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Hindi News ›   Chandigarh ›   Decision of One MLA and one pension challenged in High Court

One MLA-One Pension: छह पूर्व विधायकों ने फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती, पंजाब सरकार को नोटिस

Fri, 16 Sep 2022 06:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 16 Sep 2022 06:52 PM IST
सार

पंजाब सरकार के एक विधायक-एक पेंशन के निर्णय के खिलाफ पूर्व विधायक राकेश पांडेय, लाल सिंह, सरवन सिंह, सोहन लाल ठंडल, मोहन लाल और गुरविंदर सिंह अटवाल ने हाईकोर्ट को बताया कि 24 अगस्त को एक पत्र जारी कर विधायकों की पेंशन कम करने का निर्णय लिया गया है। पंजाब सरकार के इस निर्णय से एक बार विधायक रहे व्यक्ति और कई बार विधायक रहे एक बराबर हो गए हैं। 

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Decision of One MLA and one pension challenged in High Court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक विधायक-एक पेंशन के पंजाब सरकार के निर्णय को छह पूर्व विधायकों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में अपील की गई है कि लाभार्थी पूर्व विधायकों से लाभ न छीना जाए और कानून बनने के बाद विधायक बनने वालों पर इसे लागू किया जाए। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

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पंजाब सरकार के एक विधायक-एक पेंशन के निर्णय के खिलाफ पूर्व विधायक राकेश पांडेय, लाल सिंह, सरवन सिंह, सोहन लाल ठंडल, मोहन लाल और गुरविंदर सिंह अटवाल ने हाईकोर्ट को बताया कि 24 अगस्त को एक पत्र जारी कर विधायकों की पेंशन कम करने का निर्णय लिया गया है। पंजाब सरकार के इस निर्णय से एक बार विधायक रहे व्यक्ति और कई बार विधायक रहे एक बराबर हो गए हैं। 
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इस निर्णय के बाद कई बार विधायक रहने वालों को भी उतनी ही पेंशन मिलेगी जितनी एक बार विधायक रहने वालों को मिलती है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार के इस निर्णय से दशकों तक विधायक रहने वालों को उनके बराबर लाकर खड़ा कर दिया गया है जो बिल्कुल नए हैं। इसके अलावा यह दलील भी दी गई कि कोई भी कानून या निर्णय उस दिन से लागू होता है जिस दिन कानून बनाया जाता है न कि पिछली तारीख से।
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पिछली तारीख से कानून को लागू करना संवैधानिक रूप से गलत है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो इस कानून को भविष्य के लिए लागू कर सकती है लेकिन वर्तमान में लाभ ले रहे लोगों से इस लाभ को छीनना गलत है। याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई कि पंजाब सरकार के इस निर्णय को रद्द किया जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

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