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जंगलात विभाग में करोड़ों की घपलेबाजी में रेंज अफसर सस्पेंड, जानिए पूरा मामला
हरजीत सिंह/अमर उजाला, डेराबस्सी
Updated Tue, 30 Jan 2018 04:53 PM IST
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वन विभाग में अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की घपलेबाजी में डेराबस्सी के तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरी तरफ विभाग की इस कार्रवाई पर शिकायतकर्ता ने गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता सतपाल सिंह ने आरोप लगाया कि विभाग की तरफ से इस घपलेबाजी में शामिल उच्च अधिकारियों को बचाया जा रहा है, जबकि तत्काल रेंज अफसर के साथ उच्च अधिकारी भी पूरी तरह शामिल हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने अदालत जाने की दी चेतावनी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग के आईएफएस अधिकारी हर्ष कुमार की तरफ से जांच में स्पष्ट तौर पर आरोपी अधिकारियों के इस मामले में शामिल होने के बारे में लिखा गया है। लेकिन विभाग ने खानापूर्ति करने के लिए सबसे छोटे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति की गई है। इसके खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग ने एक बार यह जांच उच्च अधिकारी से करवा ली है, लेकिन कार्रवाई करने की जगह विभाग ने अधिकारियों को बचाने के लिए एक अन्य जांच पहले से छोटे अधिकारी को दे दी है। इस कारण विभाग की कार्रवाई शक के घेरे में आती है। विभाग अपने अधिकारियों को बचाने के लिए फिर से जांच करवा रहा है।
आईएफएस हर्ष कुमार ने की मामले की जांच
डेराबस्सी निवासी सतपाल सिंह ने जंगलात विभाग के उच्च अधिकारियों को सबूतों समेत एक शिकायत देकर आरोप लगाया था कि विभाग द्वारा बीते समय कराए गए कार्यों में अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये सरकारी फंडों में हेरफेर की गई है। शिकायत पर मामले की जांच हर्ष कुमार (आईएफएस) ने की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में विभाग के तीन आईएफएस, एक सेवामुक्त पीएफएस और डेराबस्सी के तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को सरकारी फंडों में करोड़ों के हेरफेर और उसके दुरुपयोग का दोषी पाया और उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। इस रिपोर्ट में विभाग के मुख्य जंगलात अफसर रतना कुमार (आईएफएस), सहायक जंगलात अफसर राजेश चौधरी (आईएफएस), महावीर सिंह (आईएफएस) जंगलात अफसर बिसत सर्कल जालंधर, तेजिंदर सिंह सैनी (पीएफएस) वन मंडल अफसर (सेवामुक्त), सतपाल सिंह तत्काल वन रेंजर डेराबस्सी (अब छतबीड़ चिड़ियाघर में तैनात) के नाम शामिल हैं।
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रिपोर्ट में जांच अधिकारी ने 14 प्वाइंट बताए
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में विस्तार के साथ 14 प्वाइंट बनाए हैं, जिनमें सरकारी फंडों में करोड़ों की हेरफेर के अलावा डेराबस्सी नगर परिषद में बनाए जा रहे नेचर पार्कों में खर्च किए जाने वाले फंडों में घपलेबाजी दिखाई गई।
जांच पूरी होने से पहले ही कार्रवाई
जंगलात विभाग के मुख्य सचिव सतीश चंद्रा ने जांच अधिकारी के सामने आरोपी अफसरों के पेश न होने पर हर्ष कुमार का पक्ष सुनकर अंतिम रिपोर्ट विभाग के प्रधान वन पाल अफसर (एचओएफएफ) जितेंद्र शर्मा को भेजने के लिए कहा था। जितेंद्र शर्मा की तरफ से इस मामले की जांच उप वनपाल (वर्किंग प्लान) मनीष कुमार को दी गई थी, जो बीते दिनों मौका देखने डेराबस्सी पहुंचे थे। लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही डेराबस्सी के तत्काल वन रेंज अफसर सतपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।
विभाग ने पत्र में यह बात कही
विभाग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि शिकायतकर्ता की तरफ से डेराबस्सी जंगलात क्षेत्र में सरकारी फंडों में हुई अनियमितताओं के बारे में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसकी जांच उप वनपाल को दी गई थी। जांच अधिकारी की तरफ से प्राप्त प्राथमिक रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को निलंबित किया जाता है। उनकी जगह छतबीड़ चिड़ियाघर का अतिरिक्त प्रभार रेंज अफसर भलिंदर सिंह को दिया गया है। इस दौरान उसे होशियारपुर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
जांच में करेंगे सहयोग: सतपाल सिंह
संपर्क करने पर निलंबित तत्काल वन रेंज अफसर सतपाल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए खुद को बेकसूर बताया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
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शिकायतकर्ता ने अदालत जाने की दी चेतावनी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग के आईएफएस अधिकारी हर्ष कुमार की तरफ से जांच में स्पष्ट तौर पर आरोपी अधिकारियों के इस मामले में शामिल होने के बारे में लिखा गया है। लेकिन विभाग ने खानापूर्ति करने के लिए सबसे छोटे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर खानापूर्ति की गई है। इसके खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग ने एक बार यह जांच उच्च अधिकारी से करवा ली है, लेकिन कार्रवाई करने की जगह विभाग ने अधिकारियों को बचाने के लिए एक अन्य जांच पहले से छोटे अधिकारी को दे दी है। इस कारण विभाग की कार्रवाई शक के घेरे में आती है। विभाग अपने अधिकारियों को बचाने के लिए फिर से जांच करवा रहा है।
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आईएफएस हर्ष कुमार ने की मामले की जांच
डेराबस्सी निवासी सतपाल सिंह ने जंगलात विभाग के उच्च अधिकारियों को सबूतों समेत एक शिकायत देकर आरोप लगाया था कि विभाग द्वारा बीते समय कराए गए कार्यों में अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये सरकारी फंडों में हेरफेर की गई है। शिकायत पर मामले की जांच हर्ष कुमार (आईएफएस) ने की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में विभाग के तीन आईएफएस, एक सेवामुक्त पीएफएस और डेराबस्सी के तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को सरकारी फंडों में करोड़ों के हेरफेर और उसके दुरुपयोग का दोषी पाया और उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की सिफारिश की थी। इस रिपोर्ट में विभाग के मुख्य जंगलात अफसर रतना कुमार (आईएफएस), सहायक जंगलात अफसर राजेश चौधरी (आईएफएस), महावीर सिंह (आईएफएस) जंगलात अफसर बिसत सर्कल जालंधर, तेजिंदर सिंह सैनी (पीएफएस) वन मंडल अफसर (सेवामुक्त), सतपाल सिंह तत्काल वन रेंजर डेराबस्सी (अब छतबीड़ चिड़ियाघर में तैनात) के नाम शामिल हैं।
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रिपोर्ट में जांच अधिकारी ने 14 प्वाइंट बताए
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में विस्तार के साथ 14 प्वाइंट बनाए हैं, जिनमें सरकारी फंडों में करोड़ों की हेरफेर के अलावा डेराबस्सी नगर परिषद में बनाए जा रहे नेचर पार्कों में खर्च किए जाने वाले फंडों में घपलेबाजी दिखाई गई।
जांच पूरी होने से पहले ही कार्रवाई
जंगलात विभाग के मुख्य सचिव सतीश चंद्रा ने जांच अधिकारी के सामने आरोपी अफसरों के पेश न होने पर हर्ष कुमार का पक्ष सुनकर अंतिम रिपोर्ट विभाग के प्रधान वन पाल अफसर (एचओएफएफ) जितेंद्र शर्मा को भेजने के लिए कहा था। जितेंद्र शर्मा की तरफ से इस मामले की जांच उप वनपाल (वर्किंग प्लान) मनीष कुमार को दी गई थी, जो बीते दिनों मौका देखने डेराबस्सी पहुंचे थे। लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही डेराबस्सी के तत्काल वन रेंज अफसर सतपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।
विभाग ने पत्र में यह बात कही
विभाग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि शिकायतकर्ता की तरफ से डेराबस्सी जंगलात क्षेत्र में सरकारी फंडों में हुई अनियमितताओं के बारे में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसकी जांच उप वनपाल को दी गई थी। जांच अधिकारी की तरफ से प्राप्त प्राथमिक रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए तत्काल रेंज अफसर सतपाल सिंह को निलंबित किया जाता है। उनकी जगह छतबीड़ चिड़ियाघर का अतिरिक्त प्रभार रेंज अफसर भलिंदर सिंह को दिया गया है। इस दौरान उसे होशियारपुर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
जांच में करेंगे सहयोग: सतपाल सिंह
संपर्क करने पर निलंबित तत्काल वन रेंज अफसर सतपाल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए खुद को बेकसूर बताया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।