{"_id":"69163b490c790408a80b7ee8","slug":"death-in-a-road-accident-compensation-of-rs-54-lakh-to-the-family-chandigarh-news-c-16-pkl1079-870549-2025-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: सड़क हादसे में गई जान, परिवार को 54 लाख का मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: सड़क हादसे में गई जान, परिवार को 54 लाख का मुआवजा
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने चार साल पुराने सड़क हादसे के मामले में सुनवाई के बाद पीड़ित परिवार को 54.04 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
सेक्टर-15 पंचकूला निवासी तारा प्रसाद हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। 16 जून 2021 की शाम वे अपने दोस्त से मिलकर साइकिल से लौट रहे थे तभी चंडीमंदिर टोल प्लाजा के पास राजस्थान नंबर के ट्रक (आरजे25जीए2276) ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में तारा प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई जबकि ट्रक चालक रघुबीर सिंह मौके से भाग गया था।
परिवार ने ट्रक चालक, मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। शुरू में पुलिस ने गलत ट्रक नंबर दर्ज किया था लेकिन जांच में सही वाहन और चालक की पुष्टि हुई। बीमा कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हुए कहा कि हादसे वाले ट्रक की पहचान बदली गई है परंतु ट्रिब्यूनल ने कंपनी की सभी दलीलें खारिज कर दीं। अदालत ने कहा कि साक्ष्य स्पष्ट हैं और दुर्घटना इसी ट्रक से हुई थी। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मुआवजे की पूरी राशि ब्याज सहित तारा प्रसाद के परिजनों को अदा करे।
विज्ञापन
सेक्टर-15 पंचकूला निवासी तारा प्रसाद हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। 16 जून 2021 की शाम वे अपने दोस्त से मिलकर साइकिल से लौट रहे थे तभी चंडीमंदिर टोल प्लाजा के पास राजस्थान नंबर के ट्रक (आरजे25जीए2276) ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में तारा प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई जबकि ट्रक चालक रघुबीर सिंह मौके से भाग गया था।
विज्ञापन
परिवार ने ट्रक चालक, मालिक और बीमा कंपनी के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। शुरू में पुलिस ने गलत ट्रक नंबर दर्ज किया था लेकिन जांच में सही वाहन और चालक की पुष्टि हुई। बीमा कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हुए कहा कि हादसे वाले ट्रक की पहचान बदली गई है परंतु ट्रिब्यूनल ने कंपनी की सभी दलीलें खारिज कर दीं। अदालत ने कहा कि साक्ष्य स्पष्ट हैं और दुर्घटना इसी ट्रक से हुई थी। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह मुआवजे की पूरी राशि ब्याज सहित तारा प्रसाद के परिजनों को अदा करे।
विज्ञापन