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क्यूआर कोड को न करें स्कैन : दंत चिकित्सक को लगा 1.67 लाख का चूना
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी से दंत चिकित्सक की पढ़ाई कर रहे एक छात्र से 1 लाख 67 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। क्यू आर कोड के जरिए की गई इस ठगी की रिपोर्ट सेक्टर-39 थाने में दर्ज है।
मूलरूप से दिल्ली निवासी अंगद शर्मा ने बताया कि वह चंडीगढ़ के सेक्टर-37/बी स्थित पीजी में रहा है। 30 जून को मोबाइल पर एक फोन आया। फोन पर शख्स ने कहा कि वह दिल्ली स्थित उसके घर का पड़ोसी रविंद्र कुमार बोल रहा है। उसने अपने रिश्तेदार की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती करवाने की बात कहकर इमरजेंसी में 20 हजार रुपये की मांग की। वादा किया कि अगले दो दिन में लौटा देगा। उसने रविंद्र को यूपीआई के जरिए 20 हजार रुपये भेज दिए। अंगद ने बताया कि 6 जुलाई को उसे फोन किया तो उसने अपने एक दोस्त अंकित साहू से संपर्क करने की बात कहकर पैसा लेने को कहा। अंकित को फोन किया तो उसने सत्यापन के लिए 5 रुपये का क्यूआर कोड भेजा। स्कैन करने पर 5 रुपये खाते में आ गए। इसके बाद 15 हजार का क्यूआर कोड भेजा, लेकिन इस बार स्कैन करते ही उसके ही खाते से 15 हजार रुपये कट गए। जब उससे पैसा वापस मांगा तो उसने झांसा देकर 20 हजार का एक और क्यूआर कोड भेजा। इसे स्कैन करने पर 20 हजार कट गए। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर एटीएम की फोटो भेजकर कहा कि अपने एटीएम कार्ड की डिटेल भेज दो। मशीन के जरिए खाते में पैसा डाल दूंगा। यूपीआई से कुछ दिक्कत आ रही है। छात्र ने एटीएम कार्ड की डिटेल भेजी तो उनके पास वन टाइम पासवर्ड आया। जैसे ही ओटीपी बताया तो अलग कई ट्रांजेक्शन में कुल 1.67 लाख रुपये कट गए। इसके बाद उसे ठगे जाने का अहसास हुआ। पुलिस अब शातिर के मोबाइल नंबर के आधार पर इनकी तलाश में जुट गई है।
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मूलरूप से दिल्ली निवासी अंगद शर्मा ने बताया कि वह चंडीगढ़ के सेक्टर-37/बी स्थित पीजी में रहा है। 30 जून को मोबाइल पर एक फोन आया। फोन पर शख्स ने कहा कि वह दिल्ली स्थित उसके घर का पड़ोसी रविंद्र कुमार बोल रहा है। उसने अपने रिश्तेदार की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती करवाने की बात कहकर इमरजेंसी में 20 हजार रुपये की मांग की। वादा किया कि अगले दो दिन में लौटा देगा। उसने रविंद्र को यूपीआई के जरिए 20 हजार रुपये भेज दिए। अंगद ने बताया कि 6 जुलाई को उसे फोन किया तो उसने अपने एक दोस्त अंकित साहू से संपर्क करने की बात कहकर पैसा लेने को कहा। अंकित को फोन किया तो उसने सत्यापन के लिए 5 रुपये का क्यूआर कोड भेजा। स्कैन करने पर 5 रुपये खाते में आ गए। इसके बाद 15 हजार का क्यूआर कोड भेजा, लेकिन इस बार स्कैन करते ही उसके ही खाते से 15 हजार रुपये कट गए। जब उससे पैसा वापस मांगा तो उसने झांसा देकर 20 हजार का एक और क्यूआर कोड भेजा। इसे स्कैन करने पर 20 हजार कट गए। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर एटीएम की फोटो भेजकर कहा कि अपने एटीएम कार्ड की डिटेल भेज दो। मशीन के जरिए खाते में पैसा डाल दूंगा। यूपीआई से कुछ दिक्कत आ रही है। छात्र ने एटीएम कार्ड की डिटेल भेजी तो उनके पास वन टाइम पासवर्ड आया। जैसे ही ओटीपी बताया तो अलग कई ट्रांजेक्शन में कुल 1.67 लाख रुपये कट गए। इसके बाद उसे ठगे जाने का अहसास हुआ। पुलिस अब शातिर के मोबाइल नंबर के आधार पर इनकी तलाश में जुट गई है।
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