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Haryana: पांच राज्यों के चुनाव तय करेंगे आप-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे का फार्मूला, इन जिलों पर दावा
Wed, 15 Nov 2023 03:54 PM IST
निवेदिता वर्मा
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 15 Nov 2023 03:54 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारे हैं। आप के उम्मीदवार आने से कुछ सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन राज्यों में चुनाव प्रचार कर भी कर चुके हैं। यदि इन राज्यों में आप को अच्छे नतीजे मिलते हैं तो पार्टी हरियाणा समेत अन्य राज्यों में अपना मजबूत दावा पेश कर सकती है।
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aap Congress
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर फैसला पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद होगा। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणाम तीन दिसंबर को आने हैं। इन राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद आईएनडीआईए गठबंधन की बैठक में सीट बंटवारें का फॉर्म्यूला तय होना है। हालांकि इस बीच कांग्रेस और आप के नेताओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर अलग-अलग बयानबाजी कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: मोहाली में अनोखी चोरी: चमचमाती कार में आईं दो युवतियां, घर के बाहर से गमले चुराकर ले गईं, वीडियो वायरल
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता कह चुके हैं कि यदि लोकसभा सीटों को लेकर गठबंधन होता है तो वह हरियाणा में दस में से पांच सीटें लेंगे। उनका तर्क है कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी का संगठन मजबूत स्थिति में है। जबकि कांग्रेस नौ साल बाद भी अपना संगठन तैयार नहीं कर सकी है। इससे कम पर बात नहीं मानेंगे। वहीं, कांग्रेस नेता एक भी सीट देने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कई बार प्रेस कांफ्रेंस व जनसभाओं में दोहरा चुके हैं कि पार्टी दस सीटों पर लड़ने के लिए सक्षम है। कांग्रेस को किसी भी पार्टी से समझौता करने की जरूरत नहीं है। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया भी आम आदमी पार्टी के नेताओं के दावे खारिज कर चुके हैं।
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पार्टी की यह है योजना
आम आदमी पार्टी मजबूती से लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। पार्टी ने हर लोकसभा सीट के लिए प्रभारी नियुक्त कर दिया है। प्रभारी की जिम्मेदारी पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों को दी गई है। उनकी देखरेख में ही हर लोकसभा में तैयारी की जा रही है। वहीं, पार्टी 11 हजार पदाधिकारियों की नियुक्ति कर चुकी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि आप लोकसभा की दसों सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जहां तक सीट बंटवारे का मसला है यदि सहमति बनती है तो पार्टी उन सीटों पर अपना दावा पेश करेगी, जो पंजाब से लगती सीटे हैं। यह सीटें सिरसा, कुरुक्षेत्र और अंबाला की हैं। पार्टी की सोच है कि पंजाब में उसे अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। इसका फायदा उन्हें पंजाब की सीमाओं से लगती सीटों पर भी मिल सकता है। बाकी पांच विधानसभा चुनाव के नतीजे भी काफी कुछ तय करेंगे।
विधानसभा चुनाव में नतीजे अच्छे तो दावेदारी मजबूत होगी
आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारे हैं। आप के उम्मीदवार आने से कुछ सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन राज्यों में चुनाव प्रचार कर भी कर चुके हैं। यदि इन राज्यों में आप को अच्छे नतीजे मिलते हैं तो पार्टी हरियाणा समेत अन्य राज्यों में अपना मजबूत दावा पेश कर सकती है। उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने अच्छे वोट हासिल किए थे। पांच जगहों पर पार्टी को जीत हासिल हुई थी, वहीं 35 सीटों पर वह दूसरे नंबर पर रही थी। कहीं न कहीं पार्टी ने कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया था और इसका सीधा लाभ भाजपा उम्मीदवारों को मिला था। पार्टी को इन चुनावों में अच्छा वोट प्रतिशत मिलता है तो लोकसभा सीटों के बंटवारे पर पार्टी अपना मजबूत प्रभाव छोड़ेगी।
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आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता कह चुके हैं कि यदि लोकसभा सीटों को लेकर गठबंधन होता है तो वह हरियाणा में दस में से पांच सीटें लेंगे। उनका तर्क है कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी का संगठन मजबूत स्थिति में है। जबकि कांग्रेस नौ साल बाद भी अपना संगठन तैयार नहीं कर सकी है। इससे कम पर बात नहीं मानेंगे। वहीं, कांग्रेस नेता एक भी सीट देने को तैयार नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कई बार प्रेस कांफ्रेंस व जनसभाओं में दोहरा चुके हैं कि पार्टी दस सीटों पर लड़ने के लिए सक्षम है। कांग्रेस को किसी भी पार्टी से समझौता करने की जरूरत नहीं है। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया भी आम आदमी पार्टी के नेताओं के दावे खारिज कर चुके हैं।
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पार्टी की यह है योजना
आम आदमी पार्टी मजबूती से लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। पार्टी ने हर लोकसभा सीट के लिए प्रभारी नियुक्त कर दिया है। प्रभारी की जिम्मेदारी पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों को दी गई है। उनकी देखरेख में ही हर लोकसभा में तैयारी की जा रही है। वहीं, पार्टी 11 हजार पदाधिकारियों की नियुक्ति कर चुकी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि आप लोकसभा की दसों सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जहां तक सीट बंटवारे का मसला है यदि सहमति बनती है तो पार्टी उन सीटों पर अपना दावा पेश करेगी, जो पंजाब से लगती सीटे हैं। यह सीटें सिरसा, कुरुक्षेत्र और अंबाला की हैं। पार्टी की सोच है कि पंजाब में उसे अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। इसका फायदा उन्हें पंजाब की सीमाओं से लगती सीटों पर भी मिल सकता है। बाकी पांच विधानसभा चुनाव के नतीजे भी काफी कुछ तय करेंगे।
विधानसभा चुनाव में नतीजे अच्छे तो दावेदारी मजबूत होगी
आम आदमी पार्टी ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारे हैं। आप के उम्मीदवार आने से कुछ सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन राज्यों में चुनाव प्रचार कर भी कर चुके हैं। यदि इन राज्यों में आप को अच्छे नतीजे मिलते हैं तो पार्टी हरियाणा समेत अन्य राज्यों में अपना मजबूत दावा पेश कर सकती है। उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने अच्छे वोट हासिल किए थे। पांच जगहों पर पार्टी को जीत हासिल हुई थी, वहीं 35 सीटों पर वह दूसरे नंबर पर रही थी। कहीं न कहीं पार्टी ने कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया था और इसका सीधा लाभ भाजपा उम्मीदवारों को मिला था। पार्टी को इन चुनावों में अच्छा वोट प्रतिशत मिलता है तो लोकसभा सीटों के बंटवारे पर पार्टी अपना मजबूत प्रभाव छोड़ेगी।