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Chandigarh News: सड़क हादसे में मरने वाले जवानों की मदद के लिए एक दिन का वेतन देने पर छिड़ी बहस
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चंडीगढ़। होलिका दहन की रात को जीरकपुर बैरियर पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले यूटी पुलिस के कांस्टेबल सुखदर्शन व होमगार्ड जवान राजेश के परिजनों की वित्तीय मदद करने को लेकर विवाद हो गया है। पुलिस मुख्यालय ने जवानों को एक दिन का वेतन देने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए है। हालांकि कुछ जवान व दंपती पुलिसकर्मी एक दिन की सैलरी देने के हक में नहींं हैं, क्योंकि उनका कहना है कि वह पहले ही हर महीने 300 रुपये वेलफेयर फंड में कटवा रहे हैं।
14 मार्च को तड़के 2 बजे जीरकपुर बैरियर पर सड़क हादसे में कांस्टेबल सुखदर्शन और होमगार्ड राजेश की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई थी। वह नियमित चेकिंग ड्यूटी कर रहे थे, इसलिए पुलिस मुख्यालय ने इस हादसे के दो दिन बाद एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि चंडीगढ़ पुलिस विभाग सभी कर्मचारियों से अनुरोध कर रहा है कि वे शहीद सहकर्मियों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता कोष में योगदान दें।
वह चंडीगढ़ पुलिस सदस्य का एक दिन का वेतन दान करने का इरादा रखते हैं। जो लोग योगदान नहीं करना चाहते हैं, वे कृपया 7 सात दिन में अपने यूनिट प्रभारी के माध्यम से एसपी मुख्यालय कार्यालय में अनुरोध प्रस्तुत करें। इस मैसेज के बाद यूटी पुलिस जवानों के व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ जवानों ने लिखा कि इससे पहले भी पिछले कुछ महीनों में चंडीगढ़ पुलिस के कई जवानों की अलग-अलग सड़क हादसों में जान गई है। अगर आर्थिक तौर पर मदद करनी है तो सबकी की जाए। इस मैसेज के बाद काफी जवानों ने हामी भरी। वहीं, कुछ जवानों ने कहा कि वह पहले ही हर महीने अपनी सैलरी से 300 रुपये महीना वेलफेयर फंड में कटवा रहे हैं।
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लिस दंपती को डबल चपत
यूटी पुलिस में काफी दंपती जवान भी एक साथ नौकरी कर रहे हैं। ग्रुप में कुछ जवानों ने लिखा कि अगर एक दिन की सैलरी कटती है तो उनकी पत्नी के खातों में से भी पैसे कटेंगे। ऐसे में उन्हें डबल पैसे देने होंगे। पुलिस जवानाें का कहना है कि उनके खातों से तो पैसे कट जाएंगे, लेकिन आईपीएस अधिकारियों के खातों से एक दिन की सैलरी कौन काटेगा जिनकी सैलरी ही केंद्र द्वारा रिलीज की जाती है।
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14 मार्च को तड़के 2 बजे जीरकपुर बैरियर पर सड़क हादसे में कांस्टेबल सुखदर्शन और होमगार्ड राजेश की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई थी। वह नियमित चेकिंग ड्यूटी कर रहे थे, इसलिए पुलिस मुख्यालय ने इस हादसे के दो दिन बाद एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि चंडीगढ़ पुलिस विभाग सभी कर्मचारियों से अनुरोध कर रहा है कि वे शहीद सहकर्मियों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता कोष में योगदान दें।
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वह चंडीगढ़ पुलिस सदस्य का एक दिन का वेतन दान करने का इरादा रखते हैं। जो लोग योगदान नहीं करना चाहते हैं, वे कृपया 7 सात दिन में अपने यूनिट प्रभारी के माध्यम से एसपी मुख्यालय कार्यालय में अनुरोध प्रस्तुत करें। इस मैसेज के बाद यूटी पुलिस जवानों के व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ जवानों ने लिखा कि इससे पहले भी पिछले कुछ महीनों में चंडीगढ़ पुलिस के कई जवानों की अलग-अलग सड़क हादसों में जान गई है। अगर आर्थिक तौर पर मदद करनी है तो सबकी की जाए। इस मैसेज के बाद काफी जवानों ने हामी भरी। वहीं, कुछ जवानों ने कहा कि वह पहले ही हर महीने अपनी सैलरी से 300 रुपये महीना वेलफेयर फंड में कटवा रहे हैं।
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लिस दंपती को डबल चपत
यूटी पुलिस में काफी दंपती जवान भी एक साथ नौकरी कर रहे हैं। ग्रुप में कुछ जवानों ने लिखा कि अगर एक दिन की सैलरी कटती है तो उनकी पत्नी के खातों में से भी पैसे कटेंगे। ऐसे में उन्हें डबल पैसे देने होंगे। पुलिस जवानाें का कहना है कि उनके खातों से तो पैसे कट जाएंगे, लेकिन आईपीएस अधिकारियों के खातों से एक दिन की सैलरी कौन काटेगा जिनकी सैलरी ही केंद्र द्वारा रिलीज की जाती है।