{"_id":"610c48eb8ebc3e88c86e8448","slug":"demand-for-free-hold-properties-high-chb-sold-12-flats-for-9-80-crores-chandigarh-news-pkl4225691194","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्री होल्ड संपत्तियों की मांग ज्यादा, 9.80 करोड़ में सीएचबी ने बेचे 12 फ्लैट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्री होल्ड संपत्तियों की मांग ज्यादा, 9.80 करोड़ में सीएचबी ने बेचे 12 फ्लैट
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने वीरवार को 46 आवासीय संपत्तियों को बेचने केलिए जारी टेंडर की वित्तीय बोली खोली। सीएचबी इसमें 12 फ्लैट को बेचने में सफल रहा है। इसमें सबसे अधिक बोली सेक्टर-63 के तीन-बैडरूम फ्लैट के लिए 1.07 करोड़ लगी है, जबकि इसका आरक्षित मूल्य एक करोड़ था।
बोर्ड ने इस बार अधिकतम फ्लैट्स के आरक्षित मूल्य में बढ़ोतरी की थी, बावजूद इसके लोगों ने फ्लैट खरीदने में रुचि दिखाई है। बोर्ड को आरक्षित मूल्य 9.22 करोड़ के मुकाबले 9.81 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। बोर्ड की ये संपत्तियां सेक्टर-38वेस्ट, 49, 51 और 63 में बनी हुई हैं। 12 फ्लैट्स के लिए बोर्ड के पास 30 बोली आई थी। सीएचबी की संपत्तियों के लिए आरक्षित मूल्य से ऊपर औसतन 6.50 प्रतिशत तक की बोली लगी है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को 12 अगस्त तक 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। अगर बोलीदाता की ओर से तय समय के अंदर भुगतान नहीं किया जाता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी (बयाना राशि) जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। बोर्ड ने यह साफ किया था कि 18 वर्ष से ऊपर देश के किसी भी राज्य में रहने वाला व्यक्ति इस ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में भाग ले सकता है। मकान खरीदने के लिए एनआरआई भी बोली लगा सकते हैं। अब लीज होल्ड पर 151 व्यावसायिक और 38 आवासीय संपत्तियों के लिए इच्छुक लोग 10 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं।
87 संपत्तियां बेच सीएचबी ने कमाये 70.59 करोड़
शहर में फ्री होल्ड संपत्तियों की मांग काफी अधिक है। सीचबी ने पिछले चार महीने में अपनी फ्री होल्ड आवासीय संपत्तियों की चार बार ई-टेंडरिंग की है। इस दौरान कुल 121 आवासीय संपत्तियों को ई-टेंडरिंग में रखा गया, इसमें बोर्ड 87 फ्री होल्ड संपत्तियां बेचने में सफल रहा है। इससे बोर्ड को 65.55 करोड़ के आरक्षित मूल्य के बदले 70.59 करोड़ की कमाई हुई है। पिछले कई सालों में सीएचबी की नीलामी में ये सबसे ज्यादा कमाई है। वहीं, लीज होल्ड सिर्फ 11 ही संपत्तियां बिकीं हैं। इनमें दो आवासीय और नौ व्यवसायिक संपत्ति है। बोर्ड को इनसे करीब साढ़े छह करोड़ की कमाई हुई है।
विज्ञापन
सेक्टर व वर्ग बिक्री कीमत
सेक्टर-51 (एमआईजी) 1.07 करोड़
सेक्टर-63 (3बीआर) 1.07 करोड़
सेक्टर-49 (2बीआर) 1.01 करोड़
सेक्टर-51 (एमआईजी) 97 लाख
सेक्टर-51 (एमआईजी) 96 लाख
सेक्टर-51 (एमआईजी) 95 लाख
सेक्टर-51 (एमआईजी) 94 लाख
सेक्टर-63 (2बीआर) 76 लाख
सेक्टर-49 ईडब्ल्यूएस 24.65 लाख
विज्ञापन
बोर्ड ने इस बार अधिकतम फ्लैट्स के आरक्षित मूल्य में बढ़ोतरी की थी, बावजूद इसके लोगों ने फ्लैट खरीदने में रुचि दिखाई है। बोर्ड को आरक्षित मूल्य 9.22 करोड़ के मुकाबले 9.81 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। बोर्ड की ये संपत्तियां सेक्टर-38वेस्ट, 49, 51 और 63 में बनी हुई हैं। 12 फ्लैट्स के लिए बोर्ड के पास 30 बोली आई थी। सीएचबी की संपत्तियों के लिए आरक्षित मूल्य से ऊपर औसतन 6.50 प्रतिशत तक की बोली लगी है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को 12 अगस्त तक 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। अगर बोलीदाता की ओर से तय समय के अंदर भुगतान नहीं किया जाता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी (बयाना राशि) जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। बोर्ड ने यह साफ किया था कि 18 वर्ष से ऊपर देश के किसी भी राज्य में रहने वाला व्यक्ति इस ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में भाग ले सकता है। मकान खरीदने के लिए एनआरआई भी बोली लगा सकते हैं। अब लीज होल्ड पर 151 व्यावसायिक और 38 आवासीय संपत्तियों के लिए इच्छुक लोग 10 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं।
विज्ञापन
87 संपत्तियां बेच सीएचबी ने कमाये 70.59 करोड़
शहर में फ्री होल्ड संपत्तियों की मांग काफी अधिक है। सीचबी ने पिछले चार महीने में अपनी फ्री होल्ड आवासीय संपत्तियों की चार बार ई-टेंडरिंग की है। इस दौरान कुल 121 आवासीय संपत्तियों को ई-टेंडरिंग में रखा गया, इसमें बोर्ड 87 फ्री होल्ड संपत्तियां बेचने में सफल रहा है। इससे बोर्ड को 65.55 करोड़ के आरक्षित मूल्य के बदले 70.59 करोड़ की कमाई हुई है। पिछले कई सालों में सीएचबी की नीलामी में ये सबसे ज्यादा कमाई है। वहीं, लीज होल्ड सिर्फ 11 ही संपत्तियां बिकीं हैं। इनमें दो आवासीय और नौ व्यवसायिक संपत्ति है। बोर्ड को इनसे करीब साढ़े छह करोड़ की कमाई हुई है।
विज्ञापन
सेक्टर व वर्ग बिक्री कीमत
सेक्टर-51 (एमआईजी) 1.07 करोड़
सेक्टर-63 (3बीआर) 1.07 करोड़
सेक्टर-49 (2बीआर) 1.01 करोड़
सेक्टर-51 (एमआईजी) 97 लाख
सेक्टर-51 (एमआईजी) 96 लाख
सेक्टर-51 (एमआईजी) 95 लाख
सेक्टर-51 (एमआईजी) 94 लाख
सेक्टर-63 (2बीआर) 76 लाख
सेक्टर-49 ईडब्ल्यूएस 24.65 लाख