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बच्ची से दुष्कर्म-हत्या के दोषी को मृत्युदंड: हाईकोर्ट ने बताया राक्षसी कृत्य, कहा-जल्लाद नियुक्त करें

Thu, 17 Apr 2025 08:27 AM IST
निवेदिता वर्मा विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 17 Apr 2025 08:27 AM IST
सार

गुरुग्राम में चार साल की मासूम के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया था। इसके बाद आरोपी ने उसकी हत्या कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने फैसले पर मुहर लगा दी है।

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Death penalty to accused of misdeed and murdering four year old girl High Court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुरुग्राम में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या को राक्षसी कृत्य मानते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दोषी को मौत की सजा सुनाई है। साथ ही उसकी फांसी के लिए जिला मजिस्ट्रेट को जल्लाद नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। 
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फैसले में कोर्ट ने कहा कि मामला एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद जघन्य हत्या से जुड़ा है। यह दोषी के अमानवीय और राक्षसी आचरण का उदाहरण है। दोषी ने अपनी यौन वासना और असामान्य यौन इच्छा को संतुष्ट करने के लिए एक बच्ची की जान ले ली, इसलिए अपील के लिए तय अवधि पूरी होने के बाद फांसी के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए।
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चीज दिलाने के बहाने साथ ले गया

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि बच्ची के परिवार के पड़ोस में रहने वाले सुनील ने बच्ची को 10 रुपये देने चाहे और उसके गालों को छुआ। जब उसने पैसे लेने से मना कर दिया तो वह उसे खाने की चीज दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद से बच्ची गायब हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और 19 नवंबर को सुनील को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 21 फरवरी 2024 को सुनील को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई और इस पर मोहर के लिए हाईकोर्ट में रेफरेंस भेजा था।

दोषी ने उम्र के आधार पर मांगी थी रहम

दूसरी ओर, जिला अदालत के आदेशके खिलाफ सुनील ने अपील दाखिल की थी। अपील में उसने मर्डर रेफरेंस को मंजूरी न देने का आग्रह किया था। इसके पीछे तर्क दिया कि यह दुर्लभतम मामला नहीं है। अभी उसकी उम्र केवल 23 साल है और ऐसे में उस पर रहम किया जाए। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही पाया और सुनील की अपील को खारिज कर दिया।

लावारिस हालत में मिली थी बच्ची, मुंह पर था लिफाफा

पुलिस एफआईआर के अनुसार, 12 नवंबर 2018 को बच्ची की लाश लावारिस हालत में मिली थी। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे औैर शव लहूलुहान था। बच्ची के चेहरे को प्लास्टिक बैग (लिफाफा) से ढका गया था ताकि उसकी पहचान न हो। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के परिजनों को ढूंढकर पिता का बयान दर्ज किया। बच्ची का परिवार मूलरूप से बंगाल का रहने वाला है और गुरुग्राम में दिहाड़ी-मजदूरी करके घर चलाता है।
 
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