{"_id":"6531884b682f689af60dd9a7","slug":"dependents-of-guest-teachers-will-get-rs-3-lakh-in-lump-sum-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-266071-2023-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: अतिथि अध्यापकों के आश्रितों को एकमुश्त मिलेंगे तीन लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: अतिथि अध्यापकों के आश्रितों को एकमुश्त मिलेंगे तीन लाख
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा शिक्षा विभाग ने अतिथि अध्यापकों को झटका दिया है। सप्ताह पहले ही विभाग ने आदेश दिए थे दिवंगत अतिथियों के आश्रितों को 58 साल तक वेतन दिया जाएगा, लेकिन विभाग ने इस आदेश को रद्द करते हुए एकमुश्त तीन लाख रुपये देने की बात कही है। हालांकि, इसको लेकर एक बार फिर से अतिथि अध्यापक मुखर हो गए हैं।
मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से कैथल, रोहतक, पलवल और फरीदाबाद के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि दिवंगत अतिथि अध्यापकों के परिजनों को 58 वर्ष की आयु तक वेतनमान देने के फैसले को रद्द किया जाता है। 28 जुलाई 2016 के फैसले के अनुसार दिवंगत अतिथि अध्यापक के आश्रितों को एकमुश्त तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दिवंगत अतिथि अध्यापकों को दी जाने वाली सहायता राशि का ब्योरा मांगा है।
गौर हो कि अतिथि अध्यापक लंबे समय से नियमित करने और एक्स-ग्रेसिया का लाभ देने की मांग को उठा रहे हैं। प्रदेश में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक कार्यरत हैं। 13 अक्टूबर को हुई बैठक में विभाग ने आदेश जारी किए थे अतिथि अध्यापक की मृत्यु होने पर आश्रितों को 58 वर्ष की आयु तक वेतन दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा शिक्षा विभाग ने अतिथि अध्यापकों को झटका दिया है। सप्ताह पहले ही विभाग ने आदेश दिए थे दिवंगत अतिथियों के आश्रितों को 58 साल तक वेतन दिया जाएगा, लेकिन विभाग ने इस आदेश को रद्द करते हुए एकमुश्त तीन लाख रुपये देने की बात कही है। हालांकि, इसको लेकर एक बार फिर से अतिथि अध्यापक मुखर हो गए हैं।
मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से कैथल, रोहतक, पलवल और फरीदाबाद के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि दिवंगत अतिथि अध्यापकों के परिजनों को 58 वर्ष की आयु तक वेतनमान देने के फैसले को रद्द किया जाता है। 28 जुलाई 2016 के फैसले के अनुसार दिवंगत अतिथि अध्यापक के आश्रितों को एकमुश्त तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दिवंगत अतिथि अध्यापकों को दी जाने वाली सहायता राशि का ब्योरा मांगा है।
विज्ञापन
गौर हो कि अतिथि अध्यापक लंबे समय से नियमित करने और एक्स-ग्रेसिया का लाभ देने की मांग को उठा रहे हैं। प्रदेश में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक कार्यरत हैं। 13 अक्टूबर को हुई बैठक में विभाग ने आदेश जारी किए थे अतिथि अध्यापक की मृत्यु होने पर आश्रितों को 58 वर्ष की आयु तक वेतन दिया जाएगा।
विज्ञापन