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Chandigarh News: शौचालय कर्मियों को डीसी रेट देने की मांग, तीन माह से वेतन न मिलने पर प्रदर्शन
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मनीमाजरा। एमसीसी वर्कर्स यूनियन ने सार्वजनिक शौचालयों पर कार्यरत कर्मचारियों को डीसी रेट पर नियुक्त करने और लंबित वेतन जारी करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का लगातार शोषण हो रहा है और पिछले तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर एवं एमसीसी वर्कर्स यूनियन के प्रधान सुरमुख सिंह ने कहा कि पहले शौचालयों पर कार्यरत कर्मचारियों को डीसी रेट के अनुसार वेतन मिलता था, लेकिन कुछ अधिकारियों और पार्षदों द्वारा व्यवस्था में बदलाव कर काम निजी संस्थाओं को सौंप दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों का वेतन घटकर आठ से दस हजार रुपये प्रतिमाह रह गया, जबकि पहले उन्हें 20 हजार रुपये से अधिक वेतन मिलता था। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से एमओयू व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को दोबारा डीसी रेट लागू करने की मांग की।
यूनियन के महासचिव रविंद्र बिंदु और हरशरण सिंह ने बताया कि संबंधित संस्था ने फरवरी के बाद से किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं दिया है। तीन महीने तक वेतन न मिलने से कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने निगम प्रशासन से संस्था के खिलाफ कार्रवाई कर कर्मचारियों का शोषण रोकने की मांग की।
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ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर एवं एमसीसी वर्कर्स यूनियन के प्रधान सुरमुख सिंह ने कहा कि पहले शौचालयों पर कार्यरत कर्मचारियों को डीसी रेट के अनुसार वेतन मिलता था, लेकिन कुछ अधिकारियों और पार्षदों द्वारा व्यवस्था में बदलाव कर काम निजी संस्थाओं को सौंप दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों का वेतन घटकर आठ से दस हजार रुपये प्रतिमाह रह गया, जबकि पहले उन्हें 20 हजार रुपये से अधिक वेतन मिलता था। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से एमओयू व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को दोबारा डीसी रेट लागू करने की मांग की।
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यूनियन के महासचिव रविंद्र बिंदु और हरशरण सिंह ने बताया कि संबंधित संस्था ने फरवरी के बाद से किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं दिया है। तीन महीने तक वेतन न मिलने से कर्मचारी और उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने निगम प्रशासन से संस्था के खिलाफ कार्रवाई कर कर्मचारियों का शोषण रोकने की मांग की।
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