{"_id":"57d6d34e4f1c1bb53dd47270","slug":"delhi-classical-dancer-priya-bharatnatyam-performance-in-prachin-kala-kendra-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राचीन कला केंद्र में दिल्ली की कलाकार का भरतनाट्यम, खूब बजी तालियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राचीन कला केंद्र में दिल्ली की कलाकार का भरतनाट्यम, खूब बजी तालियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Sep 2016 09:51 PM IST
विज्ञापन
प्राचीन कला केंद्र में भारतनाट्यम की प्रस्तुति
- फोटो : अमर उजाला
प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ में सोमवार को दिल्ली की युवा नृत्यांगना प्रिया श्रीनिवासन ने भरतनाट्यम पर प्रस्तुति दी, जिसने खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रिया ने तुलसीदास द्वारा रचित भजन ‘‘श्री रामचंद्र कृपालु भजमन’’ से की।
राग हंसध्वनि और ताल मिश्र चप्पू में निबद्ध इस रचना पर प्रिया ने नृत्य पेश करके अपनी प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया। इसके बाद सूरदास के भजन ‘‘बूझता शाम कौन तू गौरी’’ पर भावपूर्ण नृत्य पेश करके प्रिया ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
इस भजन में प्रिया ने नृत्य के माध्यम से राधा और कृष्ण की पहली मुलाकात का सुंदर चित्रण किया। इस भजन को प्रिया की गुरु लीला सैमसन ने निर्देशित किया है। कार्यक्रम का समापन प्रिया ने भरतनाट्यम के पारम्परिक तिल्लाना से किया। इसमें प्रिया ने अपने बेहतरीन भाव, अभिनय, ताल एवं नृत्य पर अपनी मजबूत पकड़ को बखूबी दर्शाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
राग हंसध्वनि और ताल मिश्र चप्पू में निबद्ध इस रचना पर प्रिया ने नृत्य पेश करके अपनी प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया। इसके बाद सूरदास के भजन ‘‘बूझता शाम कौन तू गौरी’’ पर भावपूर्ण नृत्य पेश करके प्रिया ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
विज्ञापन
इस भजन में प्रिया ने नृत्य के माध्यम से राधा और कृष्ण की पहली मुलाकात का सुंदर चित्रण किया। इस भजन को प्रिया की गुरु लीला सैमसन ने निर्देशित किया है। कार्यक्रम का समापन प्रिया ने भरतनाट्यम के पारम्परिक तिल्लाना से किया। इसमें प्रिया ने अपने बेहतरीन भाव, अभिनय, ताल एवं नृत्य पर अपनी मजबूत पकड़ को बखूबी दर्शाया।
विज्ञापन