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Chandigarh News: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पिछड़ा डेराबस्सी, 39 में से 35वां स्थान

Tue, 09 Sep 2025 11:49 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:49 PM IST
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Derabassi lags behind in clean air survey, ranked 35th out of 39
डेराबस्सी। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इस बार डेराबस्सी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 के नतीजों में डेराबस्सी को 39 नगरों में से 35वां स्थान मिला है। डेराबस्सी इस बार इसलिए पिछड़ा क्योंकि यहां औद्योगिक गतिविधियां, बढ़ता ट्रैफिक, कम हरियाली और कमजोर पर्यावरण नीतियां वायु को साफ रखने में विफल रही हैं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासनिक प्रयास नाकाफी हैं।
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शहर के नागरिक लंबे समय से औद्योगिक धुएं, धूलकण और ट्रैफिक प्रदूषण से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोग विमल शर्मा, हरदीप सिंह व अन्य बताते हैं कि कई इलाकों में सुबह-शाम धुंध जैसी स्थिति बनी रहती है। वहीं, सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी डेराबस्सी की वायु गुणवत्ता को चिंताजनक स्तर पर बताया गया है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर तुरंत प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों पर सख्ती करे, हरियाली बढ़ाने के लिए ठोस अभियान चलाए और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करे, तभी डेराबस्सी को अगले सर्वेक्षण में बेहतर स्थान मिल सकता है।
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इन कारणों से पिछड़ा इलाका
वाहनों की संख्या बढ़ी
शहर के आसपास कई छोटे और बड़े उद्योग हैं जो वायु में हानिकारक पदार्थ छोड़ते हैं। औद्योगिक कचरे का खुला तौर पर जलना भी वायु को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। डेराबस्सी में वाहनों की संख्या बढ़ी है, लेकिन सड़कें और ट्रैफिक प्रबंधन अपर्याप्त हैं। पुराने और अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों का संचालन वायु गुणवत्ता बिगाड़ता है।


हरियाली की कमी
शहर में पौधरोपण और हरे-भरे क्षेत्र कम हैं। पेड़ और पौधे हवा से प्रदूषण को फिल्टर करने में मदद करते हैं। उनकी कमी वायु को अधिक प्रदूषित बनाती है । निर्माण कार्य और धूलकण लगातार निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल शहर की हवा में घुलकर प्रदूषण बढ़ाती है। प्रदूषण नियंत्रण नीतियों का अभाव है। औद्योगिक इकाइयों और वाहनों पर निगरानी कमजोर है। स्वच्छता और प्रदूषण कम करने के अभियान पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं।
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