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Chandigarh News: तरनतारन में फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनने की जांच एसआईटी से कराने की मांग
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-हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब किया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तरनतारन में फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनने व इस मामले की जांच विशेष जांच (एसआईटी) दल से करवाने की मांग पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। तरनतारन निवासी सुखबीर सिंह ने बताया कि तरनतारन एक सीमावर्ती जिला है। यहां पर कई बार फर्जी आर्म्स लाइसेंस पकड़े गए है, लेकिन अब भी कुछ राजनेताओं व अधिकारियों की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है जो राज्य व देश के लिए एक बड़ा खतरा है।
याची ने कहा कि उसने इसके खिलाफ कई बार आवाज भी उठाई, लेकिन क्षेत्र के पूर्व व वर्तमान विधायक उसे धमकी दे रहे हैं और उनकी बदौलत फर्जी आर्म्स लाइसेंस का अवैध काम चल रहा है। फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में दर्ज की एफआइआर की सीबीआई या विशेष जांच से जांच करवाने और उसकी व उसके परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा देने की मांग की है। हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब सरकार को इस मामले में जवाब दायर करने का आदेश दिया है। अपनी याचिका में तरनतारन के कई पूर्व व वर्तमान विधायक के अलावा लगभग आधा दर्जन अधिकारियों को मामले में प्रतिवादी बनाया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तरनतारन में फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनने व इस मामले की जांच विशेष जांच (एसआईटी) दल से करवाने की मांग पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। तरनतारन निवासी सुखबीर सिंह ने बताया कि तरनतारन एक सीमावर्ती जिला है। यहां पर कई बार फर्जी आर्म्स लाइसेंस पकड़े गए है, लेकिन अब भी कुछ राजनेताओं व अधिकारियों की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है जो राज्य व देश के लिए एक बड़ा खतरा है।
याची ने कहा कि उसने इसके खिलाफ कई बार आवाज भी उठाई, लेकिन क्षेत्र के पूर्व व वर्तमान विधायक उसे धमकी दे रहे हैं और उनकी बदौलत फर्जी आर्म्स लाइसेंस का अवैध काम चल रहा है। फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में दर्ज की एफआइआर की सीबीआई या विशेष जांच से जांच करवाने और उसकी व उसके परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा देने की मांग की है। हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब सरकार को इस मामले में जवाब दायर करने का आदेश दिया है। अपनी याचिका में तरनतारन के कई पूर्व व वर्तमान विधायक के अलावा लगभग आधा दर्जन अधिकारियों को मामले में प्रतिवादी बनाया है।
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