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पाकिस्तान में ऐतिहासिक 'बाबा गुरु नानक महल' में तोड़फोड़, कीमती दरवाजे, खिड़कियां और रोशनदान बेचे

Tue, 28 May 2019 12:33 AM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 28 May 2019 12:33 AM IST
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Demolition In Historic Shri Guru Nanak Mahal In Pakistan's Punjab Province
महल में हुआ तोड़फोड़ - फोटो : DAWN

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में नारोवाल जिले के बथनवाला में स्थित चार शताब्दी पूर्व की एक ऐतिहासिक इमारत को जमींदोज कर दिया गया है। स्थानीय लोग इस भवन को ‘बाबा गुरु नानक का महल’ के नाम से पुकारते हैं। जानकारी के अनुसार मुहम्मद अनवर ने इमारत के मालिक होने का दावा किया है। उसी ने इस इमारत को अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ मिलकर जमींदोज किया है।

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उसका दावा है कि विभाजन के बाद उनके पूर्वजों ने इस इमारत में रहना शुरू कर दिया था। उसे नहीं पता कि यह इमारत किसकी संपत्ति हैं। हमने इसे ध्वस्त कर दिया क्योंकि यह इमारत कभी भी गिर सकती थी। देश विभाजन के बाद पाकिस्तान में रह गए ऐतिहासिक गुरुद्वारों और ऐतिहासिक इमारतों के बारे में सर्वे कर रहे कनाडा के एक सिख संगठन ने कुछ वर्ष पूर्व इस इमारत का निरीक्षण भी किया था।
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इसे देखने के बाद इस संगठन ने स्थानीय लोगों से कहा था कि उन्हें इस गांव में छिपे सिख धर्म और इतिहास का खजाना मिल गया है। भारत सहित दुनिया भर के कई सिख इस इमारत में आते थे। सूत्रों ने बताया कि स्थानीय नागरिकों ने औकाफ विभाग को कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा इस इमारत को जमींदोज करने के बारे में सूचित भी किया था लेकिन किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। 

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इमारत की तीन मंजिल पहले ही ध्वस्त हो चुकी थीं। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब नारोवाल जिले में ही है। इस मामले में विभाजन के बाद सभी ऐतिहासिक और धार्मिक इमारतों का रखरखाव करने वाले औकाफ बोर्ड ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं जारी की है।

दीवारों पर बने थे श्री गुरु नानक देव जी के चित्र 
इस इमारत के निर्माण में पुरानी ईंटें, रेत, मिट्टी और चूना पत्थर का प्रयोग किया गया था। इस इमारत में 16 बड़े कमरे थे जिनका निर्माण चौड़ी दीवारों पर किया गया था। इसमें लकड़ी के दरवाजे लगे थे और दरवाजों पर फूलों की नक्काशी की गई थी। इमारत के आसपास की तीन फुट चौड़ी और मजबूत दीवारें खूबसूरत डिजाइनों में छोटी पुरानी ईंटों से बनी थीं और इस पर सिख धर्म के संस्थापक बाबा श्री गुरु नानक देव जी के चित्र बने हुए थे। 

इस इमारत में कई हिंदू शासकों और राजकुमारों के इतिहास के बारे में भित्ति चित्रकला के माध्यम से जानकारी दी गई थी। सूत्रों के अनुसार स्थानीय लोगों के एक समूह ने औकाफ विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कथित तौर पर इस इमारत को आंशिक रूप से ध्वस्त कर देने का आरोप भी लगाया है। इस इमारत की कीमती खिड़कियां, दरवाजे और रोशनदान भी बेच दिए गए। 

 पाकिस्तान के नारोवाल में गुरु नानक महल को गिराया जाना निंदनीय है। एक तरफ सिख जगत श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व की तैयारी कर रहा है। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार गुरु साहिब से संबंधित ऐतिहासिक इमारत को जमींदोज कर रही है। पाकिस्तान सरकार गुरु साहिबान के समय की यादगारों को संभालने में लापरवाही कर रही है। इस संदर्भ में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान और अकाफ बोर्ड को पत्र लिखेंगे। -भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, एसजीपीसी अध्यक्ष 

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