निर्मल डेरा बाबा अजीत सिंह हंसाली वाले नहीं रहे
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निर्मल डेरा हंसाली के संचालक संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वाले का वीरवार रात निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। संत बाबा को वीरवार रात साढ़े आठ बजे सांस लेने में दिक्कत हुई। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सेवादारों को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा लेकिन करीब 9.30 बजे डेरा निर्मल आश्रम हंसाली में ही संत बाबा अजीत सिंह ने अंतिम सांस ली।
हालांकि श्रद्धालुओं की जिद पर उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके अकाल प्रस्थान की पुष्टि की। इसके बाद उनका मृत शरीर डेरे में लाया गया और उनके मुख्य सेवादार परमजीत सिंह, संत बाबा राम सिंह गंढूआ वाले, संत बाबा गुरचरन सिंह आदि की देखरेख में श्री सुखमनी साहिब के पाठ शुरू करवाए गए।
कल होगा पवित्र देह का विसर्जन
संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वाले का पार्थिव शरीर रविवार को नंगल स्थित भपौर साहिब नदी में विसर्जित किया जाएगा।
पार्थिव शरीर रविवार सुबह पहले भरतगढ़ डेरा, फतेहगढ़ साहिब में एक अन्य डेरा से होते हुए मोरिंडा से काईनोर, रोपड़ से होता हुआ भपौर साहिब ले जाया जाएगा।
कमांडेंट एसएस बोपाराय ने बताया कि संत महापुरुषों की तरफ से शुरू की गई रिवायत के मुताबिक ही संत बाबा अजीत सिंह का शरीर जल प्रवाह किया जाएगा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वाले के निधन से श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई है। देश भर से संगत डेरे में आ रही है। उनके पार्थिव शरीर के दर्शनों के लिए 5-5 किलोमीटर तक की लंबी कतारें लग गई हैं।
श्रद्धालुओं को जैसे ही संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वाले के निधन का पता लगा, वे रात में ही नंगे पांव सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए डेरे की तरफ चल पड़े। शुक्रवार शाम करीब चार बजे केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी डेरा पहुंचकर संत बाबा के अंतिम दर्शन किए।
जिलाधीश कमलदीप सिंह संघा, जिला पुलिस प्रमुख गुरमीत सिंह रंधावा व पांच कमांडो पुलिस बहादरगढ़ के कमांडेंट एसएस बोपाराय ने मौके पर पहुंच कर श्रद्धालुओं के लिए सभी पुख्ता प्रबंध किए और उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए रखवाया। रविवार तक डेरे में 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के संत बाबा के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचने का अनुमान है।
युवराज ने ट्वीट करके दी श्रद्धांजलि
क्रिकेटर युवराज सिंह ने बाबा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और ट्विटर पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपनी प्रोफाइल पिक की जगह संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वालों की फोटो लगाई।
युवराज का ट्वीट
संत बाबा अजीत सिंह जी नहीं रहे। पीड़ा और दुख इतना ज्यादा है कि व्यक्त नहीं कर सकता। ईश्वर का संदेशवाहक चला गया।
वर्ल्ड कप में सफलता का श्रेय बाबा को दिया था युवराज ने
युवराज सिंह तो अपने बेहतर खेल और जानलेवा बीमारी कैंसर को हराने के पीछे इन्हीं बाबा जी का आशीर्वाद बताते हैं। वर्ल्ड कप क्रिकेट में जब भारत जीता था तो मैन ऑफ द सीरीज चुने जाने पर युवराज सिंह ने ट्राफी लेने के बाद कहा था कि मेरी सफलता का श्रेय बाबा अजीत सिंह जी हंसाली वाले को जाता है।
जब वह बुरे दौर से गुजर रहे थे तब फतेहगढ़ साहिब जिले के संत अजीत सिंह जी ने उनकी मदद की। उनके गुरूजी ने एक ही मंत्र दिया,” शांत रहो, चीजें खुद ब खुद सही हो जाएगी।” ऐसा हुआ भी।
सेलेक्टर द्वारा भारतीय टीम न चुने जाने के बावजूद पंजाब की ओर से खेलते हुए युवराज सिंह लगातार तीन शतक जमा चुके हैं। इस बेहतर प्रदर्शन को भी युवराज ने बाबा जी की दुआओं का सदका बताया।
हरभजन सिंह, मेनका गांधी के धार्मिक गुरु रहे बाबा
संत बाबा अजीत सिंह जी हंसाली वाले क्रिकेटर युवराज सिंह, हरभजन सिंह, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के धार्मिक गुरु रहे हैं। सभी समय-समय पर उनके डेरे में आशीर्वाद लेने आते-जाते रहते थे। यहां तक कि पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत के बाद प्रकाश सिंह बादल भी सपरिवार बाबा जी के दर्शन करने पहुंचे थे।
इसी साल 26 अक्तूबर को केंद्रीय स्त्री एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी अपनी पोती होने की खुशी में डेरा हंसाली में नतमस्तक होने पहुंची थीं। मेनका ने संत बाबा अजीत सिंह जी हंसाली वालों से आशीर्वाद लिया।
मेनका गांधी की इस दौरे को गुप्त रखा गया था। भाजपा या अकाली दल के स्थानीय नेता भी इस दौरे से अनजान ही रहे। इससे पहले मेनका गांधी 1 जून को भी डेरा हंसाली आई थी और संत बाबा जी से आशीर्वाद लिया था।
बादल परिवार भी पहुंचा हाजिरी लगाने
9 मार्च 2012 को पंजाब विधानसभा चुनावों में हुई जीत के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अपने परिवार के साथ डेरा हंसाली में बाबा जी का आशीर्वाद लेने सपरिवार हाजिरी लगाने पहुंचे। बादल परिवार में शामिल उप मुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर, यूथ शिअद अध्यक्ष व्रिकमजीत सिंह मजीठियां भी शामिल थे।
वरुण गांधी, हरभजन सिंह ने दी श्रद्धांजलि
भाजपा नेता वरुण गांधी ने अभी हाल ही में 15 दिसंबर को डेरा हंसाली पहुंच डेरा मुखी संत बाबा अजीत सिंह का आशीर्वाद लिया। वरुण ने काफी समय डेरे में बिताया और डेरे की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। वरुण ने पत्रकारों से कोई बात नहीं की। बस यही कहा कि वह बाबा जी के दर्शन के लिए आए थे।
हरभजन सिंह कहते हैं कि विश्वकप में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में जब सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग आउट हो गए तो मैंने तहेदिल से बाबा जी से अरदास की कि इस बार बेड़ा पार लगा दो। उनकी दुआओं से ही हमारा विश्व कप जीतने का सपना पूरा हो पाया।”
प्रिंस चार्ल्स भी आ चुके हैं निर्मल डेरा
इंग्लैंड के युवराज प्रिंस चार्ल्स भी अपनी पत्नी संग डेरा हंसाली पहुंचकर संत बाबा अजीत सिंह से आशीर्वाद ले चुके हैं। फिल्म स्टार अजय देवगन और काजोल के अलावा आईएएस, आईपीएस, पीपीएस अधिकारी भी बाबा के श्रद्धालु हैं।
प्रिंस चार्ल्स अपनी पत्नी संग 4 अक्तूबर 2010 को फतेहगढ़ साहिब के डेरा हंसाली में संत बाबा अजीत सिंह से आशीर्वाद लेने के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने यहां की विभन्न्न फसलों की जानकारी ली थी।
लोक कल्याण के लिए बनाया निर्मल डेरा ट्रस्ट
संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वाले का जन्म भरतगढ़ में हुआ था। हंसाली आकर उन्होंने निर्मल डेरे की स्थापना की। उन्होंने हजारों गरीब लड़कियों की शादी करवाई और निर्मल डेरा नामक एक ट्रस्ट बनाया। निर्मल डेरा ट्रस्ट की ओर से लड़कियों के लिए गुरु हरगोबिंद साहिब खालसा कॉलेज फॉर वुमन चलाया जा रहा है।
इसके अलावा ट्रस्ट की ओर से कई अस्पताल चल रहे हैं। संत बाबा अजीत सिंह के नाम पर कुछ नहीं है, जो भी है, वो ट्रस्ट के नाम पर ही है। इनका किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं था और राजनीतिक लोग खुद इनकी शरण में आते थे।
श्री गुरु हरगोबिंद साहिब संत निर्मल डेरा हंसाली, खेड़ा फतेहगढ़ साहिब ट्रस्ट के सचिव डॉ. धर्मवीर सिंह और रजेंद्र सिंह गरेवाल ने बताया कि ट्रस्ट, डेरा और धार्मिक संस्थाओं की सहमति से डेरे की संभाल की जिम्मेवारी उनके मुख्य सेवादार सेवादार भाई परमजीत सिह को दी गई है।
निर्मल डेरा हंसाली की ओर से सरकारी प्राइमरी स्कूल, गुरु हरगोबिंद साहिब सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरु हरगोबिंद साहिब गर्ल्स कालेज, गुरु हरगोबिंद साहिब अस्पताल, गुरु हरगोबिंद साहिब दांतों का अस्पताल चल रहे हैं।