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Highcourt: आदेश के बावजूद नहीं जमा कराए सिक्योरिटी के 12 करोड़, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार

Wed, 02 Oct 2024 01:14 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 02 Oct 2024 01:14 PM IST
सार

न्यू चंडीगढ़ में मौजूद सेंट स्टीफन स्कूल की पैरेंट टीचर एसोसिएशन ने बताया कि तोगा गांव में मौजूद स्कूल के निकट सीवरेज का पानी जमा रहता है। इसके कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्कूल में बैठना मुश्किल हो गया है।

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Despite order, security amount of Rs 12 crore was not deposited, High Court reprimanded Punjab govt
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सही काम करें, यह सुनिश्चित करने के लिए सिक्योरिटी के रूप में 12 करोड़ रुपये हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के पास जमा करवाने के आदेश का पालन न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई है।

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हाईकोर्ट ने दो दिन के भीतर राशि जमा कराने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर प्रतिदिन राशि में एक करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी। मामले में याचिका दाखिल करते हुए न्यू चंडीगढ़ में मौजूद सेंट स्टीफन स्कूल की पैरेंट टीचर एसोसिएशन ने बताया कि तोगा गांव में मौजूद स्कूल के निकट सीवरेज का पानी जमा रहता है। इसके कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्कूल में बैठना मुश्किल हो गया है।
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एसोसिएशन की ओर से सीनियर एडवोकेट रूपिंदर सिंह खोसला, एडवोकेट अमन शर्मा ने बताया कि इस समस्या के बारे में विभिन्न स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई उपाय नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान ही याची पक्ष के वकील ने कहा कि यह मामला केवल मोहाली का नहीं बल्कि पूरे पंजाब में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कमी का है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई थी और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के सही प्रकार से काम करने तक सिक्योरिटी के तौर पर 12 करोड़ रुपये रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष जमा करवाने का आदेश दिया था।
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जस्टिस विनोद के भारद्वाज ने आदेश जारी कर पंजाब सरकार को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की उपचार क्षमता बढ़ाने व ट्रीटमेंट के बाद सीवेज की स्थिति सुधारने को कहा था। जस्टिस विनोद भारद्वाज ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिए हैं कि वह पंजाब के 93 शहरों में स्थापित 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स से नमूने एकत्रित करें।


मामले की सुनवाई आरंभ होते ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि पूरे प्रदेश से एसटीपी के उपचारित पानी के नमूने ले लिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने में 4 माह का समय लगेगा। हाईकोर्ट ने विशेषज्ञों की टीम का सारा खर्च दो सप्ताह के भीतर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भुगतान करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि स्कूल के पास से गंदा पानी हटा दिया गया है, याची ने इसे गलत बताया। इस पर हाईकोर्ट ने अब एडवोकेट अश्वनी भारद्वाज को लोकल कमिश्नर नियुक्त कर जांच का आदेश दिया है। साथ ही प्रदेश भर की पंचायतों में ठहरे हुए पानी का क्लोरीनीकरण करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश के एसटीपी मानकों के अनुरूप नहीं हैं, ऐसे में इसके उपचार के लिए किए गए भुगतान की जांच करने की जरूरत है।

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