उगाही कर रहा है, ऐसा लगता है कि आप की जेलों में अभी कोई सुधार नहीं हुआ है। लॉरेंस के साथ बुलेट प्रूफ गाड़ियों का काफिला चलता है, फिर कैसे यह इंटरव्यू संभव हुआ। पुलिस अधिकारियों को सब पता है, लेकिन केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है, एसएसपी स्तर के अधिकारी को बचाने की कोशिश की जा रही है। मोहाली के एसएसपी सुपरवाइजर थे, इंटरव्यू हुआ इसका मतलब वह अपने कार्य में विफल रहे। इंटरव्यू के समय खरड़ में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, सिक्योरिटी स्टाफ व मोहाली के एसएसपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। पंजाब के एजी ने विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही सभी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
डीजीपी से पूछा- कार्रवाई से पीछे क्यों हटा जा रहा
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने यह कहा था कि इंटरव्यू बठिंडा की जेल में नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने कहा कि पूरा पंजाब आप के अधीन है, इंटरव्यू खरड़ में हुआ था, यह बताएं खरड़ आपके कार्यालय से कितनी दूर है। आखिर क्यों कार्रवाई से पीछे हटा जा रहा है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
दिसंबर तक जेलों में होंगे सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त
जेलों में जैमर लगाने को लेकर फंड की कमी पर गृह सचिव ने विश्वास दिलाया कि जल्द ही फंड की व्यवस्था कर दी जाएगी। केंद्र सरकार ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि जैमर व जेल की सुरक्षा के लिए जरूरी मदद की जाएगी। डीजीपी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि दिसंबर तक पूरे पंजाब की जेल में सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर देंगे।