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भ्रष्टाचार के संवेदनशील पदों की जानकारी छुपा रहे विभाग: सरकार ने जताई नाराजगी, अब सूचना देने का अंतिम मौका

Wed, 01 Mar 2023 10:04 AM IST
नवीन दलाल सोमदत्त शर्मा, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 01 Mar 2023 10:04 AM IST
सार

हरियाणा सरकार पिछले 17 माह से सभी विभागों से संवेदनशील पदों की जानकारी मांगने के मामले में मुख्य सचिव कार्यालय से 6 बार विभागों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई, लेकिन मात्र 28 विभागों ने ही जानकारी दी। शेष 62 विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

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Departments hiding information about sensitive posts of corruption Government expressed displeasure
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जीरो टोलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार को खत्म करने के दावे करने वाली हरियाणा सरकार के आदेशों को उसके विभाग, बोर्ड और निगम की ही गंभीरता से नहीं ले रहे। आलम ये है कि हरियाणा सरकार पिछले 17 माह से सभी विभागों से संवेदनशील पदों (जहां पर भ्रष्टाचार की आशंका है) की जानकारी मांग रही है, लेकिन विभाग इसकी जानकारी देने से बच रहे हैं। सरकार ने विभागों के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताते हुए अंतिम मौका दिया है और 7 दिनों में सूचना देने के आदेश दिए हैं।

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जीरो टोलरेंस नीति के तहत हरियाणा सरकार ने मांगी थी विभागों से संवेदनशील पदों की जानकारी
मुख्य सचिव कार्यालय से 6 बार विभागों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई, लेकिन मात्र 28 विभागों ने ही जानकारी दी। शेष 62 विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। प्रदेश में कुल 53 विभाग और 37 निगम व बोर्ड हैं। सबसे पहले 15 सिंतबर, 2021 को इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाध्यक्षों, एमडी निगम और बोर्ड, आयुक्तों और सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर जानकारी मांगी थी। इसके बाद 20 दिसंबर 2021, 7 अप्रैल 2022, 28 नवंबर 2022 और 28 दिसंबर 2022 को पत्र भेजे।
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7 दिन में सूचना देने का अंतिम मौका
बावजूद इसके विभाग यह जानकारी देने के लिए तैयार नहीं है। अब अंतिम बार मुख्य सचिव ने कड़ी चेतावनी देते हुए दोबारा पत्र लिखा है और तय समय में जानकारी देने के आदेश दिए हैं। आदेशों में कहा गया है कि अगर कोई विभाग, निगम और बोर्ड तय समय पर सूचना नहीं देंगे तो संबंधित विभाग के प्रशासनिक को यह सूचना व्यक्तिगत तौर पर मुख्य सचिव कार्यालय को देनी होगी।

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मांग रखी है तीन साल से अधिक समय से जमे अधिकारियों की भी सूची

हरियाणा सरकार ने सभी विभागों से एक फार्मेट में जानकारी मांगी है। इसमें संवेदनशील पद, तीन साल से अधिक समय से एक सीट पर बैठे अधिकारियों की संख्या, एसओपी के आधार पर बदले अधिकारियों की संख्या, संवेदनशील सीटों पर से तबादले नहीं होने का कारण बताना है।

इन विभागों ने ही दी सूचना
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग, पर्यावरण, वन विभाग, बागवानी, उड्डयन, रोजगार, जेल, पुरातत्व, स्माल, सेविंग एंड लाटरिज, सैनिक व अर्थ सैनिक कल्याण, भू रिकार्ड पीडब्ल्यूडी, तकनीकी शिक्षा, गृह रक्षी।

  • डिविजनल आयुक्त : करनाल डिविजन, हिसार डिविजन।
  • जिला उपायुक्त : हिसार, सिरसा, जींद, फतेहाबाद, फरीदाबाद, यमुनानगर।
  • बोर्ड और निगम : हरेडा, खादी एवं ग्राम उद्योग, सरस्वती हैरिटेज विकास बोर्ड।

जिनमें सबसे अधिक भ्रष्टाचार वो विभाग नहीं दे रहे जानकारी
संवेदनशील पदों की जानकारी नहीं देने वाले विभागों, निगमों और बोर्डों में अधिकतर वो हैं, जिनमें भ्रष्टाचार सबसे अधिक हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो के रिकार्ड की बात करें तो पिछले साल सबसे अधिक भ्रष्टाचार के मामले पुलिस के 46, राजस्व विभाग के 33, बिजली निगमों के 24, शहरी स्थानीय निकायों के 14, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों और परिवहन के 5-5, शिक्षा विभाग के 4, आबकारी व कराधान, सहकारिता के 3-3 मामले पकड़े हैं। उपरोक्त विभागों में से किसी ने भी अपना डाटा उपलब्ध नहीं कराया है।

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