भाजपा और जजपा में मंत्रियों को लेकर मामला सुलझा, लेकिन निर्दलीयों ने विस्तार पर लगाया ब्रेक
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महाराष्ट्र चुनाव से फुर्सत के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल की आलाकमान से मीटिंग तो हो गई, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार पर अटकलों का दौर जारी है। मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी पर विपक्ष ने भी प्रहार करने शुरू कर दिए हैं। 27 अक्तूबर को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद एक पखवारा बीत चुका है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो पाया है।
इस बीच सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों ने दिल्ली में बैठक कर अपने हिस्से में दो मंत्री पद की मांग कर दी है। अंदरखाने हुई इस बैठक में दबाव बनाने का काम किया गया है। हालांकि बाहर निकल कर विधायकों ने सब कुछ ठीक-ठाक होने का दावा किया है। ऐसे में 13 नवंबर को भी शपथ ग्रहण होने की उम्मीद खटाई में पड़ गई है।
अब 14 नवंबर को शपथ ग्रहण की अटकलें चल रही हैं। उधर, जजपा और भाजपा का मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रहा पेंच सुलझ गया है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की सीएम मनोहर लाल से मुलाकात के बाद दोनों दलों में आपसी सहमति से ही मंत्रिमंडल विस्तार होना तय हुआ है।
हालांकि दुष्यंत चौटाला की तरफ से अधिक की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिलहाल उन्हें उनका सम्मान कायम रखने का आश्वासन दिया गया है। बैठक के बाद बाहर निकल कर दुष्यंत ने 48 घंटे के अंदर मंत्रिमंडल विस्तर की घोषणा की है।
48 घंटे में होगा मंत्रिमंडल विस्तार: दुष्यंत
सीएम से बैठक के बाद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई है। अगले 48 घंटे में मंत्रिमंडल विस्तार होगा। मुख्यमंत्री के साथ विभागों के आवंटन को लेकर भी चर्चा हुई है। जजपा से कितने मंत्री बनेगें दो बनेंगे या ढाई, ये हमारा अंदरूनी मामला है। कितने निर्दलीय मंत्री बनेंगे ये दोनों दल मिलकर तय करेंगे।
मंत्री कोई भी बने मिलकर करेंगे काम
निर्दलीय विधायक नयन पाल रावत ने दिल्ली में बैठक के बाद कहा कि आगे की रणनीति पर चर्चा हुई है। बैठक में शामिल निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू, रणधीर गोलन, धर्मपाल गोंदर व सोमवीर सांगवान भी मौजूद रहे। हम सभी पांचों विधायक भाजपा समर्थित हैं।
हमारी भाजपा और मुख्यमंत्री में पूरी आस्था है। हमारा सहयोग पांच वर्ष तक बना रहेगा। हम पांचों ने यह तय किया है कि मंत्री चाहे किसी को भी बनाया जाए, सभी मिलकर काम करेंगे। हमारे में से जिसे भी मंत्री बनाया जाएगा उसका स्वागत होगा।
सरकार और निर्दलीय विधायकों के एक धड़े में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि रणजीति सिंह भी देवीलाल परिवार से हैं और दुष्यंत चौटाला भी। ऐसे में रणजीत सिंह को पद दिए जाने का मतलब यह होगा कि सभी अहम पद एक ही परिवार को चले जाएंगे। हालांकि सीएम मनोहर लाल इस बात के पक्षधर नहीं है, लेकिन अंतिम निर्णय क्या होगा यह विस्तार के समय ही पता चलेगा।
इन विभागों पर फंसा था पेंच
हालांकि विभाग मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही तय होंगे, लेकिन जजपा की ओर से भारी भरकम महकमों की डिमांड की गई थी। जिसमें वित्त, उद्योग, कृषि, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, आबकारी एवं कराधन विभाग पर जजपा का जोर था। इस मामले में दोनों नेताओं की बैठक के बाद सहमति बन गई है। दुष्यंत चौटाला को भी डिप्टी सीएम के नाते अहम विभाग दिए जाएंगे।
हरियाणा सरकार में पहले थे 14 मंत्री
पिछली सरकार में 14 मंत्री बने थे। जिसमें से 8 कैबिनेट और 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार थे। पहले विस्तार में 12 मंत्री बने थे। बाद में दो मंत्री सरकार ने हटा कर चार अन्य मंत्रियों को शामिल किया था। घनश्याम सर्राफ और विक्रम ठेकेदार को सरकार ने हटाया था।
पहले विस्तार में आठ की उम्मीद
इस बार पहले विस्तार में बन सकते हैं आठ मंत्री। जिसमें से पांच भाजपा के दो जजपा के और एक निर्दलीय विधायक शामिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पहले ही शपथ ले चुके हैं। अब देखना यह होगा कि कौन-कौन से चेहरों को पहले विस्तार में स्थान मिलेगा।